एक्शन में राज्य सरकार, हड़़ताली नियोजित शिक्षकों को बर्खास्त करें

0
38

राज्य सरकार ने हड़़ताली शिक्षकों के विरुद्ध कठोर रवैये का संकेत दिया है। मैट्रिक की परीक्षा के समय हड़़ताल पर गये शिक्षक बर्खास्त भी किए जा सकते हैं। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आरके महाजन ने सोमवार को इस आशय का पत्र जारी किया। सभी जिलाधिकारियों‚ नगर आयुक्त‚ उप विकास आयुक्त और जिला शिक्षा पदाधिकारियों को यह पत्र भेजा गया है। पत्र में कहा गया है कि परीक्षा में बाधा पहुंचाने वाले शिक्षकों को तत्काल बर्खास्त करें। उनकी बर्खास्तगी से उत्पन्न होने वाली रिक्तियों को चि्ह्तित करें और उसे वर्तमान में संचालित नियोजन प्रक्रिया में सम्मिलित करें। पत्र में नए शिक्षकों की नियुक्ति करने का भी निर्देश दिया गया है। ऐसी हर कार्रवाई की सूचना तत्काल मुख्यालय स्तर पर गठित अनुश्रवण कोषांग को उपलब्ध कराने को कहा गया है। श्री महाजन ने कहा है कि जो शिक्षक परीक्षा के संचालन‚ वीक्षण एवं मूल्यांकन कार्यों में बाधा उत्पन्न करेंगे उनपर प्राथमिकी दर्ज कराते हुए कार्रवाई की जाये। वैसे शिक्षक जिन्हें परीक्षा में वीक्षण एवं मूल्यांकन कार्यों में लगाया गया है और जिन्होंने योगदान नहीं किया है अथवा वैसे शिक्षक जो अध्यापन को इच्छुक हों और हड़़ताली शिक्षकों द्वारा उन्हें रोका जा रहा हो‚ वैसे हड़़ताली शिक्षकों पर प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी। वीक्षण और मूल्यांकन कार्य में संलग्न शिक्षकों को वीक्षण कार्य से रोकने की चेष्टा करने पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

यह भी पढ़े  नीतीश कुमार को कांग्रेस का 'ऑफर', BJP से नाता तोड़ फिर से बनाएं महागठबंधन

शिक्षकों पर हुई कार्रवाई तो होगा उग्र आंदोलन

सूबे के प्राथमिक‚मध्य‚ माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में पदस्थापित नियोजित शिक्षकों को नियमित शिक्षकों की तरह वेतनमान‚सेवा शर्त समेत तमाम सुविधाओं की मांग को लेकर सोमवार से राज्य के शिक्षक अनिश्चितकालीन हड़़ताल पर चले गए। इस कारण राज्य के ७६००० प्रारंभिक विद्यालयों में आज से ताले लटक गये। यह बातें राजधानी के एक्जीबिशन रोड़ स्थित भुनेश्वर शिक्षक सेवा सदन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के संयोजक ब्रजनंदन शर्मा ने कही। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि शिक्षकों की यह हडताल तब तक चलेगी जब तक उनकी मांगों को पूरी नहीं किया जाता। राज्य के शिक्षक बहुत साहसी हैं और वे सरकार की गीदड भभकी से डरने वाले नहीं हैं। अगर एक भी शिक्षक पर सरकार किसी तरह की दंडात्मक कार्रवाई करती है तो बिहार के शिक्षक आंदोलन को उग्र करने को विवश होंगे‚जिसका खामियाजा सरकार को भुगतना होगा। ब्रजनंदन शर्मा ने बताया कि हडताल की मॉनिटरिंग करने केलिए वार रूम बनाए गए हैं। कोर कमेटी ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि किसी भी संगठन के पद धारक अगर कहीं से हडताल में शामिल नहीं होने की पुष्टि हुई तो संबंधित पद धारक के विरुद्ध संघ की ओर से कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

यह भी पढ़े  अल्पसंख्यकों के विकास के लिए केंद्र व राज्य की सरकार प्रयासरत

राज्य के ७६००० प्रारम्भिक विद्यालयों में लटके हैं तालेः

संघर्ष समन्वय समिति की ओर से वैसे सभी शिक्षकों से हडताल में शामिल होने की अपील की गई है। जो अब तक हडताल में शामिल नहीं हुए हैं। बैठक को संबोधित करते हुए। संघर्ष समन्वय समिति। राज्य कोर कमेटी के सदस्य केशव कुमार और आनंद कुमार मिश्रा ने कहा कि अगर यथाशीघ्र अब भी सरकार अपनी हठधर्मिता को छोडकर शिक्षकों की मांगों पर विचार नहीं करेगी तो आंदोलन और भी उग्र होने की संभावना है। संघर्ष समन्वय समिति के महासचिव मंडल के प्रमुख सदस्य एवं बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के महासचिव नागेंद्र नाथ शर्मा ने कहा कि बिहार के सभी विद्यालयों में ताले लटक गए हैं और राज्य के सभी बीआरसी पर शिक्षकों का अनवरत धरना जारी है। यह धरना तब तक चलता रहेगा जब तक की शिक्षकों की मांगे पूरी नहीं हो जाती। संघर्ष समन्वय समिति के कोर कमेटी सदस्य माकंर्डेय पाठक ने कहा कि बिहार के शत– प्रतिशत टीईटी शिक्षक हडताल पर चले गए हैं और अगर कुछ बच गए हैं तो वह भी हड़़ताल पर जाने की तैयारी में हैं। ब्रजनंदन शर्मा और आनंद कुमार मिश्रा ने सरकार से अनुकंपा के आधार पर पूर्व की भांति मृत शिक्षकों के आश्रितों को शिक्षक पद पर नियुक्त करने। सेवानिवृत्ति की उम्र ६० वर्ष से ६५ वर्ष करने। राज्य के सभी प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक का पद सृजित करने और सृजित पदों को प्रोन्नति के आधार पर भरने सहित सात सूत्री मांगों के समर्थन में गए हडताल पर गए हैं। सभी शिक्षक संघों द्वारा राज्य सरकार से वर्षों से उक्त मांगें की जा रही हैं। शिक्षक नेता आनंद कुमार मिश्रा ने कहा कि राज्य के शिक्षक लोकतांत्रिक अधिकार के तहत हड़़ताल पर गए हैं। मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण तरीके से हड़़ताल पर जाना और कार्य बहिष्कार करना अपराध की श्रेणी में नहीं आता है।

यह भी पढ़े  मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 13 एजेंडों पर मुहर

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here