सूबे में 896 पंचायतें सूखाग्रस्त ,किसानों को मिलेंगे 3-3 हजार,

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राज्य सरकार ने 18 जिलों में 102 प्रखंडों की 896 पंचायतों को सूखाग्रस्त घोषित किया है। सूखाग्रस्त इन पंचायतों के किसानों को 3-3 हजार रुपये उनके बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। राज्य मंत्रिपरिषद की शुक्रवार को हुई विशेष बैठक में 19 एजेंडों पर मुहर लगी। आयुष चिकित्सकों को हर चार साल पर डायनेमिक एसीपी देने की मंजूरी दी गई। इसके दायरे में यूनानी, होमियोपैथिक और आयुव्रेदिक चिकित्सक भी शामिल हैं। कैबिनेट के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि बिहार कैबिनेट ने सूखाग्रस्त इलाकों को लेकर बड़ा फैसला किया है। 18 जिलों में 102 प्रखंडों के 896 पंचायत सूखाग्रस्त घोषित किए गए हैं। बिहार कैबिनेट ने सूखाग्रस्त प्रखंडों के लिए 900 करोड़ रपए जारी कर दिया है। बाढ़ राहत की तरह अब सुखाड़ राहत भी मिलेगी। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही जल संसाधन विभाग के जूनियर इंजीनियरों के मानदेय में इजाफा किया गया है। सभी को 3 से 6 हजार रुपये का लाभ होगा। जहां 3 साल से काम कर रहे कनीय अभियंताओं को 3 हजार प्रतिमाह की वृद्धि होगी, वहीं 6 साल से काम कर रहे अभियंताओं को 6 हजार रपए प्रतिमाह की वृद्धि का लाभ मिलेगा। पर्यावरण संरक्षण को लेकर नई नियमावली को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इसके अलावा जलवायु के अनुकूल कृषि कार्यक्रम पर 60. 65 करोड़ रपए नीतीश सरकार खर्च करेगी। चालू वित्तीय वर्ष में 13. 93 करोड़ की राशि खर्च होगी। पंचायत सरकार भवन के लिए 72 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। माध्यमिक शिक्षा अभियान के लिए 67 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि राज्य के18 जिलों में 30 फीसद से कम बारिश हुई है। 70 फीसद से कम ही धान की रोपनी हुई है। इसके लिए चालू वित्तीय वर्ष में 13.93 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। उन्होंने बताया कि इसमें पटना के 17 प्रखंडों की 135 पंचायतें, नालंदा के 12 प्रखंडों की 75 पंचायतें, भोजपुर के 2 प्रखंडों की 14 पंचायतें, रोहतास के एक प्रखंड की एक पंचायत, गया के 10 प्रखंडरों की 86 पंचायतें, नवादा के 9 प्रखंडों की 118 पंचायतें, औरंगाबाद के 2 प्रखंडों की 18, जहानाबाद के 6 प्रखंडों की 56, अरवल के 2 प्रखंडों की 8, मुंगेर के 4 प्रखंडों की 18, जमुई के 8 प्रखंड की 72, लखीसराय के 5 प्रखंडों की 64, शेखपुरा के 4 प्रखंडों की 33, भागलपुर के 3 प्रखंडों की 22, बांका के 5 प्रखंडों की 34 , वैशाली के 10 प्रखंडों की 140 और मुजफ्फरपुर और दरभंगा जिले के एक-एक प्रखंड की एक-एक पंचायत सूखाग्रस्त घोषित किए गए हैं। कृषि विभाग के प्रधान सचिव एन. सरबन कुमार ने बताया कि मधुबनी, खगड़िया, नालंदा, भागलपुर, मुंगेर, गया में किसानों को पारम्परिक खेती के अलावा वैकल्पिक खेती के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसेक लिए बिहार के कृषि विविद्यालय में अनुसंधान किया जायेगा और किसानों को उससे अवगत कराया जायेगा। ताकि किसान सभी सीजन में खेती कर आर्थिक क्षति की भरपाई कर सकें।

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