कमलेश तिवारी हत्याकांड में बड़ा खुलासा, होटल से बैग और खून से सने भगवा कपड़े बरामद,सीएम योगी आज परिजनों से करेंगे मुलाकात

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कमलेश तिवारी हत्याकांड में पुलिस को एक और सफलता हाथ लगी है. कमलेश तिवारी के हत्यारे जिस होटले में ठहरे थे, वहां से पुलिस ने दोनों के सामान बरामद किए हैं. दोनों हत्यारे लखनऊ के ही नाका थाना क्षेत्र के खालसा इन होटल में ठहरे थे. जहां से पुलिस ने भगवा कपड़े और बैग बरामद किए थे. वहीं बरामद कपड़ों पर खून भी लगा हुआ है.

लालबाग खालसा होटल में दो संदिग्ध व्यक्ति ठहरे हुए थे. पुलिस को जैसे ही सूचना मिली फील्ड युनिट के साथ पुलिस की टीम वहां पहुंच गई. कमरे की जांच करने पर बैक के साथ कपड़े भी बरामद किए गए.

मिली जानकारी के मुताबिक होटल के रजिस्टर में दर्ज नामों के मुताबिक इस होटल में शेख असफाक हुसैन और पठान मोइनुद्दीन अहमद ठहरे थे. होटल के कमरे के अंदर बनी अलमारी में बैक, लोअर, लाल रंग का कुर्ता पड़ा है. बेड़ पर भगवा रंग का कुर्ता पड़ा है. जब कपड़े को उलट कर देखा गया तो उसमें खून के धब्बे नजर आए.

तौलिया खोलने पर भी खून के धब्बे दिखे. बैग में जिओ फोन पैकेट भी मिला है. साथ ही सेविंग किट, चश्मे का डिब्बा रखा मिला. कानूनी कार्रवाई के बाद होटल का कमरा सील कर दिया गया है.

हिन्दू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी हत्याकांड में नई जानकारियां सामने आई हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक हत्यारे गूगल मैप से कमलेश तिवारी के दफ्तर की लोकेशन तलाश खुर्शीदबाग पहुंचे थे. आरोपी वारदात को अंजाम देने के लिए ट्रेन से लखनऊ आए थे. लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन से कमलेश तिवारी के घर का पता पूछते हुए दोनों आरोपी गणेशगंज पहुंचे थे.

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पुलिस की 10 टीमें सक्रिय
कमलेश तिवारी मर्डर केस को क्रैक करने के लिए पुलिस की 10 टीमें लगाई गई है. गुजरात भेजी गई टीम को लखनऊ के एसपी क्राइम लीड कर रहे हैं. यूपी पुलिस और गुजरात एटीएस गुजरात के हवाई अड्डों से दिल्ली और लखनऊ की फ्लाइट के यात्रियों के बारे में भी पूछताछ की है.

शुक्रवार को लखनऊ में हुई थी हत्या
बता दें कि शुक्रवार को लखनऊ में दो बदमाशों ने हिन्दू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी की हत्या कर दी थी. कमलेश तिवारी को हत्यारों ने चाकू घोंपा था. घटना के बाद कमलेश तिवारी को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई.

सीएम योगी आज परिजनों से करेंगे मुलाकात

हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी के परिजन यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आज दोपहर में मुलाकात करने वाले हैं। इससे पहले शनिवार को प्रशासन को तिवारी के शव का अंतिम संस्कार कराने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। दोपहर बाद सीतापुर में उनके बड़े बेटे सत्यम तिवारी ने अपने पिता के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के मद्देनजर महमूदाबाद के बाजार को ऐतिहातन बंद रखा गया और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने बलों की तैनाती कर रखी थी।

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कमलेश तिवारी के बेटे सत्यम ने कहा है कि उन्हें उत्तर प्रदेश प्रशासन पर भरोसा नहीं है और मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी से कराई जानी चाहिए। वहीं, यूपी एटीएस आरोपियों से पूछताछ में जुटी है। महाराष्ट्र और गुजरात एटीएस भी इस मामले से जुड़े संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज में कातिलों के पीछे चल रही महिला शहनाज से भी यूपी पुलिस ने पूछताछ की है।

शुक्रवार को हुई थी तिवारी की हत्या
तिवारी की शुक्रवार को उनके घर में ही गोली मारकर और गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। जिला और पुलिस प्रशासन के अधिकारी परिजनों से शव का अंतिम संस्कार करने के लिए कहते रहे, लेकिन परिवार मुख्यमंत्री को बुलाने की मांग पर अड़ा रहा। लखनऊ मंडल के आयुक्त मुकेश मेश्राम और सीतापुर के डीएम अखिलेश तिवारी की ओर से लिखित आश्वासन के बाद परिवार शनिवार को अंतिम संस्कार करने पर राजी हुआ। कमलेश तिवारी के अंतिम संस्कार में डीएम और पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।

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कमलेश तिवारी के परिवार की मांगें
परिवार को मिले लिखित आश्वासन में बताया गया है कि सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को कमलेश तिवारी के परिवार से मिलेंगे। सीएम से मुलाकात के अतरिक्त परिवार की मांगों में NIA द्वारा हत्या की जांच, कमलेश तिवारी के बड़े बेटे सत्यम को सरकारी नौकरी, लखनऊ में आवास, 24 घंटे के अंदर परिजनों को सुरक्षा मुहैया कराए जाना, लखनऊ में शुक्रवार रात परिजन व कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज की जांच, पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए सभी हिंदूवादी कार्यकर्ताओं को अविलंब रिहा करना शामिल है।

11 घंटे तक तनावपूर्ण रही स्थिति
इससे पहले रात करीब 3 बजे शव के महमूदाबाद आने के बाद से ही करीब 11 घंटे से भी अधिक समय तक चली तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, जिससे निजात लखनऊ के कमिश्नर मुकेश कुमार मेश्राम और आइजी जोन एसके भगत के महमूदाबाद आने के बाद मिल सका। सुबह करीब साढ़े सात बजे एडीएम विनय कुमार पाठक भी एसडीएम बिसवां के साथ महमूदाबाद पहुंचे। उन्होंने भी परिवार को समझाया लेकिन कुछ नहीं हो पाया। कमलेश तिवारी का शव महमूदाबाद लाए जाने पर उनकी मां ने आपत्ति जताई।

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