लंबे उठा-पटक के बाद महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन, सरकार बनने के अब भी आसार

0
62

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के नतीजों के 19 दिन बाद आखिरकार राष्ट्रपति शासन लग गया है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश को मंजूरी दे दी है. इससे पहले महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यिारी ने राज्य की मौजूदा हालत की रिपोर्ट केंद्र को भेजी थी. रिपोर्ट में उन्होंने कहा था कि संविधान के मुताबिक राज्य में सरकार नहीं बन सकती है. उन्होंने रिपोर्ट में राष्ट्रपति शासन लागू करने की सिफारिश की थी. नरेंद्र मोदी कैबिनेट ने राज्यपाल के इस सिफारिश को अपनी स्वीकृति दे दी थी, इसके बाद गृह मंत्रालय ने इस फाइल को राष्ट्रपति के पास भेज दी थी. राष्ट्रपति ने राज्य में संविधान की धारा-356 के तहत राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया है.

महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगने के साथ ही वहां की विधानसभा निलंबित अवस्था में आ गई है. राज्य में इस वक्त 6 महीने के लिए राष्ट्रपति शासन लगा है. लेकिन अगर कोई भी पार्टी या गठबंधन पहले आंकड़ों का जुगाड़ करता है तो इसे 6 महीने से पहले भी खत्म किया जा सकता है. राज्यपाल ने अपनी अनुशंसा में कहा था कि राज्य में सरकार बनाने की कोई संवैधानिक व्यवस्था नही है इसलिए, वहां पर राष्ट्रपति शासन लगाया जाए. गवर्नर ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि 15 दिन हो गए हैं मुझे किसी दल की सरकार बनने की संभावना नही लगी. उन्होंने कहा कि उनकी ओर से राज्य में सरकार गठन के लिए पूरी कोशिशें की गईं, लेकिन ऐसी स्थिति में सरकार गठन की संभावना नजर नहीं आती है.

यह भी पढ़े  देश को आगे बढ़ाने में युवा शक्ति की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण:मुख्यमंत्री

उधर राज्यपाल ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा, चुनाव परिणाम आए हुए 15 दिन हो गए हैं, और समय नहीं दिया जा सकता है, अनुछेद 356 लागू करने के लिए राष्ट्रपति से रिपोर्ट में सिफारिश की गई थी। इसके बाद राष्ट्रपति ने राज्यपाल की रिपोर्ट को केंद्रीय कैबिनेट को भेजा। कैबिनेट ने राष्ट्रपति शासन लगाने का फैसला लिया। जिसपर राष्ट्रपति ने अपनी मुहर लगा दी।

राज्यपाल ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि राज्य में सरकार बनने की कोई उम्मीद नहीं है, ऐसे में राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए। राज्यपाल ने आज ही यह लेटर लिखा था। राज्यपाल ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि वर्तमान राजनीतिक हालात में स्थाई सरकार नहीं बन सकती है। अब ऐसी स्थिती में महाराष्ट्र में विधानसभा सस्पेंड रहेगी। महाराष्ट्र में अब 6 महीने के लिए अभी राष्ट्रपति शासन लगू रहेगा। हालांकि केंद्र सरकार उस से पहले भी इसे खत्म कर सकती है।

यह भी पढ़े  चालान काटने को लेकर भारी बवाल, पथराव,11 नामजद और 250 अज्ञात पर FIR दर्ज

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here