विलुप्त हो रही कलाओं को पुनर्जीवित करने की पहल है सरस मेला : श्रवण

0
33

ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि विलुप्त हो रही कलाओं और रोजगारपरक विधाओं को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक पहल है सरस मेला का आयोजन। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास बिभाग सरस मेला के माध्यम से गाँव की छोटी-छोटी उधमियों की हौसला- अफजाई करती है।ज्ञात हो कि बिहार सरस मेला का आगाज हो गया है। मेला का उद्घाटन आज ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया । सरस मेला ग्रामीण विकास विभाग के तावाधन में जीविका के द्वारा 1 दिसंबर से शुरू होकर 15 दिसंबर तक आयोजित है ।उद्घाटन से पूर्व आगत अतिथियों का स्वागत जीविका दीदियों ने पुष्पगुच्छ देकर किया स तत्पचात ब्रज किशोर पाठक, विशेष कार्य पदाधिकारी , जीविका ने आगत अतिथिओं का स्वागत करते हुए कहा कि ग्रामीण शिल्प के लिए सरस मेला एक ऐसा मंच है जो स्वदेी उत्पादों एवं इससे जुड़े लोगों को बाजार उपलब्ध कराने के साथ प्रोत्साहन भी देता है स इसअवसर पर जीविका दीदियों ने बढ़ते कदम जीविका गीत की प्रस्तुति की । इससे पूर्व मंत्री जी का स्वागत मुख्य द्वार पर जीविका दीदियों ने किया । तत्पचात सभी ने मेला में सजे स्टल का परिभ्रमण किया ।

यह भी पढ़े  मतभेद भुलाकर संगठन को सुदृढ़ बनायें : कादरी

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here