5 वर्ष मंत्री रहते एक भी केवि नहीं खुलवा सके कुशवाहा

0
31
file pto

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जो लालू प्रसाद द्वेषपूर्ण जातीय राजनीति से समाज को बांटकर बिहार पर 20 साल राज करने के दावे करते फिरते थे, उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने सबका साथ, सबका विकास करने की नीति से ऐसा सबक सिखाया कि उनकी पार्टी इस बार लोकसभा का मुंह नहीं देख सकी। 2020 के विधानसभा चुनाव में भी एनडीए संसदीय चुनाव की सफलता दोहरायेगा।श्री मोदी ने ट्वीट कर कहा कि राजद की मुश्किल यह है कि उसका एक गुट वजूद बचाने के लिए नीतीश कुमार का नेतृत्व स्वीकार करने को लालायित है, तो दूसरे को परिवारवादी राजनीति बचाने के लिए मुख्यमंत्री को दिन-रात कोसना जरूरी लगता है। जिस दल के पास स्पष्ट नीति और साफ नीयत न हो, वे अन्तद्र्वन्द्व में जीते हैं और सत्ता के लिए तंत्र से तिकड़म तक-सब कुछ आजमाते हैं। पांच साल केंद्र में मंत्री रहने के बावजूद रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा बिहार में एक भी केंद्रीय विद्यालय नहीं खोलवा सके। मंत्री रहते काम करने की बजाय शिक्षा पर धरना-प्रदर्शन की जो तमाशा-राजनीति उन्होंने शुरू की, उसे आमरण अनशन के क्लाइमेक्स पर पहुंचाया। अनशन तोड़ने के लिए उन साथियों के आश्वासन पर भरोसा कर लिया, जो 15 साल में बिहार को केंद्रीय विद्यालय नहीं, केवल चरवाहा विद्यालय दे पाए। शब्दों की समझ यह कि वे अपने अनिश्चितकालीन अनशन को आमरण अनशन बताते रहे।

यह भी पढ़े  पटना के गांधी मैदान में आज जलेगा बुराई का 70 फीट का रावण, 65 का कुंभकर्ण

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here