हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं, शांति हर सवाल का जवाब : पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गणतंत्र दिवस पर ‘मन की बात’ में कहा कि हिंसा से किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता है और शांति हर सवाल के जवाब का आधार होना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि एकजुटता से हर समस्या के समाधान का प्रयास हो और भाईचारे के जरिये हर विभाजन और बंटवारे की कोशिश को नाकाम करें। आकाशवाणी पर प्रसारित ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ हम इक्कीसवीं सदी में हैं, जो ज्ञान-विज्ञान और लोक-तंत्र का युग है। क्या आपने किसी ऐसी जगह के बारे में सुना है जहां हिंसा से जीवन बेहतर हुआ हो ?’’ उन्होंने पूछा, ‘‘ क्या आपने ऐसी किसी जगह के बारे में सुना है, जहाँ शांति और सद्भाव जीवन के लिए मुसीबत बने हों ?’’

मोदी ने कहा कि हिंसा, किसी समस्या का समाधान नहीं करती| दुनिया की किसी भी समस्या का हल, कोई दूसरी समस्या पैदा करने से नहीं बल्कि अधिक-से-अधिक उसका समाधान ढूँढकर ही हो सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ आइये, हम सब मिल कर,एक ऐसे नए भारत के निर्माण में जुट जाएँ, जहाँ शांति हर सवाल के जवाब का आधार हो। एकजुटता से हर समस्या के समाधान के प्रयास हो और, भाईचारा, हर विभाजन और बंटवारे की कोशिश को नाकाम करे।’’

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उन्होंने कहा, ‘मन की बात के माध्यम से मैं असम के लोगों को खेलो इंडिया की शानदारी मेजबानी के लिए बधाई देता हूं. 22 जनवरी को गुवाहाटी में तीसरे खेलो इंडिया गेम्स का समापन हुआ है.’

उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया गेम्स में कई राज्यों के लगभग 6 हजार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया. इसमें करीब 80 रिकॉर्ड टूटे, जिसमें से 56 रिकॉर्ड तोड़ने का काम हमारी बेटियों ने किया है. पीएम मोदी ने कहा कि अगले महीने 22 फरवरी से 1 मार्च तक ओडिशा के कटक और भुवनेश्वर में पहले खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स आयोजित हो रहे हैं. इसमें भागीदारी के लिए 3 हजारे से ज्यादा खिलाड़ी क्वालिफाई कर चुके हैं.

साइक्लिंग करते हैं भारत के डेविड बेखम

मन की बात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा ‘जब मैं डेविड बेखम का नाम लूंगा तब आप कहेंगे वो इंटरनेशनल फुटबॉलर हैं. लेकिन अब अपने पास भी डेविड बेखम है और उसने गुवाहाटी के यूथ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता है. डेविड ने साइकिल स्पर्धा के स्प्रिंट इवेंट (200 मीटर) में ये मेडल हासिल किया था.

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चाचा बनाना चाहते थे फुटबॉलर

पीएम ने कहा कि हाल में मैं अंडमान-निकोबार गया था. वहां मुझे पता चला कि बचपन में ही डेविड के माता-पिता चल बसे थे. डेविड के चाचा उन्हें फुटबॉलर बनाना चाहते थे, इसीलिए नाम भी डेविड रखा था. हालांकि डेविड का मन साइकिलिंग में रम गया था. पीएम ने कहा कि डेविड का चयन खेलो इंडिया में हुआ और उन्होंने साइकिलिंग स्पर्धा में एक नया कीर्तिमान रच डाला.

 

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