किसानों की आय के साथ सामाजिक बदलाव को धरातल पर उतारने का प्रयास करता मिथिला दुग्ध संघ

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कार्यकर्म का उद्घाटन करते संघ के अध्यक्ष उमेश राय , प्रबंध निदेशक डीके श्रीवास्तव एवं मुख्य अतिथि जिला उप विकास आयुक्त वरूण कुमार मिश्रा एवं अन्य

भारत की आत्मा गांवों में बसती है, जिसमें जान भरने और अपनी मेहनत से सींचने का काम हमारे किसान भाई करते रहे हैं। देश में कृषि के विकास पर नजर डालें तो आजादी के समय या उसके बाद के दशकों में कृषि की दशा के साथ-साथ खाद्य उत्पादन भी दयनीय अवस्था में था। बढ़ती आबादी, कुदरत की मार, वैज्ञानिक साधनों एवं कृषि अनुसंधानों के अभाव में अनाज उत्पादन इतना कम था कि हम विदेश से अनाज आयात करने को मजबूर थे। किन्तु आज वर्तमान सरकार के नेतृत्व में केंद्रीय कृषि एवं किसान मंत्रालय अपने किसान भाइयों के जीवन को खुशहाल बनाने के लिए कई स्तरों पर प्रयास कर रहा है। सरकार ने मार्च 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। इस कड़ी में श्वेत क्रांति, नीली क्रांति के माध्यम से किसानों के आर्थिक और सामाजिक उन्नति के लिए बहुत बड़े पैमाने पर कार्य किया जा रहा है । खासकर श्वेत क्रांति के तहत गांवों में किसानों की स्थिति में अप्रत्याशित बदलाव महसूस किया जा रहा है ।

मिथिला दुग्ध संघ के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम

बिहार में औधोगिक स्थिति की हाल जग जाहिर है , परन्तु सहकारिता के माध्यम से श्वेत क्रांति की जो लहर उठी है वह ग्रामीण इलाकों की तस्वीर बदल रही है । 80 के दशक में डॉ. कुरियन के नेतृत्व में बिहार सहकारिता के माध्यम श्वेत क्रांति के द्वारा किसानों के जीवन को समृद्धशाली बनाने का जो बीड़ा उठाया आज उसका वास्तविक स्वरूप प्रत्यक्ष रूप से दिखता है ।

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बिहार में उधोग और सहकारिता के मिश्रण से चल रहा बिहार राज्य दुग्ध सहकारी संघ लिमिटेड (कम्फेड) और उसके संघ अप्रत्याशित रूप से सफलता के नए नए मुकाम को स्थापित कर रहे है । कम्फेड के अंतर्गत आने वाले संघो में मिथिला दुग्ध संघ जिस तेजी से नए मुकाम पर खुद को स्थापित कर रहा और स्वंय के द्वारा निर्मित कीर्तिमान को ध्वस्त कर रहा वह अपने आप मे अनोखा और अविश्वसनीय है ।

पत्रकारों से बात करते संघ के प्रबंन्ध निदेशक डीके श्रीवास्तव

मिथिला दुग्ध संघ के द्वारा प्रधानमंत्री के सोच को जिसमे किसानों की आय के साथ सामाजिक बदलाव को बखूबी धरातल पर उतारने का प्रयास एक सराहनीय कदम है । संघ के अध्यक्ष हो या प्रबंध निदेशक या कर्मचारी, उनके दिन रात के अथक परिश्रम का नतीजा है कि प्रति 10 दिनों पर अपने किसानों को 15 करोड़ रुपयो का वितरण कर रहा है । संघ क्षेत्रीय बाजार से लेकर अंतराष्ट्रीय बाजार (नेपाल ) तक अपने उत्पादों का उच्च गुणवत्ता के साथ वृहद विस्तार किया है जिसका सीधा असर दुग्ध उत्पादक किसानों के परिवारों के ऊपर देखा जा सकता है ।

कार्यकर्म को संवोधित करते मुख्य अतिथि जिला उप विकास आयुक्त वरूण कुमार मिश्रा

मिथिला दुग्ध उत्पादक संघ के प्रबंध निदेशक डीके श्रीवास्तव ने बताया कि इस बार मकरसंक्रांति पर अपने पिछले वर्ष के कीर्तिमान को ध्वस्त करते हुए विक्री का नया कीर्तिमान बनाया है । पिछले वर्ष 13 लाख लीटर दुग्ध के स्थान पर इस वर्ष 14 लाख लीटर से ज्यादा दूध की विक्री किया गया है वही दही के क्षेत्र में 1.17 लाख किलो के स्थान पर 1.55 लाख किलो दही की विक्री हुई है । इसका श्रेय किसानों अपने कर्मचारियों को देते हुए श्री श्रीवास्तव ने कहा कि हम अगले वर्ष इस कीर्तिमान को ध्वस्त कर बहुत आगे जायेगे । हमारे कर्मचारी हमारे किसान बहुत मेहनती और संघ के प्रति पूर्ण समर्पित है । उनके अथक प्रयास से हम रोज नए नए मुकाम हासिल करेंगे । हम सबका एक ही लक्ष्य है गाँव के हर घर मे खुशहाली आये । हमारे सम्मानित किसान अपने आप को अपने परिवार को बदलते समय के साथ पीछे न छूट जाए इसके लिए हम हर सम्भव प्रयास करते रहेंगे ।
श्री श्रीवास्तव ने बताया कि हम किसानों के लिए प्रति वर्ष अपने संस्थान में आज के दिन सांस्कृतिक उत्सव एवं मिलन समारोह जैसे कार्यक्रम चलाते है जिससे वे संघ से अत्यधिक जुड़ाव और अपन्त्व का भाव रख सके । इसी क्रम में आज हमलोग खेलकूद से लेकर दही खाओ प्रतियोगिता का आयोजन कर पुरस्कार प्रदान कर उनके मनोबल को बढ़ाते है । आज के इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समस्तीपुर के उप-विकास आयुक्त वरुण कुमार मिश्रा है ।

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इस कार्यक्रम में दही खाओ प्रतियोगिता , रसाकसी प्रतियोगिता , महिलाओं के लिए मियूजिकल चेयर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है । इसके उपरांत भोज का आयोजन किया जाता है जिसमे दही चूड़ा सब्जी और तिलकुट का व्यवस्था रहता है ।इन सबके के पीछे हमारा मकसद महिला हों या पुरुष हमारे लिए सभी एक समान है , समानता का भाव रखते हुए हम उनको हौसलाअफजाई करते है । जिससे उनका संघ के प्रति अपन्त्व का भाव और अपने दायित्व के प्रति समर्पण परिलक्षित होता है ।

सांस्कृतिक उत्सव एवं मिलन समारोह

प्रत्येक वर्ष के भांति इस वर्ष भी मकर संक्रांति के अवसर पर डेयरी परिसर में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया बतौर मुख्य अतिथि जिला उप विकास आयुक्त वरूण कुमार मिश्रा विधिवत दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्धाटन किया। मुख्य अतिथि वरूण कुमार मिश्रा ने कहा कि सुधा बिहार का गौरव है। आप अपने संघ के हमेशा आगे बढाने का कार्य करें ,ग्रामीण विकास में सुधा का योगदान काफी सराहणीय है। इस अवसर पर संघ के निदेशक मंडल के सभी सदस्य उपस्थित थे। संघ के कर्मचारी के साथ संघ के पूर्व अध्यक्ष श्री श्याम शंकर प्रसाद ठाकुर एवं श्री अशोक राय आदि ने भी समारोह में आये सभी आगन्तुकों को संबोधित किया।

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इस अवसर पर आयोजित विभिन्न खेल प्रतियोगिता में विजेताओं का विवरण निम्नांकित है-
रस्साकसी प्रतियोगिता में प्रथम- संग्रहण शाखा , द्वितीय-अभियंत्रण शाखा , तृतीय -प्रोडक्टशाखा
दही खाने की प्रतियोगिता में प्रथम- मनटून कुमार ,द्वितीय-सीता राम सिंह, तृतीय -राजीव कुमार
कैन्डिल मार्च प्रतियोगिता में प्रथम- दया शंकर राय, द्वितीय- श्रीमती इन्दू देवी, तृतीय- श्रीमती शशिप्रभा चौधरी सभी निदेशक मंडल सदस्य

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