चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में जीडीपी 4.5 फीसद पर लुढ़की

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आर्थिक मोर्चे पर सुस्ती से निपटने में जूझ रही सरकार की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। विनिर्माण क्षेत्र में गिरावट और कृषि क्षेत्र में पिछले साल के मुकाबले कमजोर प्रदर्शन से चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 4.5 फीसद रह गई। यह पिछले छह साल का न्यूनतम स्तर है।एक साल पहले 2018-19 की इसी तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर सात फीसद थी। वहीं चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह आंकड़ा पांच फीसद पर था। वित्त वर्ष 2019-20 की जुलाई-सितम्बर तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर का आंकड़ा 2012-13 की जनवरी-मार्च तिमाही के बाद से सबसे कम है। उस समय यह 4.3 फीसद रही थी।राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) वृद्धि दर 4.3 फीसद रही। वर्ष 2018-19 की इसी तिमाही में यह 6.9 फीसद थी। दूसरी तिमाही में विनिर्माण क्षेत्र में जीवीए के आधार पर उत्पादन एक फीसद गिरा है। इसी प्रकार कृषि क्षेत्र में जीवीए की वृद्धि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में नरम होकर 2.1 फीसद रही जो एक साल पहले इसी तिमाही में 4.9 फीसद थी। निर्माण क्षेत्र की जीवीए वृद्धि दर आलोच्य तिमाही में 3.3 फीसद रही जो एक साल पहले 2018-19 की दूसरी तिमाही में 8.5 फीसद थी। खनन क्षेत्र में वृद्धि 0.1 फीसद की वृद्धि हुई जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह 2.2 फीसद की गिरावट आई थी। बिजली, गैस, जल आपूत्तर्ि और अन्य सामाजिक सेवाओं की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में धीमी पड़कर 3.6 फीसद रही जो एक साल पहले इसी तिमाही में 8.7 फीसद थी। आंकड़ों के अनुसार व्यापार, होटल, परिवहन, संचार और प्रसारण से जुड़ी सेवाओं की वृद्धि दर 4.8 फीसद रही जो एक साल पहले इसी तिमाही में 6.9 फीसद थी। वित्तीय, रीयल एस्टेट और पेशेवर सेवाओं की वृद्धि दर वित्त वर्ष 2019-20 की दूसरी तिमाही में 5.8 फीसद रही जो एक साल पहले इसी तिमाही में सात फीसद रही थी। दूसरी तरफ सार्वजनिक प्रशासन, रक्षा और अन्य सेवाओं की वृद्धि दर आलोच्य तिमाही में सुधरकर 11.6 फीसद रही जो एक साल पहले इसी तिमाही में 8.6 फीसद थी। छमाही आधार पर (अप्रैल-सितम्बर 2019) में जीडीपी वृद्धि दर 4.8 फीसद रही जो एक साल पहले इसी अवधि में 7.5 फीसद थी। एनएसओ के बयान के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2019-20 की जुलाई-सितम्बर के दौरान स्थिर मूल्य (2011-12) पर जीडीपी 35.99 लाख करोड़ रपए रहा जो पिछले साल इसी अवधि में 34.43 लाख करोड़ रपए था। निवेश का पैमान समझा जाने वाला सकल स्थिर पूंजी निर्माण स्थिर मूल्य (2011-12) चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 10.83 लाख करोड़ रपए रहा जो एक साल पहले इसी तिमाही में 11.16 लाख करोड़ रपए था। जीडीपी के संदर्भ में चालू और स्थिर मूल्य (2011-12) पर जीएफसीएफ दर चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में क्रमश: 27.3 फीसद और 30.1 फीसद रही।

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