5 साल में खुले में शौच से मुक्त हुआ देश : मोदी

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Patna-Nov.19,2019-Bihar Deputy Chief Minister Sushil Kumar Modi is giving flag off Sankalp Rath during Bihar Swachchta Sankalp-2019 on the occasion of World Toilet Day at Adhiveshan Bhawan in Patna.

विश्व शौचालय दिवस के मौके पर ग्रामीण विकास विभाग की ओर से अधिवेशन भवन में आयोजित ‘‘बिहार स्वच्छता संकल्प – 2019’ समारोह को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े अभियान के तहत 60 महीने में 60 करोड़ आबादी के लिए 11 करोड़ से अधिक शौचालय का निर्माण कर पूरे देश को खुले में शौच से मुक्त किया गया है। स्वप्रेरणा से 1.13 करोड़ शौचालय का निर्माण कर बिहार ने भी इस अभियान को सफल बनाने में बड़ी भूमिका निभायी है।श्री मोदी ने कहा कि बिहार में 70 हजार से ज्यादा राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षित किया गया व 52 हजार से ज्यादा स्वच्छताग्रहियों ने व्यवहार परिवर्तन के लिए मुहिम चलायी। 5 साल में असंभव प्रतीत होने वाला लक्ष्य हासिल कर गांधी की 150वीं जयंती पर उनके सपनों को साकार किया गया है। डब्ल्यूएचओ की 2018 की रिपोर्ट के अनुसार हर घर शौचालय के निर्माण से देश में 3 लाख लोगों को डायरिया से होने वाली मौत व प्रत्येक परिवार की चिकित्सा पर होने वाले औसत 50 हजार रुपये का खर्च बचा है। 2 अक्तूबर, 2014 को जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘‘हर घर शौचालय’ अभियान शुरू किया तो बिहार के मात्र 25.9 प्रतिशत ग्रामीण घरों में शौचालय थे। आज लगभग शत-प्रतिशत घरों में शौचालय का निर्माण कर सभी पंचायतों को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। शौचालय निर्माण एक सतत प्रक्रिया है, जो इक्के-दुक्के छूट गये होंगे, बाढ़ या अन्य कारणों से क्षतिग्रस्त हो गए होंगे, ‘‘कोई पीछे न छूट जाये’ अभियान के तहत सरकार उनका दुबारा निर्माण करायेगी। लगातार प्रयास करना होगा कि जिनके घरों में शौचालय बन गये हैं वे फिर से खुले में शौच के लिए बाहर न जाने लगें। उन्होंने कहा कि स्वच्छता का एक चरण पूरा हुआ है, दूसरा चरण ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन का है। 2020 में प्रदेश की 165 ग्राम पंचायतों में कचरा प्रबंधन का अभियान प्रारंभ किया जायेगा।
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पहले कार्यकाल में 50 करोड़ गरीबों को हर साल 5 लाख रुपये तक का इलाज कैशलेस कराने की सुविधा देने के लिए जब आयुष्मान भारत योजना शुरू की थी, तब विश्व स्वास्य संगठन ने इसकी सराहना की थी और इसे गरीबों के लिए दुनिया की सबसे बड़ी कल्याणकारी योजना बताया था। श्री मोदी ने ट्वीट कर कहा कि गरीबों के वोट पर पुश्तैनी दावा करने वाले जिन लोगों ने इस योजना पर चुप्पी साधी थी या चुनावी घोषणा बताया था, वे अब बिहार-यूपी जैसे कुछ राज्यों में वांछित सफलता न मिलने पर छाती पीट रहे हैं। राज्य सरकार योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए मरीजों का गोल्डन कार्ड बनाने में आने वाली कठिनाइयां दूर करेगी। पीड़ित मानवता की सेवा के प्रधानमंत्री के संकल्प को पूरा किया जाएगा। जेएनयू में फीस वृद्धि कोई इतना बड़ा मुद्दा नहीं कि इसके लिए संसद मार्च निकाला जाए। हकीकत यह है कि जो शहरी नक्सली इस कैम्पस में बीफ पार्टी, पब्लिक किसिंग, महिषासुर महिमामंडन, स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का मानभंजन और देश के टुकड़े-टुकड़े करने के नारे लगाने जैसी गतिविधियों में संलिप्त रहे, वे अब गरीब परिवारों के छात्रों को गुमराह कर राजनीतिक रोटी सेंकना चाहते हैं। आश्र्चय है कि राजद के जिन कर्णधारों ने कॉलेज-विविद्यालय का मुंह नहीं देखा, वे भी जेएनयू पर बयान दे रहे हैं।

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