नागरिकता संशोधन विधेयक का JDU ने भी किया समर्थन

0
26

नागरिकता संशोधन विधेयक पर लोकसभा में चर्चा के दौरान लोकसभा में कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, अनुच्छेद 15, अनुच्छेद 21, अनुच्छेद 25 और 26 के खिलाफ है। यह विधेयक असंवैधानिक है और समानता के मूल अधिकार के खिलाफ है।

इससे पहले गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि इस बिल के पीछे कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है। किसी के साथ अन्याय का सवाल नहीं। इस विधेयक में कोई भेदभाव नहीं है। यह अधिकार छीनता नहीं है, बल्कि देता है। शाह ने कहा कि दस्तावेजों के बिना भी राशन कार्ड सहित शरणार्थियों को नागरिकता दी जाएगी।

इससे पहले लोकसभा में नागरिकता बिल पेश हुआ।बिल को पेश होने के लिए लोकसभा में जो वोटिंग हुई, उसमें 293 हां के पक्ष में और 82 विरोध में वोट पड़े हैं। लोकसभा में इस दौरान कुल 375 सांसदों ने वोट किया। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि यह बिल 0.001 प्रतिशत भी अल्पसंख्यकों के खिलाफ नहीं है। इस बिल से जुड़े विपक्ष के हर सवाल का जवाब दिया जाएगा। कांग्रेस की अगुआई में अधिकांश विपक्षी दलों ने भी नागरिकता संशोधन बिल के वर्तमान स्वरूप को देश के लिए खतरनाक बताते हुई इसके विरोध की ताल ठोक दी है। शिवसेना का कहना है कि केंद्र इस बिल के जरिए हिंदू-मुस्लिमों के बीच अदृश्‍य बंटवारा कर रही है।

यह भी पढ़े  मेरा नाम राहुल सावरकर नहीं, मर जाऊंगा पर माफी नहीं मांगूंगाः राहुल गांधी

लोकसभा में जदयू के सांसद राजीव रंजन सिंह ने कहा कि हम इस बिल का समर्थन करते हैं। इस बिल को भारतीय नागरिकों के बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक दोनों के प्रकाश में नहीं देखा जाना चाहिए। अगर पाकिस्तान के सताए गए अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता दी जाती है तो मुझे लगता है कि यह सही बात है।

शिवसेना के विनायक राउत ने कहा कि बिल में उल्लेखित इन छह समुदायों के कितने शरणार्थी भारत में रह रहे हैं? गृह मंत्रालय ने इसका जवाब नहीं दिया कि नागरिकता मिलने पर हमारी आबादी कितनी बढ़ जाएगी? इसके अलावा, श्रीलंका से तमिलों को लेकर क्या प्रावधान होगा?

लोकसभा में टीएमसी सासंद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद अगर इस बिल को देखते तो उन्हें झटका लगता। क्योंकि यह उनके विचार के खिलाफ है। भाजपा का आइडिया ऑफ इंडिया विभाजनकारी है। अगर हम महात्मा गांधी के शब्दों को नजरअंदाज करेंगे और सरदार पटेल की सलाह पर ध्यान नहीं देंगे तो यह विनाशकारी होगा।

यह भी पढ़े  ईको टूरिज्म के विकास होने से बाल्मिकी नगर को लोग और सम्मान की नजर से देखेंगे :- मुख्यमंत्री

– लोकसभा में द्रमुक के नेता दयानिधि मारन ने कहा कि संभवतः पश्चिम का भय, पश्चिम द्वारा अलग-थलग होने का भय आप में फैल गया और आपको इस विधेयक में ईसाइयों को शामिल करना पड़ा। इसके अलावा अगर गुलाम कश्मीर (Pok) के मुसलमान आना चाहें तो क्या होगा? उसके लिए आपके पास क्या कानून है?

लोकसभा में कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा, ‘गृहमंत्री ने कहा कि धर्म के आधार पर विभाजन के लिए कांग्रेस जिम्मेदार है। मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि दो राष्ट्र सिद्धांत की नींव 1935 में अहमदाबाद में सावरकर ने हिंदू महासभा के सत्र में रखी थी, न कि कांग्रेस ने।’

लोकसभा में कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, अनुच्छेद 15, अनुच्छेद 21, अनुच्छेद 25 और 26 के खिलाफ है। यह विधेयक असंवैधानिक है और समानता के मूल अधिकार के खिलाफ है।

अमित शाह ने कहा कि हम इनर लाइन परमिट सिस्टम में मणिपुर को शामिल कर रहे हैं, यह बड़ा मुद्दा अब हल हो गया है। लंबे समय से चली आ रही इस मांग को पूरा करने के लिए मैं मणिपुर के लोगों की ओर से पीएम मोदी को धन्यवाद देता हूं।

यह भी पढ़े  अनोखा विश्व रिकॉर्ड, 16 हजार किलोमीटर लंबी ह्यूमन चैन बनाई

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here