देश मना रहा जवाहर लाल नेहरू की 130वीं जयंती, मुखर्जी, मनमोहन और सोनिया ने दी श्रद्धांजलि

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देश आज बाल दिवस के रूप में भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की 130वीं जयंती मना रहा है। इस मौके पर दिल्ली के शांतिवन पर खास समारोह हुआ। आज सुबह शांतिवन में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

आज ही के दिन 14 नवंबर 1889 में में पंडित जवाहर लाल नेहरू का जन्म हुआ था। हर साल की तरह इस साल भी देश जवाहर लाल नेहरू के जन्मदिवस पर बाल दिवस मना रहा है। वो 15 अगस्त 1947 से 27 मई 1964 को अपने निधन तक स्वतन्त्र भारत के पहले प्रधानमंत्री रहे।

कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं, सांसदों एवं कार्यकर्ताओं ने भी नेहरू को श्रद्धांजलि दी। पंडित नेहरू का जन्म 14 नवंबर 1889 को उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में हुआ था। मोतीलाल नेहरू और स्वरूप रानी के पुत्र जवाहरलाल नेहरू आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री थे और 1964 में निधन तक वह इस पद पर रहे। नेहरू का जन्मदिन बाल दिवस के तौर पर मनाया जाता है।

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आज बाल दिवस पर पढ़ें पंडित जवाहरलाल नेहरू के ये 10 प्रेरक विचार

जवाहर लाल नेहरु बच्चों को राष्ट्र का निर्माता कहते थे। जवाहर लाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर 1889 में हुआ था। 1930 और 1940 के स्वतंत्रता संग्राम में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी। हर साल की इस साल भी देश जवाहर लाल नेहरू के जन्मदिवस पर बाल दिवस मना रहा है। इस साल हम जवाहर लाल नेहरू की 130 जयंती मना रहे हैं। बच्चों में पंडित जवाहर लाल नेहरू खासे प्रिय थे। बच्चे भी उन्हें प्यार से चाचा नेहरू कहकर पुकारते थे। जवाहर लाल नेहरू स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री थे। इसके अलावा वो एक विद्वान और लेखक भी थे। जवाहर लाल नेहरू का कहना था कि हम वास्तविकता में क्या हैं वो और लोग हमारे बारे में क्या सोचते हैं उससे कहीं अधिक मायने रखता है। आइए पढ़ते हैं उनके कोट्स:

जवाहर लाल नेहरु बच्चों को राष्ट्र का निर्माता कहते थे। जवाहर लाल नेहरू का जन्म 1889 में हुआ था।

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जो व्यक्ति भाग जाता है वह शांत बैठे व्यक्ति की तुलना में अधिक खतरे में पड़ जाता है।

विफलता तभी होती है जब हम अपने आदर्शों, उद्देश्यों और सिद्धांतों को भूल जाते हैं।

हम वास्तविकता में क्या हैं वो और लोग हमारे बारे में क्या सोचते हैं उससे कहीं अधिक मायने रखता है।

महान विचार और छोटे लोग कभी भी एक साथ नहीं रह सकते।

जिसमें अज्ञानता है वो बदलाव से जरूर डरते हैं।

सत्य हमेशा सत्य ही रहता हैं चाहे आप पसंद करें या ना करें।

देश के लोगों की नागरिकता, देश की सेवा में निहित हैं।

हर हमलावर देश यह दावा करता हैं कि वह अपनी रक्षा के लिए कार्य कर रहा हैं।

संकट के समय हर छोटी चीज मायने रखती है।

कार्य के प्रभावी होने के लिए उसे स्पष्ठ लक्ष्य की तरफ निर्देशित किया जाना चाहिए।

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