गणतंत्र दिवस परेड: कौन हैं कैप्टन तानिया शेरगिल? पुरुष सैन्य टुकड़ी को लीड किया

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तस्वीर में पुरुष सैन्य टुकड़ी के आगे चलती दिख रहीं ये आर्मी ऑफिसर कैप्टन तानिया शेरगिल है। कैप्टन तानिया शेरगिल इस बार की गणतंत्र दिवस परेड की शान हैं। वह पहली महिला कैप्टन हैं, जिन्होंने अपनी बटालियन की मेल सैन्य टुकड़ी को लीड किया। इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ जब किसी महिला कैप्टन ने गणतंत्र दिवस की परेड में पुरुष सैन्य टुकड़ी को लीड किया हो। वह आर्मी की सिग्नल कोर में कैप्टन हैं।

कैप्टन तानिया शेरगिल अपने परिवार की चौथी पीढ़ी की आर्मी ऑफिसर हैं। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन में बीटेक किया है। बीटेक के बाद उन्हें टीसीएस से ऑफर मिला था लेकिन उन्होंने उसे ठुकराकर आर्मी को चुना। उनका मानना है कि एक ही जिंदगी है और इसमें इंसान को अपना पैशन फॉलो करना चाहिए। तान्या को चेन्नई की ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी से 2017 में कमीशन मिला था।

तानिया शेरगिल पंजाब के होशियारपुर की रहने वाली हैं। सेना दिवस के बाद गणतंत्र दिवस पर भी परेड का नेतृत्व कर जिले का मान बढ़ाया। होशियारपुर के लोग अपनी इस बेटी की उपलब्धि पर काफी खुश हैं। तान्या अपने परिवार की चौथी पीढ़ी से हैं, जो सेना में सेवा कर रही हैं। इससे पहले सानिया के पिता सूरत सिंह गिल, दादा हरि सिंह और परदादा ईशर सिंह भी सेना में देश सेवा कर चुके हैं।

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तानिया सेना दिवस पर परेड का नेतृत्व करने वालीं पहली महिला अधिकारी हैं
तान्या के पिता सूरत सिंह ने फोन पर अमर उजाला को बताया कि गढ़दीवाला के करीबी गांव पंडोरी अटवाल का मूल निवासी उनका परिवार पिछले करीब 50 साल से अधिक से मुंबई में पोवई में रहा है। अब फिर से अपनी मिट्टी की ओर रुख करते हुए उन्होंने करीब 8-9 साल पहले ही गढ़दीवाला के वार्ड नंबर 3 में अपना घर बनाया है और आज कल यहीं रह रहे हैं। सूरत सिंह ने बताया कि उन्होंने खुद व तानिया ने भी मुंबई में पोवई स्थित केंद्रीय विद्यालय से शिक्षा हासिल की। तानिया की मां लखविंदर कौर बतौर अध्यापिका मुंबई से ही रिटायर हुई हैं।

सेना में 101 फील्ड रेजीमेंट (सेल्फ प्रोपेल्ड) में 10 साल तक कप्तान के पद पर सेवा करने के बाद सीआरपीएफ में शामिल हुए तानिया के पिता सूरत सिंह 2016 में सीआरपीएफ से बतौर कमांडेंट रिटायर हुए। इस दौरान उन्हें बहादुरी के लिए राष्ट्रपति पदक से भी नवाजा गया। सूरत सिंह ने बताया कि उन्हें गर्व है कि उनकी बेटी तानिया ने परेड का नेतृत्व कर परिवार का मान बढ़ाया। उन्होंने बताया कि नागपुर से बीटेक की पढ़ाई के बाद तानिया ने सेना ज्वॉइन करने का निर्णय लिया। उस वक्त सूरत सिंह कश्मीर में तैनात थे।

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