हम सभी लोगों को एक दूसरे का सम्मान करते हुए समाज में टकराव के माहौल को खत्म करना होगा : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महाराणा प्रताप के सबको साथ लेकर चलने और सबका सम्मान करने के सिद्धांत से लोगों को प्रेरणा लेने की अपील करते हुए सोमवार को कहा कि हमें भी एक–दूसरे का सम्मान कर समाज से टकराव के माहौल को समाप्त करना है॥। मुख्यमंत्री ने यहां मिलर हाई स्कूल के प्रांगण में आयोजित राष्ट्ररत्न महाराणा प्रताप स्मृति समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप की स्मृति में ऐसे आयोजन से उनके कार्यों और उनके व्यक्तित्व को याद कर नई पीढ़ी उनसे प्रेरणा लेती रहेगी। उन्होंने कहा महाराणा प्रताप ने सभी वर्गों का साथ लिया और समय आने पर उनका सम्मान भी किया। हम सबको भी एक–दूसरे का सम्मान करते हुए समाज में टकराव के माहौल को समाप्त करना है।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप ने कभी हार स्वीकार नहीं की। मुगल बादशाह अकबर के समय में उनके पास कई समझौते के भी प्रस्ताव आये लेकिन उन्होंने उसे स्वीकार नहीं किया और हल्दीघाटी युद्ध का सामना किया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप को अपने घोड़े चेतक से विशेष लगाव था। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप को समाज के हर तबके से लगाव था। भील समुदाय के साथ वे पंगत में भोजन करते थे। सेना में उन्होंने दलित भांगर बिरादरी को शामिल किया था। उन्होंने कहा‚१८५७ के विद्रोह में बाबू कुंवर सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका थी। हमलोग उनके मिल्लत के भाव और उनके कार्यों को याद करते रहे हैं। महाराणा प्रताप भी इसी देश की मिट्टी के लाल थे हम उनके कामों को भी याद करते हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के कार्यों को भी याद करते हुए कई कार्यक्रम आयोजित किये गये। आजादी के समय क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी चितौड़ के विजय स्तंभ के सामने शपथ लेते थे और हल्दीघाटी की मिट्टी का तिलक लगाकर प्रेरित होते थे। हम भी जब सांसद थे तो हमने भी हल्दीघाटी की मिट्टी का तिलक लगाया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में पर्यावरण की सुरक्षा के लिए जल–जीवन–हरियाली अभियान की शुरुआत की गई है। जल का संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देकर हम भावी पीढ़ी की रक्षा कर सकेंगे। १९ जनवरी २०२० को १८ हजार किलोमीटर से भी ज्यादा लंबी मानव श्रृंखला में पांच करोड़ १६ लाख से भी अधिक लोग शामिल हुए। बिहार के कार्यों की चर्चा बाहर भी होती है। जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए जल–जीवन–हरियाली अभियान के तहत ११ सूत्री कार्यक्रम को मिशन मोड में चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा अक्षय ऊर्जा है। इसको बढ़ावा देने के लिए काम किया जा रहा है।उन्होंने कहा‚ ‘महाराणा प्रताप की प्रतिमा लगाने के लिए जो मांग की गई है‚ उस पर कार्य किया जायेगा। अपनी विभूतियों से संबंधित जो भी काम होंगे हमलोग करते रहेंगे। हमलोगों ने समाज के हर तबके के लिए काम किया है। न्याय के साथ विकास के संकल्प के साथ समाज के हर तबके और हर इलाके का विकास किया है। समाज के वंचित तबके को मुख्यधारा में लाने के लिए कई योजनाएं चलायी गई हैं। हम सभी मिल–जुलकर प्रेम सद्भाव के साथ कार्य करते रहेंगे।’
इस अवसर पर प्रदेश जदयू अध्यक्ष सह सांसद वशिष्ठ नारायण सिंह‚सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह‚राज्य के विज्ञान एवं प्रावैधिकी मंत्री जयकुमार सिंह‚भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी‚जल संसाधन मंत्री संजय झा‚ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार‚विधि सह लघु जल संसाधन मंत्री नरेंद्र नारायण यादव‚सूचना एवं जन–संपर्क मंत्री नीरज कुमार‚पूर्व मंत्री लेसी सिंह‚पूर्व विधान पार्षद संजय सिंह सहित विधायक‚विधान पार्षद‚जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

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