आज कानपुर में राष्ट्रीय गंगा परिषद की पहली बैठक,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई मुख्यमंत्री होगे मौजुद

0
27

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज कानपुर में राष्ट्रीय गंगा परिषद की पहली बैठक की अध्यक्षता करेंगे जहां वे ‘नमामि गंगे’ परियोजना के विविध आयामों की समीक्षा करेंगे। नमामि गंगे परियोजना को बीजेपी सरकार अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बताती है। कानपुर में होने वाली इस बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कई केंद्रीय मंत्री, केन्द्र सरकार के कई विभागों के सचिवों भी शामिल होंगे। सूत्रों ने बताया कि यह बैठक शनिवार को 11 बजे शुरू होगी। इस दौरान प्रधानमंत्री गंगा नदी की साफ सफाई से जुड़े आयामों की समीक्षा करेंगे। उनके नौका भ्रमण करने की भी संभावना है।

यह बैठक आज चंद्रशेखर आजाद कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर में होने वाली है। गंगा नदी से जुड़ी परियोजनाएं मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड और उत्तराखंड से संबंधित है। इसमें गंगा किनारे बसे पांच राज्यों उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड व प. बंगाल के मुख्यमंत्री या उनके प्रतिनिधि हिस्सा लेंगें। हालांकि अभी पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के इसमें शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई है।

यह भी पढ़े  Patna Local Photo 13/06/2018

बिहार के उपमुख्यमंत्री कार्यालय के बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कानपुर में 14 दिसम्बर को आयोजित ‘नेशनल गंगा कौंसिल’ की पहली बैठक में बिहार से उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भाग लेंगे। इस बैठक में नमामि गंगे की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा के साथ इस कार्यक्रम की समाप्त हो रही अवधि को विस्तारित करने पर विचार होगा।

बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने बताया कि पूरे देश में इस कार्यक्रम के तहत 28,628 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है जिसमें से बिहार में 4,653.81 करोड़ रुपये मुख्य रूप से एसटीपी और उसके नेटवर्क के निर्माण,पर खर्च किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त गंगा किनारे के गांवों में पौधारोपण, औद्योगिक इकाइयों के उत्सर्जन को गंगा में प्रवाहित होने से रोकने तथा घाटों व शवदाह गृहों के निर्माण आदि पर भी खर्च किया जा रहा है।

आपको बता दें कि अविरल निर्मल गंगा के लिए चल रहे नमामि गंगे प्रोजेक्ट की समीक्षा के लिए शनिवार को पीएम मोदी और नीतीश कुमार कानपुर पहुंच रहे हैं. इस दौरान दोनों नेता नेशनल गंगा काउंसिल की बैठक में हिस्सा लेंगे. इसमें यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत अन्य केंद्रीय मंत्री और अधिकारी शामिल हो सकते हैं. इस दौरान पीएम मोदी, नीतीश कुमार और योगी आदित्यनाथ गंगा नदी पर एक स्टीमर में गंगा की सैर करेंगे.

यह भी पढ़े  लालू के हाल के लिए परिवार जिम्मेदार : पप्पू यादव

वैसे तो यह कार्यक्रम सरकारी है, लेकिन नमामि गंगे के इस कार्यक्रम के सियासी मायने जरूर निकाले जाएंगे, क्योंकि इस सरकारी कार्यक्रम से ऐसी ही कुछ तस्वीर उभरने वाली है. कभी एक-दूसरे से हाथ मिलाने से परहेज करने वाले और अब सबसे घनिष्ठ सहयोगियों में एक जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कानपुर में गंगा की लहरों पर पीएम मोदी के साथ नजर आएंगे, तो उन पर सबकी नजर होगी. इतना ही नहीं, उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की होंगे.

यह केंद्र सरकार का वह सरकारी कार्यक्रम है, जिसमें उन सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को शामिल होना है, जहां से गंगा गुजरती है यानी उत्तराखंड से लेकर पश्चिम बंगाल तक. हालांकि इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास शामिल नहीं हो रहे हैं, लेकिन उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और बिहार के मुख्यमंत्री शामिल हो रहे हैं.

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि जल्द ही पूरी गंगा नदी, जो उत्तर प्रदेश में गुजरती है, वह निर्मल अविरल होगी. गंगा नदी में कोई भी नाला या सीवरेज नहीं गिरेगा. नमामि गंगे को लेकर लगातार काम हो रहे हैं. उत्तर प्रदेश और बिहार में गंगा सफाई को लेकर बड़े स्तर पर काम चल रहे हैं. ऐसे में यह देखना भी दिलचस्प है कि गंगा सफाई के जितने दावे किए जा रहे हैं, वह कितने हकीकत पर खरे उतरते हैं.

यह भी पढ़े  आयुष्मान योजना को असफल नहीं होने देंगे’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here