2020 में किसका वध होगा? लोगों से जवाब मिला…

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इस साल के आखिर में होने जा रहे बिहार विधानसभा चुनावों के मद्देनजर नेताओं के बीच एक-दूसरे के खिलाफ जुबानी जंग शुरू हो गई है. इस संदर्भ में राजद नेता लालू प्रसाद के बेटे तेज प्रताप यादव ने ऐसा बयान दिया है जिसके चलते जदयू और राजद के बीच जुबानी जंग छिड़नी तय मानी जा रही है. उन्‍होंने यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि 2020 में किसका वध होगा? इस पर लोगों की तरफ से जवाब आया- नीतीश का. तेज प्रताप ने कहा कि ये हमारे बोलने की जरूरत नहीं है. ये हम सभी अच्‍छी तरह जानते हैं. इसके साथ ही उन्‍होंने नीतीश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि बिहार के हालात मुश्किल भरे हैं.

उल्‍लेखनीय है कि बिहार चुनावों के मद्देनजर तेज प्रताप के भाई तेजस्‍वी यादव का एक बयान भी सुर्खियों में हैं. तेजस्वी यादव ने कहा है कि हिंदू समाज को बेहतर बनना है तो हमें जाति व्यवस्था से उपर उठना होगा. तेजस्वी यादव का ये बयान विरोधियों को नागवार गुजर गया है. रुलिंग पार्टी के नेताओं ने तेजस्वी के बयान को उनके ही पिता के बयान के जरिये काटने की कोशिश की है.

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कभी माय समीकरण के जरिये बिहार की सत्ता पर राज करनेवाली आरजेडी में अब नयी सोच का संचार होने लगा है. पार्टी के नेता तेजस्वी यादव अब उसी जाति व्यवस्था को खत्म करने की वकालत कर रहे हैं जिसे उनके पिता लालू प्रसाद ने अपना हथियार बनाया था. दरअसल तेजस्वी यादव ने हिंदू समाज को बेहतर बनाने के लिए जाति व्यवस्था को खत्म करने की बात कही है. लेकिन रुलिंग पार्टी के नेताओं ने तेजस्वी को उनके इस बयान पर जमकर खिंचाई की है.

बीजेपी के प्रवक्ता निखिल आनंद ने तेजस्वी यादव को साल 2015 का विधानसभा चुनाव याद दिलाया है. निखिल आनंद ने कहा है कि तेजस्वी को वो दिन याद करना चाहिए जब उनके पिता लालू प्रसाद ने बीते विधानसभा चुनाव को अगड़े, पिछड़े की लड़ाई बताया था. आरजेडी हमेशा धार्मिक तुष्टिकरण और जातिवाद की पोषक रही है. जातिविहीन और राष्ट्रवाद की राजनीति अगर कोई करता है तो वो बीजेपी पार्टी है.

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वहीं, जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने भी तेजस्वी यादव के बयान पर हमला बोला है. राजीव रंजन ने कहा है कि आरजेडी कभी जाति व्यवस्था और परिवारवाद से उपर उठ ही नहीं सकती है. बीते लोकसभा चुनाव परिणाम ने भी बता दिया कि अब इनकी जाति भी इनका साथ छोड रही है. अच्छी बातों के जरिये कोई जनता को भरमाने की कोशिश नहीं कर सकता.

इधर कांग्रेस ने तेजस्वी यादव के बयान पर काफी सधी हुई प्रतिक्रिया दी है. पार्टी के प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने कहा है कि पूरा देश अब जाति धर्म वर्ण लिंग भेदभाव व्यवस्था से उपर उठना चाहता है. खुद मोहन भागवत ने भी इसकी वकालत की है. ऐसे में तेजस्वी यादव ने भी बिलकुल सही बोला है.

वहीं, आरजेडी ने खुद पर जातिवादी होने के आरोप को विरोधियों की साजिश बताया है. पार्टी के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा है विरोधियों ने ही आरजेडी के उपर माय समीकरण का ठप्पा लगाया है. जबकि आरजेडी हमेशा से सबकी पार्टी रही है. हमारे नेता तेजस्वी यादव ने भी कहा है कि आरजेडी ए टू जेड की पार्टी है. जिसमें सभी धर्म सभी जाति सभी समाज के लोगों के लिए सम्मान है.

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कुल मिलाकर कहा जाए तो आरजेडी अपने ऊपर लगते रहे पुराने आरोपों को चुनाव से पहले हर हाल में धोना चाहती है. यही वजह है कि तेजस्वी लालू प्रसाद की विचारधारा से अलग पार्टी की अलग लाईन तय करने में जुटे हैं. ताकि चुनाव में आरजेडी को सबका साथ मिल सके और सत्ता आरजेडी के हाथ आ सके.

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