हम ‘मुजरा’ करने के लिए नहीं आए हैं, हमारी मांगें नहीं मानी गई तो फैलेगी अराजकता: रहमान

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के इस्तीफे की मांग करने वाले ‘आजादी मार्च’ का नेतृत्व कर रहे नेता एवं मौलाना फजलुर रहमान ने बुधवार को कहा कि यह विशाल धरना राष्ट्रीय जिम्मेदारी पूरी करने के लिए हो रहा है न कि ‘मुजरा’ करने के लिए। रहमान ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गई, तो निश्चित रूप से अराजकता फैलेगी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार बीच का रास्ता ढूंढना और गतिरोध तोड़ना चाहती है तो उसे विपक्षी दलों को अपने सुझाव देने चाहिए।
दक्षिणपंथी जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम फजल (JUI-F) के नेता एक बड़े प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं जो बुधवार को छठे दिन भी जारी रहा। ‘आजादी मार्च’ कहे जा रहे इस प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों ने खान पर 2018 के आम चुनावों में ‘धांधली’ करने का आरोप लगाते हुए उनसे इस्तीफा मांगा है। रहमान ने कहा कि 6 दिन से चल रहा सरकार विरोधी धरना राष्ट्रीय जिम्मेदारी पूरी करने के लिए हो रहा है और इसके लिए बहुत प्रयास किए गए हैं।

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पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, रहमान ने कहा, ‘ऐसा नहीं है कि हम यहां रोज रात को मुजरा करते हैं। यहां सम्मानजक लोग बैठे हैं। वे अय्याशी करने के लिए यहां नहीं आए हैं। मेरी शालीनता मुझे उन दृश्यों को दोहराने की अनुमति नहीं देती है, जो हम सभी इस्लामाबाद में देख चुके हैं।’ रहमान ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर मांगे नहीं मानी गई तो निश्चित रूप से अराजकता होगी।

पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) समेत विपक्षी दलों ने भी सरकार विरोधी प्रदर्शन को समर्थन दिया है। पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष चौधरी परवेज इलाही और पीएमएल-क्यू अध्यक्ष चौधरी शुजात हुसैन के साथ मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए रहमान ने कहा, ‘सकारात्मक जवाब की स्थिति अभी नहीं बनी है। यह हर किसी का देश है, जब जहाज डूबता है तो हम सभी डूबते हैं। देश में अशांति है और यह हर किसी की जिम्मेदारी है कि इस अशांति को खत्म किया जाए।’

यह भी पढ़े  नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुल संपत्ति 2,28,50,498 रुपए है, प्रधानमंत्री कार्यालय की वेबसाइट पर वित्त वर्ष 2017-18 के लिए घोषित की गई मंत्री परिषद की संपत्ति में यह जानकारी दी गई है। प्रधानमंत्री ने अपनी संपत्ति के बारे मे जो जानकारी दी है उसमें कैश, बैंक में डिपॉजिट, ज्वैलरी, प्लॉट और इंश्योरेंस पॉलिसी शामिल हैं। कैश इन हैंड में आई 67 प्रतिशत की गिरावट दी गई जानकारी के मुताबिक 31 मार्च 2018 को प्रधानमंत्री के पास 48944 रुपए कैश दर्ज किया गया है। पिछले साल 31 मार्च (वित्त वर्ष 2016-17) को प्रधानमंत्री के पास कैश इन हैंड 1,49,700 रुपए था। यानि इस बार कैश इन हैंड में 67 प्रतिशत की कमी आई है। SBI की ब्रांच में डिपॉजिट कैश इन हैंड के बाद अगर बैंक डिपॉजिट की बात करें तो गुजरात के गांधीनगर में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ब्रांच में बैंक बैलेंस के तौर पर 11,29,690 रुपए और फिक्स डिपॉजिट तथा मल्टी ऑप्शन स्कीम के तहत 1,07,96,288 रुपए जमा हैं। इंश्योरेंस, ज्वैलरी और निवेश की जानकारी निवेश और इंश्योरेंस की बात करें तो प्रधानमंत्री के पास नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट्स के तौर पर 5,18,235 रुपए और लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी के तौर पर 159281 रुपए की संपत्ति है। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने 20,000 रुपए का लार्सन एंड टूब्रो इंफ्रा बाँड (टैक्स सेविंग) भी लिया हुआ है। वहीं ज्वैलरी की बात करें तो प्रधानमंत्री के पास 4 सोने की रिंग्स हैं जिनका वजन लगभग 45 ग्राम और कीमत 1,38,060 रुपए आंकी गई है। अचल संपत्ति की जानकारी अचल संपत्ति की बात करें तो प्रधानमंत्री के पास गुजरात के गांधी नगर में करीब 1 करोड़ रुपए कीमत का घर है, इस घर की खरीद 2002 में की गई थी, खरीद के समय कीमत 1,30,488 रुपए थी और बाद में इस पर डेवलपमेंट के लिए 2,47,208 रुपए खर्च किए गए थे।

रहमान ने कहा कि अगर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) सरकार बीच का रास्ता ढूंढना चाहती है तो उसे सुझाव रखने चाहिए, फिर विपक्ष देखेगा। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान निर्वाचन आयोग (ECP) ने खुद स्वीकार किया है 95 फीसदी फॉर्म में हस्ताक्षर नहीं थे और पूछा कि क्यों संसदीय आयोग एक साल से सक्रिय नहीं था। JUI-F नेता ने कहा, ‘इमरान खान, जुल्फिकार अली भुट्टो से बड़ी शख्सियत नहीं हैं अगर वह दोबारा चुनाव करा सकते थे तो इमरान क्यों नहीं? ’

राजधानी में हो रहा यह प्रदर्शन पिछले साल आम चुनाव जीतने के बाद से खान के सामने विपक्ष की पहली संयुक्त चुनौती है। प्रधानमंत्री ने बुधवार को प्रदर्शनकारियों की खैरियत को लेकर चिंताएं जताई और अधिकारियों से प्रदर्शन स्थल का दौरा करने को कहा। खान ने एक ट्वीट में कहा, ‘मैंने सीडीए अध्यक्ष को फौरन धरना स्थल पर जाकर मदद करने के निर्देश दिए हैं कि धरने में शामिल होने वाले लोगों को बारिश और बदलते मौसम के कारण किस सहायता की आवश्यकता है।’

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उनकी यह टिप्पणी तब आयी है जब एक दिन पहले पाकिस्तान सरकार और विपक्षी नेताओं के बीच दूसरे दौर की वार्ता गतिरोध को तोड़ने में नाकाम रही। हालांकि खान ने कहा कि वह ‘आजादी मार्च’ के प्रदर्शनकारियों की सभी ‘जायज’ मांगें मानने के लिए तैयार हैं। रहमान का कहना है कि जब तक खान इस्तीफा नहीं दे देते तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।

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