फन गेज़ के माध्यम से गरीब और वंचित बच्चे भी देश के लिए खेलने के अपने सपने को कर सकते हैं पूरा -गौतम गंभीर

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क्रिकेट खेलने के लिए तकनीक ही सब कुछ नहीं है उससे भी जरुरी है लगन और आत्मविश्वास. अगर आपमें लगन है तो आप अपने लिए रास्ते निकाल लेंगे. ये बातें क्रिकेटर गौतम गंभीर ने आज फनगेज़ के संवाददाता सम्मलेन के दौरना कही. फनगेज़ के बारे में बताते हुए गंभीर ने कहा कि यह एक ऐसा प्लेटफार्म है जिसके माध्यम से गरीब और वंचित बच्चे भी देश के लिए खेलने के अपने सपने को पूरा कर सकते हैं . ऐसे फोरम और फेलोशीप से जुड़ना नए खिलाडियों के लिए काफी सहायक साबित होगा. गंभीर ने बिहार सरकार से अपील करते हुए कहा कि राज्य में खेलों को बढ़ावा दिया जाए ताकि प्रतिभावान खिलाडियों को मौका मिल सके. लड़कियों की क्रिकेट में भागीदारी के बारे में गंभीर ने कहा कि लड़कियां जैसे अन्य फील्ड में कैरियर बना रही है क्रिकेट टीम जिस तरह से परफॉर्म कर रही है वो दर्शाता है कि हमारा जो सपना है भारत को एक खेल में गौतम गंभीर के क्रिकेट कोच संजय भारद्वाज ने कहा कि जो खिलाड़ी ईमानदारी के साथ लगातार मेहनत करते हैंउन्हें सफलता मिलती है वो लम्बे समय तक खेलते हैं. यह भारत में पहली बार है जब क्रिकेट में फेलोशिप दी जा रही है जिसे पॉवर प्लेयर का नाम दिया गया है. बच्चों को यहाँ कहने का एक अच्छा माहौल मिल सकता हैं.

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पटना में मीडिया से बात करते हुए गौतम गंभीर

इंडियन रेलवे महिला क्रिकेट टीम के कोच मन्नू कुमार ने कहा कि फनगेज़ के ट्रायल में आधुनिकतम तकनीकों का प्इस्तेमाल करती है. तकनीक चयनकर्ताओं के काम को आसन बना देती हैं. क्रिकेट खिलाडियों को जो प्रशिक्षण दिया जाता है उसमे तकनीक का योगदान काफी अहम् है. इसके माध्यम से खिलाडियों की छोटी-छोटी कमियों को पहचाना जा सकता है और उन्हें दूर किया जा सकता है. “फन गेज़ पॉवर प्लेयर” की यह खासियत है कि इसमें सलेक्शन या रिजेक्शन नहीं हैं इसमें खिलाडियों का अस्सेस्मेंट किया जाता है.
फनगेज़ के संस्थापक यशराज गुप्ता ने कहा कि यह भारत में पहली बार है जब क्रिकेट में फेलोशिप दी जा रही है जिसे हम पॉवर प्लेयर कहते हैं. इसमें तीन चरण हैं शुरूआती चरण में कोई कोच नहीं होता सिर्फ 5 उच्च स्तर के कैमरे होते हैं, जिसके माध्यम से खिलाडियों के द्वारा खेले गए गेंदों की वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर चयन किया जाता है। इसके बाद एडवांस ट्रायल और फिटनेस टेस्ट लिए जाते हैं। प्रशिक्षण शिविर 20 दिनों का होता है जिसमें सभी खिलाडियों को 40 ओवर के 5 मैच खेलने होते हैं। सर्वोत्तम 60 खिलाडियों को तीन सप्ताह का लेइचेस्टरशैर काउंटी क्रिकेट क्लब, इंग्लैंड में प्रशिक्षण और 120 खिलाडियों को पांच वर्षों का प्रशिक्षण सहयोग मिलेगा । इससे पहले चरण में इस योजना के तहत 33 खिलाडियों को चुना गया था और 15 खिलाड़ियों को लेइचेस्टरशैर काउंटी क्रिकेट क्लब, इंग्लैंड में तीन हफ्ते क्रिकेट के गुर सीखने का मौका भी मिला। कार्यक्रम के दौरान उससे सम्बंधित वीडियो भी दिखाए गए.

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