बिहार के मरने वालों की संख्या 36 हुई,कैसे हुआ हादसा, जवाब तलाशने का काम शुरू

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नई दिल्ली के रानी झांसी रोड स्थित अनाज मंडी में रविवार सुबह लगी भीषण आग में जान गंवाने वाले बिहार के लोगों की संख्या 36 पहुंच गई है. इस बीच उनके शवों को आज बिहार लाया जा रहा है. शवों सड़क मार्ग से एंबुलेंस में रखकर ले लाया जाएगा. दरअसल परिजनों की इच्छा के अनुसार अंत्येष्टि के लिए मृतकों को बिहार लाया जा रहा है. हालांकि मृतकों के परिजनों ने ट्रेन से शवों को भेजने पर ऐतराज किया था, इसलिए ये व्यवस्था की गई है.

मृतकों में सबसे अधिक समस्तीपुर के
बता दें कि मरने वालों में सबसे अधिक समस्तीपुर के 12 लोग शामिल हैं. सहरसा के 09, सीतामढ़ी के 06, मुजफ्फरपुर के 03, दरभंगा के 02 और बेगूसराय, मधेपुरा, अररिया और मधुबनी के एक एक व्यक्ति शामिल हैं. मिली जानकारी के अनुसार हादसे में मृत लोगों में से दो शवों की पहचान नहीं हो सकी है. आशंका है कि ये दोनों भी बिहार के ही हैं. अगर ऐसा होता है तो बिहार के मृतकों की संख्या 38 तक पहुंच सकती है.

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अनाज मंडी इलाके में एक फैक्टरी में भीषण आग लगने की घटना में मारे गये लोगों के परिवार के दबाव के आगे झुकते हुए बिहार सरकार ने राज्य के निवासियों के शव ट्रेन के बजाये सड़क मार्ग से उनके घर भेजने का फैसला किया है. इससे पहले फैसला किया गया था कि ये शव स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के एसएलआर कोच में रखकर ले जाये जायेंगे. हालांकि, पीड़ितों के परिवारों ने इस तरह की व्यवस्था पर आपत्ति प्रकट की थी. बिहार भवन में संयुक्त श्रम आयुक्त कुमार दिग्विजय ने बताया कि परिवार शवों को ट्रेन से भेजने को लेकर सहज नहीं थे, इसलिए हमने एंबुलेंस में शवों को भेजने का फैसला किया है. एक एंबुलेंस में दो शव होंगे.

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अनाज मंडी इलाके में फैक्टरी में लगी आग की जांच शुरू कर दी है। सोमवार को री डी मैपिंग तकनीक का प्रयोग करते हुए घटना के साक्ष्य जुटाए गए। यह दूसरी बार है जब दिल्ली पुलिस जांच में री डी मैपिंग तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। री डी मैपिंग तकनीक से इमारत की कमियों एवं इसके क्षतिग्रस्त हिस्सों की जानकारी मिलती है। इससे आग लगने की जगह व उन कारणों का पता चलता है जिसकी वजह से लोगों को निकलने में दिक्कतें हुई। इसके पहले फरवरी में करोल बाग के होटल अर्पित पैलेस में लगी आग की जांच के लिए इस तकनीक का इस्तेमाल किया था। फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की एक टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और नमूने एकत्र किए। उधर, अदालत ने फैक्टरी मालिक रेहान औरमैनेजर फुरकान को 14 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। क्राइम ब्रांच की टीम हादसे के लिए कौन-कौन जिम्मेदार है, इन सवालों का जवाब तलाशने की कोशिश कर रही है। इसी बीच सोमवार सुबह पौने आठ बजे उसी इमारत की तीसरी मंजिल पर दोबारा आग लग गई। सूचना मिलते ही दमकल की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया। जांच एजेंसियां सोमवार को दिनभर इमारत में साक्ष्य एकत्रित करती रहीं। अनाज मंडी इलाके की सभी दुकानें व फैक्टरी बंद हैं। सोमवार को दिन निकलते ही घटनास्थल के पास पीड़ितों के परिजनों तथा आम लोगों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया।

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