बच्‍चों की मौत पर मचे बवाल के बीच सीएम अशोक गहलोत बोले- निरोगी राजस्‍थान हमारी प्राथमिकता में

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कोटा के अस्‍पताल में 100 से अधिक बच्‍चों की मौत की खबर पर मचे बवाल के बीच राजस्‍थान के मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, जेके लोन अस्पताल कोटा में हुई बीमार शिशुओं की मृत्यु पर सरकार संवेदनशील है. इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. कोटा के इस अस्पताल में शिशुओं की मृत्यु दर लगातार कम हो रही है. हम आगे इसे और भी कम करने के लिए प्रयास करेंगे. मां और बच्चे स्वस्थ रहें यह हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है.

अशोक गहलोत ने यह भी कहा, राजस्थान में सर्वप्रथम बच्चों के ICU की स्थापना हमारी सरकार ने 2003 में की थी. कोटा में भी बच्चों के लिए ICU की स्थापना हमने 2011 में की थी. स्वास्थ्य सेवाओं में और सुधार के लिए भारत सरकार के विशेषज्ञ दल का भी स्वागत है. हम उनसे विचार-विमर्श और सहयोग से प्रदेश में चिकित्सा सेवाओं में इम्प्रूवमेंट के लिये तैयार हैं. #NirogiRajasthan हमारी प्राथमिकता है. मीडिया किसी भी दबाव में आये बिना तथ्य प्रस्तुत करे, स्वागत है.

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उधर, राजस्थान के कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे कोटा के जेके लोन अस्पताल में 100 से अधिक बच्‍चों की मौत के बाद पैदा हुए हालात को लेकर गुरुवार को कांग्रेस के अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से 10 जनपथ में मिले. उन्‍होंने सोनिया गांधी को राज्‍य सरकार द्वारा किए जा रहे एहतियातन उपायों की जानकारी दी. इस दौरान बच्‍चों की मौत जैसे संवेदनशील घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी की गईं. कोटा में बच्‍चों की लगातार हो रही मौतों को लेकर बीजेपी हमलावर हो गई है, जिससे कांग्रेस सकते में है.

सोनिया गांधी से मिलकर बाहर निकले अविनाश पांडेय ने कहा, यह एक पूर्व निर्धारित बैठक थी जिसमें विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई. सोनिया गांधी कोटा मुद्दे (शिशु मृत्यु) को लेकर बहुत गंभीर हैं. मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत ने उन्‍हें विस्‍तृत रिपोर्ट भेजी है.

वहीं केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री हर्षवर्धन ने इस मामले में कहा, मैंने राजस्‍थान के मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर इस मामले में ध्‍यान देने को कहा है. हमने उन्‍हें केंद्र सरकार द्वारा भरपूर मदद दिए जाने की भी बात कही. बच्‍चों की मौत की संख्‍या निश्‍चित ही अधिक है और यह चिंताजनक भी है.

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