सद्भाव कायम रखना ही अबुल कलाम को श्रद्धांजलि:मुख्यमंत्री

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Patna-Nov.11,2019-Bihar Chief Minister Nitish Kumar is lighting the lamp to inaugurating Shiksha Diwas function at Gyan Bhawan in Patna. Photo by – Sonu Kishan.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज देश के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती पर आयोजित शिक्षा दिवस-2019 कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया। सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र स्थित ज्ञान भवन में आयोजित समारोह में पौधा भेंटकर स्कूली बच्चों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने मौलाना अबुल कलाम आजाद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। मौलाना अबुल कलाम आजाद से संबंधित पुस्तक का भी मुख्यमंत्री ने विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने ख्याति प्राप्त गणितज्ञ एवं पटना साइंस कॉलेज के प्राचार्य प्रो. केसी सिन्हा एवं अवकाश प्राप्त चीफ इनकम टैक्स कमिश्नर प्रेम वर्मा को अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र के साथ ही सवा लाख रुपये का चेक भेंटकर मौलाना अबुल कलाम आजाद शिक्षा पुरस्कार-2019 से सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने ज्ञान भवन में स्कूली बच्चों द्वारा 47वीं राज्य स्तरीय विज्ञान, गणित एवं पर्यावरण से संबंधित प्रदर्शनी के साथ ही मौलाना अबुल कलाम आजाद के जीवन दर्शन एवं शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान पर आधारित चित्र प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले शिक्षा दिवस समारोह 2019 का आयोजन बेहतर तरीके से करने के लिए शिक्षा विभाग को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि ‘‘ 2007 में हम लोगों ने बिहार में मौलाना अबुल कलाम आजाद के जन्म दिवस पर शिक्षा दिवस का आयोजन शुरू किया और इसके राष्ट्रव्यापी आयोजन के लिए हमने केंद्र को पत्र लिखकर आग्रह किया, जिसके बाद वर्ष 2008 से राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाने की परंपरा शुरू हुई।

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सर्वधर्म समभाव के पक्षधर मौलाना अबुल कलाम आजाद ने न सिर्फ आजादी की लड़ाई में अपनी महती भूमिका निभाई बल्कि आजादी के दिनों में संघर्षशील रहते हुए देश का विभाजन न हो इसके लिए हर मुमकिन कोशिश की। उनकी अपील पर ही यहां से बाहर जाने का सिलसिला बंद हुआ, यह अपने आप में बहुत बड़ी चीज है। महिलाओं की शिक्षा और शिक्षा के विकास में देश के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद ने जो काम किया, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए ही हमलोग हर वर्ष शिक्षा दिवस का आयोजन करते हैं। शिक्षा विभाग को निर्देशित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा दिवस समारोह को ज्ञान भवन तक ही सीमित न रखकर इसके स्वरूप को व्यापक कीजिए ताकि अधिक से अधिक लोगों की इसमें भागीदारी हो सके।

उन्होंने कहा कि ‘‘अबुल कलाम आजाद के जीवन दर्शन पर आधारित आज जिस पुस्तक का विमोचन हुआ है, मैं इस पुस्तक के लेखकों को बधाई देता हूं। 10 अप्रैल 2017 को बापू पटना होते हुए चंपारण गये थे। चंपारण सत्याग्रह के सौवें साल पर वर्ष 2017 में अनेक कार्यक्रम आयोजित किये गये, जो मार्च 2018 तक चले। चंपारण सत्याग्रह के सौवें साल पर ही 10 अप्रैल 2017 को ज्ञान भवन का उद्घाटन किया गया। सौवें साल पर ज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में पूरे देश से गांधी विचारक एकत्रित हुए थे। बापू कहा करते थे कि मेरा जीवन ही मेरा संदेश है। उनके विचारों को घर-घर तक पहुंचाने के लिए ‘‘बापू की पाती’ और ‘‘एक था मोहन’ नामक दो पुस्तकों को प्रकाशित करवाकर सभी स्कूलों में प्रतिदिन प्रार्थना के बाद कथावाचन की शुरुआत हुई जो आज भी जारी है।’

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उन्होंने कहा कि ‘‘अगर 10 से 15 प्रतिशत भी युवा पीढ़ी बापू के विचारों से प्रेरित हो जाए तो यह समाज और देश बदल जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौलाना अबुल कलाम के जीवन-दर्शन पर आधारित पुस्तक को स्कूली बच्चों के बीच वितरित कराने के साथ ही उनकी जीवनी को कक्षा आठ के सामाजिक विज्ञान के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा ताकि युवा पीढ़ी उनके व्यक्तित्व-कृतित्व से भलीभांति अवगत हो सके।’ उन्होंने कहा कि मौलाना अबुल कलाम आजाद महिलाओं की शिक्षा और नारी सशक्तिकरण के पक्षधर थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘‘ जलवायु परिवर्तन के कारण पर्यावरण पर संकट उत्पन्न हो रहा है और भूजल स्तर नीचे चला जा रहा है। इसे देखते हुए हमलोगों ने जल-जीवन-हरियाली अभियानी की शुरुआत की है क्योंकि जल और हरियाली के बीच ही जीवन सुरक्षित है। इस अभियान में 11 सूत्री कार्यक्रम के अलावा प्रदूषण की समस्या को भी जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि आज कल आपसी झगड़ा ज्यादा देखने को मिल रहा है जिसके कारण कई प्रकार की समस्याएं सामने आ रही हैं इसलिए आपस में प्रेम, भाईचारे और सद्भाव का भाव होना चाहिए। बापू और मौलाना अबुल कलाम आजाद ने भी हमें यही सिखाया है।

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नई पीढ़ी के अंदर आपसी विद्वेष, घमंड और घृणा का भाव नहीं होना चाहिए, तभी समाज आगे बढ़ेगा। शिक्षा दिवस के अवसर पर हमें यही संकल्प लेना है कि समाज में प्रेम, भाईचारा और सद्भाव का माहौल कायम रखते हुए सभी को पढ़ाएंगे, यही बापू और मौलाना अबुल कलाम आजाद के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। आज पुरस्कृत हुए शिक्षाविदों को मुख्यमंत्री ने बधाई दी।

समारोह को उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, अपर मुख्य सचिव शिक्षा विभाग आरके महाजन, पूर्व मुख्य आयकर आयुक्त प्रेम वर्मा एवं पटना साइंस कॉलेज के प्राचार्य प्रो. केसी सिन्हा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक संजय सिंह, उच्च शिक्षा निदेशक रेखा कुमारी, माध्यमिक शिक्षा निदेशक गिरिवर दयाल, प्राथमिक शिक्षा निदेशक रंजीत सिंह, इम्तियाज अहमद, जिलाधिकारी कुमार रवि, वरीय पुलिस अधीक्षक गरिमा मल्लिक सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति, शिक्षाविद् एवं स्कूली बच्चे उपस्थित थे।

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