राज्यपाल ने ‘‘अन्नप्राशन समारोह’ का किया उद्घाटन

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Patna-Sep.19,2019-Bihar Governor Fagu Chauhan is giving first food to children during Ann Prashan Samaroh at Raj Bhawan in Patna.

स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है। एक स्वस्थ इंसान ही स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकता है। स्वस्थ रहने के लिए जरूरी है कि शरीर का भरण-पोषण सही ढंग से हो। नवजात शिशु का पालन-पोषण अगर बचपन में ही समुचित रूप में हो जाता है तो व्यक्ति को जीवन भर स्वस्थ रहने में आसानी होती है।’’ उक्त उद्गार राज्यपाल फागू चौहान ने राजभवन में समाज कल्याण विभाग द्वारा राष्ट्रीय पोषण अभियान के अन्तर्गत ‘‘पोषण माह’ (सितम्बर) में आज आयोजित ‘‘अन्नप्राशन समारोह’ का शुभारंभ करते हुए व्यक्त किये। राज्यपाल श्री चौहान ने कहा कि जीवन के प्रथम 1000 दिनों में शारीरिक एवं मानसिक विकास की प्रक्रिया तेजी से घटित होती है। इसलिए इस अवधि में गर्भवती तथा प्रसूति माताओं एवं बच्चों के स्वास्य और पोषण पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। कुपोषण के फलस्वरूप बच्चों का नाटापन, दुबलापन एवं कम वजन का होना तथा बहुत-सी महिलाओं और बच्चों में रक्त की काफी कमी होना आम बात है, जिसपर ध्यान दिया जाना चाहिए। श्री चौहान ने कहा कि यह संतोषजनक है कि कुपोषण से मुक्ति के इस अभियान में पिछले दशक में राज्य की महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्य एवं पोषण के स्तर में अपेक्षित सुधार हुआ है। कार्यक्रम में राज्यपाल श्री चौहान ने 6 माह के 20 नवजात शिाुओं को प्रथम आहार के रूप में पौष्टिक पोषाहार खिलाकर उनका ‘‘अन्नप्रान’ संस्कार सम्पन्न किया। राज्यपाल ने इस अवसर पर आयोजित समाज कल्याण विभाग की प्र्दानी का भी अवलोकन किया। उन्होंने राजभवन परिसर में रंगीन बैलून आसमान में उड़ाते हुए ‘‘पोषण माह’ के अवसर पर संचालित कार्यक्रमों की सफलता की कामना की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अतुल प्रसाद ने कहा कि ‘‘स्वस्थ भारत’ की परिकल्पना के अनुरूप भारत सरकार ने वर्ष 2022 तक भारत को ‘‘राष्ट्रीय पोषण मिशन’ के तहत कुपोषणमुक्त बनाने का निर्णय लिया है तथा 0-6 वर्ष तक के बच्चों में दुबलेपन और बौनापन, अल्प पौष्टिकता एवं अन्डरवेट प्रजनन को प्रतिवर्ष 2 प्रतिशत की दर से घटाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने बताया कि 6-59 माह के बच्चों में 3 प्रतिात की दर से प्रत्येक वर्ष एनीमिया कम करने का भी लक्ष्य रखा गया है। अपर मुख्य सचिव प्रसाद ने बताया कि कुपोषण के कारण ‘‘अंडरवेट बच्चे’ (2.5 किलो से कम वजन के) के प्रजनन में सुधार हो, इसके लिए प्रभावकारी योजनाएँ संचालित हो रही हैं। राज्य में आँगनबाड़ी सहायिका एवं सेविकाओं के द्वारा ‘‘आँगनबाड़ी केन्द्रों’ पर गर्भवती महिलाओं एवं नवजात बच्चों की स्वास्य-रक्षा के लिए समुचित प्रशिक्षण, टीकाकरण एवं उपचार आदि की व्यवस्था है। कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा, अपर सचिव विजय कुमार सहित राज्यपाल सचिवालय एवं समाज कल्याण विभाग के कई वरीय अधिकारीगण, समाज कल्याण एवं स्वास्य कार्यकत्र्तागण आदि भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में स्वागत-भाषण आईसीडीएस के निदेशक आलोक कुमार ने किया तथा धन्यवाद-ज्ञापन पोषाहार सलाहकार डॉ मनोज कुमार ने किया।

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