भागलपुर में नि:संतान चाचा ने दी भतीजे की बलि

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पीरपैंती थाना क्षेत्र की श्रीमतपुर हजूर नगर पंचायत के विनोवा टोला गांव में संतान प्राप्ति की चाह में एक व्यक्ति द्वारा अपने ही भतीजे की बलि देने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। पुलिस सूत्रों ने सोमवार को घटना के संबंध में बताया कि विनोवा टोला गांव में शिवनंदन रविदास ने संतान प्राप्ति की चाह में रविवार की रात एक तांत्रिक के बहकावे में आकर अपने सगे भाई सकिंदर रविदास के दस वर्षीय पुत्र कन्हैया की बलि दे दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजवाया। पिरपैंती थाने में घटना की प्राथमिकी दर्ज की गयी है।
सोमवार की शाम प्रेस वार्ता में एसएसपी आशीष कुमार भारती ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मृत बच्चे की मां मीना देवी के बयान के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शिवनंद रविदास और तांत्रिक विलास मंडल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पूछताछ में दोनों अभियुक्तों ने कन्हैया की बलि दिये जाने के मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। हालांकि पुलिस ने शिवंनदन की पत्नी को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया।
एसएसपी श्री भारती ने बताया कि पीरपैंती थाने की पुलिस को सोमवार को सुबह सूचना मिली कि दिलौरी गांव में सकिंदर रविदास के दस वर्षीय पुत्र कन्हैया का शव बांस के बागीचे में पड़ा हुआ है। सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस ने जांच में पाया कि बच्चे की हत्या गला रेतकर, दाहिने हाथ की नस काटकर और पेट चीरकर की गई है। एसएसपी ने बताया कि मृतक की मां मीना देवी ने दर्ज बयान में आरोप लगाया कि शिवनदंन रविदास नि:सन्तान है। तांत्रिक विलास मंडल के कहने पर वह मेरे छोटे बेटे कन्हैया को रविवार को दीपावली की रात पटाखा दिलाने के बहाने घर से फुसलाकर सुनसान जगह ले गया था। काफी देर तक कन्हैया के घर वापस नहीं आने पर उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। सोमवार को उसका शव बांस के बागीचे में मिला।
मीना देवी ने बताया कि शिवनंदन रविदास की पत्नी नि:संतान थी। पुत्र प्राप्ति के लिए शिवनंदन रविदास एक तांत्रिक विलास मंडल के बहकावे में आ गया। तांत्रिक की बातों में आकर शिवनंदन रविदास ने कन्हैया को पटाखे खरीदने के बहाने ले जाकर उसकी निर्मम तरीके से हत्या कर दी और उसके शव को बांस के बागीचे में फेंक दिया। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एक विशेष टीम का गठन किया। विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में लेते हुए जेल भेज दिया गया।
एसएसपी श्री भारती ने बताया कि पूछताछ के क्रम में अभियुक्त शिवनंदन रविदास ने बताया कि गांव में दीपावली की रात ही मां काली की प्रतिमा की स्थापना होती है। तांत्रिक विलास मंडल ने मुझे बताया कि मां काली को आज की रात अपने किसी सगे की बलि देने से संतान के तौर पर पुत्र प्राप्ति होती है। तांत्रिक विलास की इस बात का मुझे और मेरी पत्नी को यकीन हो गया और मैंने अपने भतीजे की ही बलि दे दी। एसएसपी ने बताया कि मृतक कन्हैया का पिता सकिंदर रविदास पंजाब के पटियाला में मजदूरी करता है। उसकी पत्नी मीना देवी गांव में रहकर अपने बच्चों की परवरिश करती है।

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