निर्भया के दोषियों को सात साल बाद 16 दिसंबर को दी जा सकती है फांसी!

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निर्भया से गैंग रेप और फिर उसके साथ पाशविकता की हद तक दरिंदगी करने वाले दोषियों के लिए फांसी का फंदा और करीब आता जा रहा है. तिहाड़ जेल प्रशासन के फांसी देने वाले जल्लाद ढूंढ़ने वाले बयान और एक दोषी की ओर से राष्ट्रपति के समक्ष दायर दया याचिका वापस लेने के बाद चर्चा तेज हो गई है कि उनके फांसी के दिन करीब आते जा रहे हैं. ऐसे भी संकेत मिले हैं कि निर्भया के दोषियों को उसी दिन फांसी पर लटकाया जाएगा, जिस दिन उन्होंने निर्भया के साथ दरिंदगी की थी.

16 दिसंबर को दी जा सकती है फांसी
जानकारी के मुताबिक 16 दिसंबर को सभी दोषियों को फांसी दी जा सकती है. जिस जगह फांसी देनी है, वहां साफ़-सफाई शुरू कर दी गई है. खबर यह भी है कि मामले के दोषी पवन को मंडोली जेल से तिहाड़ शिफ्ट किया गया है. एक दोषी विनय शर्मा ने बीते दिनों राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास दाखिल दया याचिका को गृह मंत्रालय से नामंजूर करने की सिफारिश की है. गौरतलब है कि हैदराबाद की डॉक्टर से गैंगरेप और फिर जलाकर हत्या करने वाले दोषियों के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद निर्भया के दोषियों को फांसी देने की मांग ने और जोर पकड़ लिया है. निर्भया की मां भी सरकार से इस संबंध में बेहद मार्मिक अपील कर चुकी हैं.

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एक मर चुका है और एक रिहा, बचे चार
गौरतलब है कि निर्भया गैंगरेप मामले में छह दोषियों में से एक की जेल में मौत हो चुकी है, जबकि एक नाबालिग दोषी सजा काटकर जेल से बाहर आ चुका है. बचे चार दोषियों की ओर से लगाई जा रही अड़चनों से आगे की कार्रवाई नहीं की जा सकी है. उम्मीद है कि गृह मंत्रालय की सिफारिश के बाद राष्ट्रपति जल्द ही दया याचिका पर फैसला लेंगे. ऐसे में अगर निर्भया कांड के गुनहगारों को फांसी हुई तो माना जा रहा है कि मेरठ के पवन जल्लाद को ही इसकी जिम्‍मेदारी दी जाएगी. हालांकि, अभी तक आधिकारिक तौर पर पवन से इसके लिए संपर्क नहीं किया गया है.

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