एसकेएमसीएच में खुला सौ बेड का मातृ-शिशु अस्पताल

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Patna-Sep.24,2019-Bihar Chief Minister Nitish Kumar along with Deputy Chief Minister Sushil Kumar Modi and Health Minister Mangal Pandey are inaugurating and lay foundation stone for various projects worth of Rs. 105 crore at SKMCH in Muzaffarpur. Chief Minister laid the foundation stone for 100 bed Paediatric ICU (PICU) and inaugurated a building for 100 bed maternal and child unit.

‘चमकी बुखार (एईएस) पर नियंतण्रपाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। इस बीमारी का एक कारण पर्यावरण परिवर्तन हो सकता है। एईएस का सामना करने के लिए लोगों को जागरूक करना जरूरी है।’ये बातें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसकेएमसीएच) परिसर में 105 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के शिलान्यास और उद्घाटन के मौके पर कहीं। मुख्यमंत्री ने एसकेएमसीएच परिसर में 100 बेड की गहन शिशु चिकित्सा इकाई व आंतरिक जलापूर्ति सुदृढ़ीकरण कार्य का शिलान्यास किया। 100 बेड की क्षमता वाले मातृ-शिशु अस्पताल भवन और 136 बेड के छात्रावास के अलावा 40 यूनिट टय़ूटर आवास भवन का भी उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अस्पताल में पहले 14 बेड का इंतजाम था लेकिन अब यहां अगले साल तक शिशु गहन चिकित्सा इकाई (पिकु) भी काम करने लगेगा जिससे बच्चों के इलाज में कोई दिक्कत नहीं होगी और उनका ससमय इलाज हो सकेगा। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों, मीडियाकर्मियों समेत अन्य लोगों को भी इस बीमारी से पीड़ित लोगों को जागरुक करना होगा ताकि वो ससमय अस्पताल पहुंच सकें और उनका समुचित इलाज हो सके। अभिभावकों को भी इस बात का ध्यान रखना होगा कि बच्चे रात में भूखे पेट ना सोएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि एईएस पर नियंतण्रके लिए दो स्तर पर लड़ाई चल रही है। एक तरफ पीड़ितों को हरसंभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, वहीं दूसरी ओर महत्वपूर्ण कार्य इस बीमारी से बचाव के लिए जागरूकता को लेकर किया जा रहा है। इसके लिए एएनएम से लेकर जीविका तक को लगाया गया है। उन्होंने कहा कि जून माह में यहां एईएस का प्रकोप हुआ था। अस्पताल प्रबंधन के प्रयास से काफी बच्चों की जान बचायी गई थी, लेकिन कुछ बच्चों की मौत सबके लिए बहुत ही पीड़ादायक रही। उन्होंने कहा कि इस बीमारी को लेकर जो सामाजिक और आर्थिक पक्ष सामने आया, उसके बाद मैंने सव्रे कराया और इससे प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर इस बीमारी पर नियंतण्रपाने के लिए काम शुरू करवाया। जिन लोगों के पास घर नहीं हैं, उनके लिए आवास की व्यवस्था की जा रही है। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत इनके लिए आवास स्वीकृत किये गये हैं। जो इससे वंचित हैं, उन्हें राज्य सरकार की योजना के तहत राशि दी जा रही है। इसके अलावा पीड़ित परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा की व्यवस्था भी की जा रही है।

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