आमजन की सुरक्षा को सवरेपरि रखे पुलिस:मुख्यमंत्री

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‘‘आज के समय में पुलिस हर अपराध का अनुसंधान नई टेक्नोलॉजी की मदद से कर रही है, जो बेहद जरूरी है, लेकिन उसे अनुसंधान के पहले के तौर तरीके भी कायम रखने होंगे। बदलते परिवेश में नई तकनीक और नए-नए यंत्रों की अलग-अलग भूमिका है लेकिन कानून व्यवस्था को बनाये रखने में अश्वारोही सैन्य पुलिस बल की भूमिका भी अहम रहेगी। अश्वारोही सैन्य पुलिस को निरंतर कायम रखते हुए आवश्यकतानुसार इनकी संख्या में वृद्धि करने की जरूरत है।’ये बातें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बृहस्पतिवार को भोजपुर के आरा स्थित एमएमपी (माउंटेड मिलिट्री पुलिस) ग्राउंड में आयोजित अश्वारोही सैन्य पुलिस के शताब्दी समारोह में कहीं। उन्होंने कहा कि पुलिस के जवानों को कहा कि आप आमजनों की सुरक्षा प्रदान कर अपनी जिम्मेवारी का निर्वहन करें। मुझे आशा है कि आपके द्वारा किये गये कार्य से पुलिस का ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार का मान-सम्मान बढ़ेगा। सीएम ने कहा कि हाल में परिस्थितियों में काफी बदलाव हुआ है। उन्होंने कहा कि किसी जमाने में एमएमपी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, लेकिन कभी भी इसकी जरूरत पड़ सकती है। घुड़सवार दस्ता पुलिस की ताकत है। इसे अलग-अलग क्षेत्रों में ले जाकर कौशल का प्रदर्शन करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की बेहतरी के लिए राज्य सरकार ने काफी काम किया है, वह सर्वविदित है। पहले जहां थाने के भवन पुराने हुआ करते थे, वहां उन्हें अब नया और आधुनिक बनाया गया है। इस प्रकार से भी पुलिस थाने बनेंगे, इसकी कोई कल्पना भी नहीं करता था। यही नहीं, राज्य सरकार ने महिलाओं के लिए पुलिस में 35 प्रतिशत का आरक्षण लागू किया, जिसका नतीजा यह है कि बिहार पुलिस जितना किसी भी प्रदेश के पुलिस बल में महिलाओं की संख्या नहीं है। पटना में पुलिस मुख्यालय एवं राजगीर स्थित पुलिस अकादमी के भवन भी अत्याधुनिक तरीके से बनाये गये हैं।, जिन्हें देखने के लिए दूसरे प्रांत से लोग यहां आ रहे हैं। आने वाले समय में राजगीर में चार हजार पुलिस अफसरों की ट्रेनिंग दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की ओर से कानून व्यवस्था और अपराध की लगातार समीक्षा की जाती है। कुछ ही गिने-चुने लोग हैं, जो अपराध करते हैं। हमारे सुझाव के बाद सभी 40 पुलिस जिलों के थानों द्वारा उनके इलाके में होने वाली तरह-तरह की आपराधिक घटनाओं को चिह्नित किया गया है। अब उन इलाकों में पुलिसकर्मियों को मुश्तैदी से अपना काम करना है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2007 में नया पुलिस एक्ट बनाया गया। इससे कानून व्यवस्था तथा अपराध अनुसंधान की जिम्मेवारी अलग-अलग होगी। इससे सहूलियत होगी। 90-95 प्रतिशत थानों में काम बांट दिये गये हैं। अलग-अलग अनुसंधान के लिए काम तेजी से हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ समय में राज्य में आपसी विवाद और दूसरे प्रकार के झगड़ों में कमी आयी है लेकिन विश्लेषण करने में यह बात भी सामने आई है कि हत्या की अधिकांश घटनाएं संपत्ति विवाद और आपसी झगड़ों के कारण ही हो रही हैं। उन्होंने कहा कि शराबबंदी से हादसों में कमी आई है, लेकिन वाहन चालकों के झपकी लेने और ओवरटेक करने के चक्कर में सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिसके बाद हंगामा मचने से लॉ एंड ऑर्डर की समस्या उत्पन्न हो जाती है। इसके लिए लोगों को जागरूक करना होगा। इस दिशा में परिवहन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग और पथ निर्माण विभाग को मिलकर काम करना होगा।

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