सूबे के सभी होटल व लॉज बनेंगे आइसोलेशन वार्ड :मुख्यमंत्री

0
34

राज्य में कोरोना वायरस के खतरे से निपटने के लिए राज्य सरकार ने युद्धस्तर पर अपनी तैयारी जारी रखी है। इसी कड़़ी में राज्य सरकार ने सभी जिलों में होटल‚लॉज को आइसोलेशन वार्ड के रूप में चिह्नित किया है। वहीं बिहार में बाहर से अब तक १ लाख ८० हजार ६५२ लोग आये हैं और उनकी स्क्रीनिंग करायी जा रही है। गरुड एप’ के माध्यम से इन लोगों पर सघन निगरानी रखी जा रही है। कोरोना वायरस से उपजे हालात को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को १ अणे मार्ग स्थित नेक संवाद में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।

बैठक में जहां बाहर से बिहार आये लोगों तथा बाहर फंसे बिहारियों की समस्याओं के समाधान के लिए किये जा रहे कार्यों की समीक्षा हुई‚वहीं एईएस तथा बर्ड एवं स्वाइन फ्लू को लेकर भी पदाधिकारियों को अभी से सचेत रहने की हिदायत दी गयी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले से सतर्क रहने से परिस्थिति उत्पन्न होने पर उसे नियंत्रित किया जा सकेगा। संभावित क्षेत्रों में सभी प्रकार के सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित करने एवं सम्पूर्ण स्वच्छता का ध्यान रखने की जरूरत है। सीएम ने कोरोना मरीजों के इलाज में लगे डॉक्टरों‚ नर्सों एवं मेडिकल स्टाफ की सुविधाओं का ख्याल रखने को भी कहा। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने राज्य में कोरोना संक्रमण के संबंध में जिलावार कॉन्टैक्ट टे्रसिंग एवं सैम्पल कलेक्शन की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेजों तथा जिला व अनुमंडलीय अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड के लिए ५‚५०० बेड तैयार किये गये हैं। अन्य निजी अस्पतालों को भी चिह्नित किया गया है। राज्य के जिलों में होटल‚ लॉज को भी आइसोलेशन वार्ड के रूप में चिह्नित किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में आरएमआरआई‚ आईजीआईएमएस‚ पीएमसीएच में कोरोना संक्रमण की जांच की सुविधा उपलब्ध है। मंगलवार से एवं डीएमसीएच में भी यह सुविधा उपलब्ध हो गयी है। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग बाहर से बिहार आये हैं‚ उनकी स्क्रीनिंग‚ भोजन एवं आवासन के साथ–साथ चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध करायी जाए। राज्य के सीमावर्ती जिलों में आपदा सीमा राहत केंद्रों में पूरी व्यवस्था रखें। गांवों के स्कूलों में लोगों के आवासन एवं भोजन की उचित व्यवस्था रखें और उन केंद्रों पर सरकारी कर्मचारी को प्रभारी बनाकर बेहतर ढंग से काम कराएं। मुखिया‚सरपंच एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि के माध्यम से भी समुचित प्रबंध रखें।
पटना जैसे शहरों में काम करने वाले मजदूरों के लिए जो राहत केंद्र चलाए जा रहे हैं‚जरूरत पडे तो उनकी संख्या बढाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग बिहार के बाहर अन्य राज्यों में लॉकडाउन के कारण फंसे हुए हैं‚वे जहां हैं‚वहीं पर रहें। बिहार सरकार उनकी पूरी मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार अन्य राज्यों की सरकारों से समन्वय स्थापित करते हुए सभी समस्याओं का समाधान कर रही है। उन्होंने कहा कि बाहर रह रहे लोगों के फीडबैक के आधार पर उनकी समस्याओं का समाधान यथाशीघ्र किया जाये। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि लॉकडाउन के मध्यनजर सरकार ने सभी राशन कार्डधारियों को १००० रुपये देने का जो निर्णय लिया था‚उसे जल्द से जल्द लाभुकों के खाते में ट्रांसफर करायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग जहां भी हैं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। लोग लॉकडाउन का पालन करें। सरकार की तरफ से सारे इंतजाम किये जा रहे हैं। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।

यह भी पढ़े  राजद ने बजट को हवा-हवाई बताया

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here