पटना में बारिश का हाई अलर्ट खत्म, हो सकती है हल्की बारिश, आहत अभियान जोरो पर , कई इलाको में स्थिति समान्य होने में लगेगे तीन से चार दिन

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बिहार के कई हिस्से पिछले कुछ महीने से मौसम की मार झेल रहे हैं. अब एक बार फिर मौसम विभाग ने मौसम से राहत भरी खबर आई है . विभाग ने पटना समेत मध्य बिहार के तमाम जिलों में भारी बारिश की सम्भावना से इनकार किया है . मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ घंटो में पटना सहित कई स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है.

मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी-मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्से और आसपास के क्षेत्रों में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है जो तेजी से नीचे की ओर शिफ्ट हो रहा है. इससे कुछ जिलों में भारी और कहीं-कहीं आंशिक बारिश के आसार हैं.

मौसम विभाग का पूर्वानुमान था कि पटना सहित कई इलाकों में मध्यम और भारी बारिश हो सकती थी कुछ जगहों पर भारी बारिश का भी अलर्ट है. बता दें कि आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार अब तक सूबे में अत्यधिक बारिश और इससे जुड़े अन्य कारणों में 73 लोगों की मौत की सूचना है.

बारिश खत्म होने के तीसरे दिन बुधवार को राजधानी के कुछ हिस्सों से पानी  निकाला गया. लेकिन, अब भी दर्जनों इलाकों में जलजमाव की भयंकर समस्या बनी  हुई है.इन इलाकों में रहने वाले लोगों को भोजन, पानी, दूध, दवाइयां  जैसी जरूरत का सामान मिलना मुश्किल है. हालांकि, विभागीय स्तर पर पानी  निकालने की कोशिश की जा रही है. लेकिन, निगम अधिकारियों की मानें तो  राजेंद्र नगर व कंकड़बाग इलाके से शत प्रतिशत पानी निकालने में तीन से चार  दिन और लगेंगे.

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राजधानी पटना में हुई जबरदस्त बारिश
आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि 27 सितंबर से 29 सितंबर के बीच राज्य में 207.6 एमएम औसत वर्षापात हुई. जबकि पटना में जिले में ही इस अवधि के दौरान औसत 255 एमएम और पटना शाहर में 343.5 एमएम औसत वर्षापात दर्ज की गई.

बारिश खत्म होने के एक दिन बाद भी पटना में राजेंद्र नगर, कंकड़बाग, भूतनाथ रोड, कांटी फैक्ट्री रोड, मलाही पकड़ी में अधिक जलजमाव की स्थिति बनी हुई है. दानापुर और गोला रोड में लोग पानी की वजह से घरों में कैद हो गए हैं.

वहीं, कटिहार में महेशपुर कोशी तटबंध टूट गया है. कोसी नदी के जलस्तर हुई वृद्धि पर बांध टूट गया है. लगभग 7 हजार आबादी प्रभावित है. बारिश के कारण लगभग दो दर्जन जिले प्रभावित हैं. शिवहर, सितामढ़ी, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण,पश्चिमी चंपारण, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर, कटिहार, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, सुपौल, मधेपुरा, वैशाली, सारण, सीवान और गोपालगंज में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है.

बारिश से सबसे ज्यादा परेशानी खासकर पटनावासियों को हुई है. एनडीआरएफ की टीम मोटर वोट के जरिए लोगों का रेस्क्यू कर रही है. राज्य के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को भी रेस्क्यू किया गया. इसी बीच बीजेपी के गिरिराज सिंह सहित कई नेता भी बिना नाम लिए सीएम नीतीश कुमार पर तंज कस चुके हैं.

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बिहार में इस बारिश से बिहार में 95 प्रखंड 464 पंचायत 758 गांव 16,56607 जनसंख्या प्रभावित हुई है. प्रभावित लोगों के लिए 17 राहत शिविर 226 सामुदायिक रसोई बनाई गई है.1 35 नाव 18 एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की टीम राहत के लिए लगाया गया है.

पटना सहित कई स्थान पिछले कुछ दिनों से जलमग्न हैं। बुधवार को पटना में बाढ़ प्रभावित इलाकों से पानी निकाला जा रहा था। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोगों से धैर्य बनाए रखने का आग्रह किया है लेकिन पटना के विभिन्न इलाकों में पानी भरे होने के बारे में एक पत्रकार द्वारा लगातार सवाल पूछे जाने पर मंगलवार देर रात उन्होंने अपना आपा खो दिया।

कुमार ने पूछा कि क्या मुंबई में बाढ़ आने पर या जब अमेरिका में बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था, इसी तरह का आक्रोश था। राज्य सरकार के एक बयान के अनुसार बारिश से प्रभावित लोगों की कुल संख्या 17.09 लाख है। वर्षा से प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, भागलपुर, खगड़िया, समस्तीपुर, बेगूसराय, लखीसराय और वैशाली शामिल हैं।

राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, वर्षा से प्रभावित क्षेत्रों में 72 मौतें होने की सूचना है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि पटना में जलजमाव के लिए जनता नहीं राजग जिम्मेदार है और हम जनता से क्षमा याचना करेंगे। बेगूसराय से सांसद सिंह ने कहा कि बारिश से पहले अलर्ट जारी किया गया था लेकिन राज्य सरकार प्रशासनिक मशीनरी को आगाह करने में नाकाम रही।

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नौ नदियां खतरे के निशान से ऊपर
राज्य में पिछले दिनों हुई भारी बारिश से गंगा समेत नौ नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर रहने से जहां पंद्रह जिले बाढ़ की चपेट में है वहीं इस दौरान मृतकों की संख्या बढ़कर 55 हो गई है। भारी बारिश से गंगा, सोन, पुनपुन, बूढ़ी गंडक, बागमती, अधवारा समूह, कोसी, महानंदा और परमान नदी के जलस्तर में वृद्धि से पटना, भोजपुर, भागलपुर, नवादा, नालंदा, खगड़िया, समस्तीपुर, लखीसराय, बेगूसराय, वैशाली, बक्सर, कटिहार, जहानाबाद और अरवल जिले में आई बाढ़ से कुल 959 गांव की 21 लाख 45 हजार आबादी प्रभावित हुई है। इससे राज्य में मृतकों की संख्या बढ़कर 55 हो गई है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, गंगा नदी दीघाघाट में 38 सेंटीमीटर, गांधीघाट में 101, हाथीदह में 99, मुंगेर में 26, भागलपुर में 75, कहलगांव में 123, सोन नदी मनेर में 63, पुनपुन नदी श्रीपालपुर में 283, बूढ़ी गंडक नदी खगड़यिा में 170, बागमती नदी रुन्नी सैदपुर में 89, अधवारा समूह कमतौल में सात, कोसी नदी बलतारा में 149 एवं कुरसैला में 160, महानंदा ढेंगराघाट में 22 एवं झावा में 47 तथा परमान नदी का जलस्तर अररिया में खतरे के निशान से 43 सेंटीमीटर ऊपर है।

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