CAA: हिंसा के बाद सामान्य हो रहे हालात के बिच एहतियातन यूपी के कई जिलों में इंटरनेट बंद

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नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हुई हिंसा के बाद अब हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं. लेकिन एक बार फिर कई जिलों में इंटरनेट बंद किए जा रहे हैं. दरअसल, 27 दिसंबर को जुमे की नमाज होगी और इसी जुमे की नमाज को देखते हुए संवेदनशील जिलों में प्रशासन ने पहले से ही एहतियातन इंटरनेट बंद करने का एलान कर दिया है.

कुछ जिलों में इंटरनेट बंद है, जिसमें सहारनपुर, मेरठ, आगरा, बुलंदशहर, गाजियाबाद और बिजनौर हैं. यहां आज से ही इंटरनेट बंद कर दिया गया है. राज्य प्रशासन ने सभी जिलों के डीएम को यह छूट दे रखी है, अगर मामला संवेदनशील और सांप्रदायिक तनाव की संभावना है तो एहतियात के तौर पर अपने इलाके में इंटरनेट को बंद करा सकते हैं.

डीएम को 72 घंटे इंटरनेट पर बैन लगाने का अधिकार

गृह सचिव अवनीश अवस्थी के मुताबिक अगर 3 दिनों से ज्यादा इंटरनेट बंद करनी है तो इसका फैसला शासन के स्तर से जाता है लेकिन 72 घंटे से कम या महज कुछ घंटों के लिए एहतियातन इंटरनेट बंद करना है तो यह अधिकार जिलाधिकारियों को दिए गए हैं कि वह संबंधित सर्विस प्रोवाइडर को आग्रह कर बंद करा सकते हैं.

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फिलहाल 5 जिलों में कल शाम तक के लिए इंटरनेट बंद कर दिए गए हैं. यह तमाम वह जिले हैं जहां पिछले शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद हिंसा भड़की थी और कई लोगों की जान गई थी. इसी को देखते हुए कल जुमे की नमाज के बाद तक इंटरनेट बंद किया गया है.

हिंसक प्रदर्शन ना हो इसलिए सरकार सतर्क

शासन के मुताबिक फिलहाल हालात सामान्य है. धारा 144 लगी हुई है, लेकिन एहतियात बरते जा रहे हैं ताकि दोबारा से हिंसक प्रदर्शन ना हो सके.

बता दें कि पिछले शुक्रवार को भी राज्य की राजधानी सहित 15 जिलों में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई थी, वहीं जुमे की नमाज को देखते हुए अलीगढ़ में अलर्ट जारी किया गया था. उस दौरान इंटरनेट के अलावा एसएमएस और मैसेंजर सेवा भी अवरुद्ध कर दी गई थी.

पिछले शुक्रवार को भी हुआ था बवाल

बीते शुक्रवार को प्रदेश लखनऊ, सहारनपुर, मेरठ, शामली, मुजफरनगर, गाजियाबाद, बरेली, मऊ, संभल, आजमगढ़, आगरा, कानपुर, उन्नाव, मुरादाबाद और प्रयागराज जिले में इंटरनेट सेवाओँ पर रोक लगा दी गई थी.

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प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रवीण कुमार ने बताया था कि सीएए को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों में बीते शु्क्रवार तक 124 एफआईआर दर्ज किए गए. वहीं, 705 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 4500 लोगों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया गया था.

उस दौरान पथराव व आगजनी में 263 पुलिसकर्मी घायल हुए थे, जिनमें से 57 पुलिसकर्मियों को गोली लगी थी.

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