शराबबंदी से समझौते का सवाल ही नहीं : मुख्यमंत्री

0
37

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में लागू शराबबंदी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराते हुए स्पष्ट कर दिया कि चाहे कोई कुछ भी कहे, मैं इससे कतई समझौता नहीं करूंगा। राजधानी के अशोक कन्वेंशन केंद्र स्थित ज्ञान भवन में मंगलवार को आयोजित नशामुक्ति दिवस समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में शराबबंदी से पहले 5 हजार करोड़ रुपये की राजस्व उगाही हुई शराब की बिक्री से हुई थी। इसकी चिंता छोड़ हमने बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू की, ताकि समाज का वातावरण और बिहार के लोगों का स्वास्य बेहतर हो सके। वैसे भी मैं छात्र जीवन से ही शराबबंदी का पक्षधर रहा हूं। उन्होंने कहा कि जनता सरकार बनाती है, तो हमारा यह परम दायित्व है कि खजाने की चिंता छोड़ लोगों की चिंता करें और उनके बेहतरी के लिए काम करें। उन्होंने कहा कि कई राज्य ऐसे हैं, जो राजनैतिक नफा नुकसान और टैक्स के कारण शराबबंदी लागू करने की लोग हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं, लेकिन हमने इसकी परवाह नहीं की। मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी के बाद बदले घरेलू माहौल और जीवन में आई बेहतरी एवं सुखद अनुभवों को महिलाओं ने सार्वजनिक मंच से साझा किया। हत्या करने पर आजीवन कारावास और फांसी तक की सजा है फिर भी ये अपराध होते हैं, ऐसे में शराबबंदी के बाद भी चंद लोग हैं जो गड़बड़ करने में लगे रहते हैं। उन पर कार्रवाई भी हो रही है। हर पांच-ंछह महीने में हम शराबबंदी की समीक्षा करते रहते हैं और इस बार भी 23 तारीख को मीटिंग बुलाकर एक-एक बिंदु पर हमने अधिकारियों से बात की है। सिर्फ ड्राइवर और खलासी को पकड़ने से काम नहीं चलेगा, शराब कहां से आ रही है और यह कहां बन रही है, इसकी गहराई से जांच करने की जरूरत है। पुलिस, मद्य निषेध विभाग के साथ ही स्पेशल ब्रांच से जुड़े लोगों को पूरी सजगता से निगरानी रखनी होगी, ताकि गड़बड़ करने वालों पर कठोर कार्रवाई हो सके। उन्होंने कहा कि राज्य में शराबबंदी के बाद पर्यटकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी ही दर्ज की गयी। यह बात हमने केरल के लोगों को भी बतायी थी। बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होनेके बाद अप्रैल 2017 में क्रिश्चियन समुदाय के लोगों ने केरल में हमें आमंत्रित किया था। उन्होंने कहा कि बिहार में पर्यटक, बौद्ध या जैन समाज के लोग शराब पीने नहीं आते हैं और शराबबंदी लागू होने के बाद ही हमने कह दिया था कि कोई यहां आकर शराब पीना चाहता है तो उसको बिहार आने की जरूरत नहीं है। सीएम ने कहा कि शराबबंदी के खिलाफ बोलने वाले लोग तरह तरह के प्रचार करने में जुट गये और कार्रवाई को गरीब-गुरबों से जोड़कर तरह-ंतरह की बातें करने लगे। हमने कहा कि बिहार की जेलों में 40 हजार लोगों को ही रखने की क्षमता है तो फिर दो लाख लोग कहां से जेल में हैं। उन्होंने सवाल किया कि कोई हमें यह तो बता दे कि शराबबंदी के बाद बिहार में कौन सा काम रुका है। अब शराम की जगह लोग दूध, मिठाई, बच्चों को खिला रहे हैं। शराबबंदी से पूरे बिहार में अमन-चैन का माहौल कायम है। गड़बड़ी करने वालों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शा जायेगा, वह चाहे कोई भी क्यों न हो। शराबबंदी के कारण कुछ लोग मेरे खिलाफ हैं लेकिन इस मसले पर हम कभी समझौता नहीं करेंगे।

यह भी पढ़े  नई टेक्नोलॉजी से जन वितरण पण्राली में और भी ज्यादा पारदर्शिता लाई जाय : मुख्यमंत्री

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here