गणतंत्र दिवस: राजपथ से दुनिया ने देखी भारत की सैन्य ताकत, झांकियों ने जीत लिया दर्शकों का दिल

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71वें गणतंत्र दिवस के मौके पर राजपथ पर शक्तिशाली, मजबूत और बुलंद भारत का विहंगम दृश्य दिखाई दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 71वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीद जवानों को पुष्पचक्र अर्पित करते हुए श्रद्धांजलि दी. इसके बाद राष्ट्रपति ने राजपथ पर तिरंगा फहराया, सेना ने उन्हें 21 तोपों को सलामी दी. राजपथ पर चिनूक और अपाचे हेलिकॉप्टरों की गरज से लोग रोमांचित हो उठे. वहीं कई राज्यों की झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया. बाइक पर सेना के जवानों और वीरांगनाओं के डेयर डेविल एक्ट से सभी लोग हैरान रह गए. इस साल गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर मेसियस बोलसोनारो हैं

गणतंत्र दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केसरिया रंग का ‘बंधेज’ का साफा बांधा. गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री के परिधान में खास तौर पर उनके साफे की काफी चर्चा होती है.

आज देश भर में 71वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है. गणतंत्र दिवस पर आज राजपथ से दुनिया ने भारत की सैन्य का नमूना देखा. इसके साथ ही सांस्कृति झाकियों ने भी दर्शकों का दिल जीत लिया. समारोह के मुख्य अतिथि ब्राजील के राष्ट्रपति जाईख मेसीआस बोल्सोनारो भी आनंद लेते नजर आए. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, तीनों सेना प्रमुखों और प्रमुख रक्षा अध्यक्ष बिपिन रावत की मौजूदगी में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी.

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इसके बाद परेड का सिलसिला शुरू हुआ. सबसे पहले तीनों सेनाओं ने अपने हथियारों का प्रदर्शन किया. राजपथ पर भारतीय सेना का T-90 भीष्म टैंक को पेश किया गया. इस टैंक को कैप्टन सन्नी चहर कमांड कर रहे थे. इसके अलावा के-9 वज्र-टी टैंक की भी परेड में शामिल किया गया. कैप्टन अभिनव साहू इस टैंक को कमांड कर रहे थे.

नेवी ने बोइंग पी8
लॉन्ग रेंज मेरीटाइम पट्रोल एयरक्राफ्ट और कोलकाता क्लास डिस्ट्रायर को पेश किया गया. राजपथ पर भारतीय सेना की पैराशूट रेजिमेंट की टुकड़ी भी नजर आयी. इनके कदम ताल ने सभी का दिस मोह लिया.

तीनों सेनाओं के बाद राजपथ पर राज्यों की झाकियों का सिलसिला शुरू हुआ. सबसे पहले छत्तीसगढ़ की झांकी दिखायी दी. झांकियों को लेकर राजपथ पर मौजूद दर्शकों में भारी उत्साह भी देखने को मिला. छत्तीसगढ़, मेघालय, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू कश्मीर, राजस्थान, ओडिशा, तेलंगानाऔर गोवा की झाकियां राजपथ पर प्रदर्शित की गईं. सभी झाकियों में उन राज्यों की सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली. इसके साथ ही अलग अलग मंत्रालयों की झांकी ने भी दर्शकों का मन मोह लिया. 90 मिनट की परेड में कुल 22 झांकियां देखने को मिलीं.

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झाकियों के बाद अलग अलग स्कूल के बच्चों ने विभिन्न राज्यों का लोक नृत्य पेश किया. बच्चों के प्रदर्शन के बाद राजपथ पर सीआरपीएफ की महिला डेयर डेविल्स का दस्ता हैरत अंगेज कारनामे दिखाती नजर आयीं. यह पहली बार है जब महिला दस्ते ने इस तरह के करतब को अंजाम दिया. इसके बाद आसमान में वायुसेना के हेलिकॉप्टर और जंगी जहाजों के बेड़े ने भी नजर आए. कार्यक्रम के खत्म होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाथ हिलाकर दर्शकों का अभिवादन किया. दर्शकों ने भी उनका अभिवादन किया और उनकी तस्वीरें भी लीं.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर साफा बांधने की अपनी परंपरा को बरकरार रखा. इस बार गणतंत्र दिवस पर उन्होंने केसरिया रंग का ‘बंधेज’ का साफा बांधा. गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री के परिधान में खास तौर पर उनके साफे की काफी चर्चा होती है. पिछले साल प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से छठवीं बार स्वतंत्रता दिवस का भाषण दिया था और उस दौरान उन्होंने कई रंगों वाला साफा बांधा था. वहीं 2014 में मोदी ने प्रधानमंत्री के तौर पर पहली बार अपने भाषण के दौरान लाल रंग का बंधेज वाला साफा पहना था जिसकी पीछे की पट्टी का रंग हरा था.

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