JD(U) ने प्रशांत किशोर, पवन वर्मा के खिलाफ कार्रवाई करने का दिया संकेत

0
30
PATNA NEAR GANDHI MAIDAN GATE NO.08 SUBAS PARK MEIN SUBAS JI JAINTI PER UNKI PERTIMA PER SERDHAN JALI DETE CM NITISH KUMAR AND RAJPAL FAGU CHAUHAN

बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल-युनाइटेड (जदयू) पार्टी लाइन से हटकर बयानबाजी और पार्टी के फैसले की सार्वजनिक आलोचना करने पर पार्टी उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर औए पूर्व सांसद पवन वर्मा को बाहर का रास्ता दिखा सकती है। यह संकेत जदयू के बिहार प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने दी है।

सूत्रों के मुताबिक, जदयू प्रमुख और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इन नेताओं के बयान से काफी नाराज बताए गए हैं। पार्टी में आम राय बनती जा रही है कि अगर ये दोनों नेता पार्टी छोड़कर चले जाएं तो अच्छा होगा। वशिष्ठ नारायण के मुताबिक, पार्टी इन दोनों नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश अगली बैठक में करेगी। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि पार्टी की अगली बैठक कब होगी।

उन्होंने यह भी कहा कि दोनों के बयान से पार्टी की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ता। उन लोगों ने अगर कहीं जाने का मन बना लिया है तो वे स्वतंत्र हैं। इस बीच नीतीश कुमार ने भी गुरुवार को पटना में साफ किया है कि ये लोग कहीं भी जाने के लिए स्वतंत्र हैं।

यह भी पढ़े  महाभियोग जांच की रिपोर्ट में ट्रंप दोषी करार, कहा- राष्ट्रहित से किया समझौता

प्रशांत किशोर और पवन वर्मा सीएए को लेकर लगातार सवाल खड़े करते रहे हैं। दोनों नेताओं ने पार्टी के रुख पर भी सवाल खड़ा किया था। प्रशांत ने तो बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी पर तंज कसते हुए उन्हें ‘परिस्थितिजन्य उपमुख्यमंत्री’ करार दिया था। उनके इस बयान पर भाजपा नेताओं ने इन दोनों नेताओं की जदयू के वरिष्ठ नेताओं से शिकायत की थी।

जनता दल (यू) के पवन वर्मा की चिट्ठी पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें भविष्य की योजनाओं के लिए शुभकामनाएं दीं. लेकिन पवन वर्मा का कहना है कि अभी तक उन्हें उनकी चिट्ठी का जवाब नहीं मिला है, लेकिन शुभकामनाओं के लिए उनका धन्यवाद.

नीतीश कुमार के बयान के बाद पवन वर्मा ने जवाब दिया है कि मुख्यमंत्री के बयान का वो स्वागत करते हैं कि पार्टी में अभी भी विचार विमर्श की जगह बची है. लेकिन मेरा मकसद उन्हें कष्ट देना नहीं था.

अपनी चिट्ठी को लेकर पवन वर्मा ने कहा कि मैं पार्टी से विचारधारा पर सफाई चाहता था, लेकिन जो चिट्ठी मैंने लिखी थी उसपर जवाब का अभी भी इंतजार है. अपनी भविष्य की रणनीति का खुलासा वो उसके बाद ही करेंगे.

यह भी पढ़े  जीएसटी :हरसंभव राहत देने के लिए प्रयासरत : मोदी

पवन वर्मा का कहना है कि बीजेपी की सबसे पुरानी सहयोगी अकाली दल ने भी CAA के मुद्दे पर दिल्ली में चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है. उन्होंने पूछा कि जनता दल यूनाइटेड ने किस विचारधारा के साथ बीजेपी के साथ लड़ने का फैसला किया है, यही मेरा सवाल था.

चिट्ठी में पवन वर्मा ने क्या लिखा था?

नागरिकता संशोधन एक्ट के मसले पर विवाद के बीच पवन वर्मा ने पार्टी प्रमुख नीतीश कुमार को चिट्ठी लिखी थी. उन्होंने लिखा था कि पार्टी को अपनी विचारधारा साफ करनी चाहिए क्योंकि पहले नीतीश BJP-RSS के विरोध की बात करते थे, लेकिन अब उन्हीं के साथ दिल्ली में गठबंधन कर रहे हैं. साथ ही पवन वर्मा ने राज्यसभा, लोकसभा में CAA के समर्थन पर सवाल खड़े किए थे.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here