दिल्ली में कैसे हुई हिंसा की शुरूआत,दिल्ली में बीते 30 सालों की सबसे बड़ी हिंसा, 1990 के बाद राजधानी में सबसे अधिक 7 लोगों की मौत, 70 जख्मी , एक पत्रकार को गोली लगने की खबर

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उत्तर पूर्वी दिल्ली में भड़की हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है. दिल्ली में इतनी बड़ी हिंसा लगभग तीस साल बाद हुई है.राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सीएए समर्थकों और सीएए विरोधियों के बीच हुई हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई है. इस हिंसा में दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल रतनलाल भी शहीद हो गए हैं. हिंसा में लगभग 70 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. उत्तर-पूर्वी दिल्ली में आज सुबह भी हिंसा व पत्थरबाजी की कई छिटपुट वारदातें होती रही. मौजपुर, बाबरपुर, जाफराबाद, गोकुलपुरी, बृजपुरी समेत कई इलाकों में पुलिस व रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की तैनाती की गई है. इसके बाद भी कई इलाकों में आपसी भिड़ंत व एक दूसरे पर पत्थरबाजी की घटनाएं अभी भी हो रही हैं. दिल्ली में इतनी बड़ी हिंसा लगभग तीस साल बाद हुई है. इस हिंसा के दौरान एक पत्रकार पर गोली लगने की खबर सामने आ रही है. घायल पत्रकार को GTB अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध के नाम पर शुरू हुई हिंसा खतरनाक रूप लेती जा रही है. मंगलवार को तीसरे दिन भी सुबह से हिंसा शुरू हो गई. मंगलवार को मौजपुर और ब्रह्मपुरी इलाके में पत्थरबाजी शुरू हो गई. इस हिंसा में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है और घायलों की संख्‍या 100 पार कर चुकी है. मृतकों में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है. मंगलवार को सुबह-सुबह पांच बाइकों को आग के हवाले कर दिया गया. दिल्‍ली पुलिस का कहना है कि सोमवार देर रात से लेकर सुबह तक मौजपुर और आस-पास के इलाकों से आगजनी के 45 कॉल आए, जिसमें दमकल की एक गाड़ी पर पथराव किया गया. दमकल की एक गाड़ी को आग के हवाले कर दिया गया, जिसमें तीन दमकलकर्मी घायल हुए है.

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उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सोमवार रात भड़की हिंसा में 7 लोगों की मौत हो गई. भजनपुरा, करावल नगर, बाबरपुर, मौजपुर, गोकुलपुरी और चांदबाग इलाके में दो गुटों में जमकर हिंसा हुई. एक ओर नागरिकता संशोधन कानून के विरोधी थे और एक ओर इसके समर्थक. दोनों ओर से पथराव हुआ, गोलीबारी हुई और पेट्रोल बम भी फेंके गए. दर्जनों गाड़ियों, पेट्रोल पंप और कई घरों को आग के हवाले कर दिया गया. पिछले 24 घंटे में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा की यह दूसरी घटना थी. आखिर इसकी शुरूआत कैसे हुई और कैसे देखते ही देखते पूरी उत्तर-पूर्वी दिल्ली इसकी चपेट में आ गई.

दरअसल शनिवार रात सैकड़ों महिलाएं जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास CAA के खिलाफ धरने पर बैठ गईं. धरना प्रदर्शन की वजह से सड़क बाधित हो गई. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से हटने की अपील की, लेकिन वह नहीं माने. जिसके बाद बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने रोड ब्लॉक किए जाने के खिलाफ एक वीडियो पोस्ट कर CAA समर्थकों से रविवार दोपहर तीन बजे मौजपुर चौक आने को कहा. उसी शाम जाफराबाद इलाके में साढ़े चार बजे CAA विरोधियों और समर्थकों के बीच झड़प हो गई. दोनों ओर से पत्थरबाजी हुई. पुलिस ने हालात काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे.

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रविवार शाम कपिल मिश्रा ने एक और वीडियो ट्वीट किया, जिसमें वह उत्तर-पूर्वी दिल्ली के डीसीपी वेदप्रकाश के साथ में नजर आ रहे हैं. कपिल धमकी भरे लहजे में कह रहे हैं कि वह और उनके समर्थक डोनाल्ड ट्रंप के दौरे तक इंतजार कर रहे हैं और उनके जाने के बाद वह दिल्ली पुलिस की भी नहीं सुनेंगे. वह यह सुनिश्चित करेंगे कि CAA विरोधियों द्वारा जाम की गईं सभी सड़कें खुल जाएं.

जिसके बाद रविवार रात का कथित एक वीडियो सामने आया, जिसमें कुछ लोग ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाते हुए एक ट्रक में भरी ईंटें उतार रहे हैं. सोमवार सुबह से ही इन इलाकों में हालात तनावपूर्ण देखे जाने लगे और देखते ही देखते हिंसा भड़क उठी. मौजपुर में एक शख्स ने फायरिंग की. उसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. पुलिस ने उसकी पहचान शाहरुख के तौर पर की है. रिपोर्ट्स हैं कि शाहरुख को हिरासत में ले लिया गया है.

सोमवार को जाफराबाद और मौजपुर में CAA के खिलाफ प्रदर्शन जारी रहे. दूसरी ओर मौजपुर चौक पर ही लाउडस्पीकर से गाने बजाए जा रहे थे. एक गाने के बोल थे, ‘जो मांगे आजादी देश में, भेजो पाकिस्तान उन्हें’ और ‘भारत का अभिमान है हिंदू भगवाधारी आएगा, पुकारती मां भारती खून से रंग भरो गोलियों के नाम की.’ पुलिस उस चौक पर तैनात थी लेकिन उन्होंने इन गानों को बंद करवाने की कोई कोशिश नहीं की.

दोपहर 12 बजे मौजपुर मेट्रो स्टेशन के पास CAA विरोधियों और समर्थकों ने एक-दूसरे पर पथराव शुरू कर दिया. पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और स्थिति को काबू में किया. करीब 2 बजे CAA समर्थक जाफराबाद मेट्रो स्टेशन की ओर आगे बढ़े और CAA विरोधी जाफराबाद से मौजपुर चौक की ओर आगे बढ़ने लगे. इनके बीच का फासला करीब एक किलोमीटर का था. हालात तनावपूर्ण होते देख कुछ पुलिसकर्मी झड़प रोकने के लिए बीच पॉइंट पर पहुंच गए.

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अतिरिक्त पुलिस फोर्स के पहुंचने से पहले दोनों ओर से पत्थरबाजी होने लगी. वहां भगदड़ जैसी स्थिति हो गई. पुलिस ने उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए एक बार फिर आंसू गैस के गोले दागे. एक ऑटो रिक्शा को आग लगा दी गई. यह अभी साफ नहीं है कि किस ग्रुप ने आगजनी की शुरूआत की. देखते ही देखते उपद्रवियों ने दर्जनों गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया. कई घरों और एक पेट्रोल पंप में भी आगजनी की गई.

शाम 5 बजे इलाके में फिर से पथराव शुरू हो गया. देर शाम गोकुलपुरी इलाके स्थित एक टायर मार्केट में आग लगा दी गई. वहां करीब 20 दुकानें जलकर खाक हो गईं. रातभर दुकानों में तोड़फोड़ और लूटपाट की गई. सुरक्षाबलों ने कड़ी मशक्कत के बाद हालात काबू में किए. इस संवेदनशील इलाके में 800 से 900 पुलिस और पैरामिलिट्री जवानों को तैनात किया गया है. संवेदनशील इलाकों में धारा 144 लगा दी गई है. मंगलवार सुबह भी मौजपुर इलाके में राहगीरों को पीटे जाने और बाबरपुर में पथराव की खबरें मिल रही हैं.

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