अदनान सामी को पद्मश्री देना 130 करोड़ भारतीयों का अपमान, नवाब मलिक

0
34

भारतीय नागरिकता प्राप्त कर चुके पाकिस्तान में जन्मे गायक अदनान सामी को पद्मश्री पुरस्कार के लिए चुने जाने पर उठे विवाद के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को सरकार के इस फैसले को 130 करोड़ भारतीयों का अपमान तथा CAA, NRC और NPR पर सवालों का सामना कर रही राजग सरकार की नुकसान की भरपाई का कृत्य करार दिया। महाराष्ट्र के अल्पसंख्यक विकास मंत्री और राकांपा प्रवक्ता नवाब मलिक ने चुटीले अंदाज में कहा कि अब कोई भी पाकिस्तानी गायक ‘जय मोदी’ का नारा लगाकर भारत की नागरिकता ले सकता है।

लंदन में पाकिस्तान वायु सेना के एक पूर्व अधिकारी के यहां जन्मे सामी ने 2015 में भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन किया था और वह जनवरी 2016 में भारत के नागरिक बन गये थे और अब 2020 में उन्हें पद्मश्री पुरस्कार दिया गया। ऐसे में मलिक ने कहा, ‘‘अगर पाकिस्तान से आकर कोई ‘जय मोदी’ का नारा लगाता है तो वह भारत की नागरिकता और पद्मश्री पुरस्कार भी प्राप्त कर सकता है। पुरस्कार के लिए सामी का चयन नुकसान की भरपाई की कवायद है।’’

यह भी पढ़े  सीबीआई को निर्देश देने वाले मंत्री का नाम हो सार्वजनिक: : तेजस्वी

राकांपा नेता ने ट्वीट किया कि भारत के अनेक मुस्लिम इस पुरस्कार के हकदार हैं। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘अदनान सामी को प्रतिष्ठित पद्मश्री पुरस्कार प्रदान करना 130 करोड़ भारतीयों का अपमान है। राजग सरकार CAA, NRC और NPR के मुद्दे पर भारतीयों और दुनियाभर के लोगों के सवालों पर क्षतिपूर्ति की कोशिश कर रही है।’’ मलिक ने कहा कि सामी का चयन सरकार द्वारा सामान्य तौर पर समाज के लिए पैदा की गयी समस्याओं को ढकने का प्रयास है।

कांग्रेस और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना पहले ही सामी को पद्मश्री दिये जाने के फैसले पर विरोध दर्ज करा चुके हैं। कांग्रेस प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने ट्वीट किया था कि “पाक के खिलाफ लड़ने वाला भारत का सिपाही घुसपैठिया और पाकिस्तान वायुसेना के अफसर के बेटे को सम्मान? पद्मश्री के लिए समाज में योगदान जरूरी है या सरकार का गुणगान? क्या पद्मश्री के लिए नया मानदंड है “करो सरकार की चमचागिरी मिलेगा तुमको पद्मश्री?”

यह भी पढ़े  मुजफ्फरपुर में एईएस से हो रही बच्चों की मौत स्क्रब टाइफस नामक बैक्टीरिया से हुई

वहीं, इससे अलग महाराष्ट्र निर्माण सेना (MNS) ने अदनान सामी को पद्मश्री मिलने पर सवाल खड़े किए थे। मनसे नेता और सिनेमा विंग के अध्यक्ष अमेय खोपकर ने ट्वीट कर कहा कि “वो मूल रूप से भारतीय नागरिक नहीं हैं, उन्हें कोई पुरस्कार न दिया जाए।” खोपकर ने ट्वीट में लिखा था कि “ऐसे में सरकार द्वारा ऐलान किया गए पद्मश्री पुरस्कार को लेकर वह सरकार की निंदा करते हैं। पद्म पुरस्कार को तुरंत रद्द किया जाए।”

हालांकि, सोमवार को भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सभी विरोधियों की जवाब दिए। पात्रा ने कहा कि “कल 26 जनवरी के अवसर पर पद्म सम्मान दिए गए हैं, अदनान सामी के पद्मश्री को लेकर एक राजनीतिक बखेड़ा खड़ा करने का प्रयास कांग्रेस और तथाकथित लिब्रेल्स द्वारा किया जा रहा है।” संबित पात्रा ने कहा कि “देशद्रोहियों के लिए इकरार और अच्छे मुसलमानों के लिए इनकार। जो देशद्रोह का काम करे, यासीन मलिक, याकूब मेमन, अफजल गुरु, बुरहान वानी इन सब के लिए इकरार। जो अच्छे काम करके आगे बढ़े उनके लिए इनकार, ये कैसी बात है।”

यह भी पढ़े  दारोगा नियुक्ति का रास्ता साफ, पटना हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here