प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मोतिहारी से नेपाल तक पेट्रोलियम पाइपलाइन का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से करेंगे उद्घाटन, नेपाली प्रधानमंत्री भी रहेंगे मौजूद

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दक्षिण एशिया की पहली क्रॉस बॉर्डर पाइपलाइन के शुभारंभ भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेपाली PM के पी ओली संयुक्त रूप से करेंगे. वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये इस पाइपलाइन का उद्घटान होगा. बिहार के पूर्वी चंपारण के मोतिहारी और नेपाल के बारा जिला अंतर्गत अमलेखगंज के बीच निर्मित पेट्रोलियम पाइप लाइन का उद्घटान होगा। जिसके जरिये पेट्रोल-डीजल से लेकर LPG तक भारत पर निर्भर नेपाल को अब इस पाइपलाइन के जरिये पेट्रोलियम प्रोडक्ट पहुचाया जाएगा .

नेपाल पेट्रोलियम पदार्थों के लिए पूरी तरह भारत पर निर्भर है. भारत से होकर ही नेपाल तक पेट्रोल-डीजल से लेकर घरेलू गैस पहुंचता है. नेपाल तक पहुंचने वाला पेट्रोलियम पदार्थों का 80 फीसदी बिहार होकर जाता है. सड़क मार्ग से परिवहन में लगातार समस्या आती रही है और इसके कारण नेपाल अक्सर पेट्रोलियम संकट से जूझता रहा है. पिछले साल नरेंद्र मोदी सरकार ने नेपाल तक पाइपलाइन के जरिये पेट्रोलियम पदार्थ पहुंचाने का एलान किया था. इस साल भारत के मोतिहारी से लेकर नेपाल के अमलेखगंज कर पाइपलाइन बनकर तैयार है. आज नरेंद्र मोदी और के पी ओली मिलकर इसका उद्घाटन करेंगे.

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प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक ट्वीट में बताया कि भारत नेपाल ऊर्जा सहयोग परियोजना दोनों देशों के निकट द्विपक्षीय संबंधों की परिचायक है। इससे ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने और पारगमन लागत कम करने में मदद मिलेगी। बिहार के मोतिहारी से नेपाल के अमलेखगंज तक उनहत्तर किलोमीटर लम्बी पेट्रोलियम पाइप लाइन का निर्माण भारत ने किया है। इससे नेपाल के लिए समुचित लागत और पर्यावरण अनुकूल पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

पूर्वी चंपारण के सुगौली प्रखंड अंतर्गत छपरा बहास के पास स्थापित पाइपलाइन प्रोजेक्ट से भारत और नेपाल में रहनेवाले लोगों को काफी लाभ मिलेगा। साथ ही इस इलाके के लोगों आर्थिक समृद्धि भी बढ़ेगी। मोतिहारी से नेपाल के अमलेखगंज तक 69 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई गई है 1.3 एमएमटीपीए पेट्रोलियम पदार्थ नेपाल को निर्यात की जाएगी।

पश्चिम चंपारण के सांसद डॉ संजय जायसवाल ने बताया कि 2011 में जब जयपुर में पेट्रोल डिपो में भयानक आग लगी थी तब उन्हें भी लग गया था कि रक्सौल से डिपो का स्थानांतरण हो जाए। तब उन्होंने स्टीमेट कमेटी के सदस्य के रूप में जब 2011 में अगली पंचवर्षीय योजना में इस कार्य को शामिल कराया था। इससे बहुत सारे टैंकरों का आवागमन बॉर्डर पर कम हो जाएगा। उन्होंने बताया कि अगले साल इंडियन ऑयल का डिपो छपरा बहास में ट्रांसफर हो जाने से और 24000 सिलेंडर प्रतिदिन की सिलेंडर फैक्ट्री खुल जाने से मोतिहारी, सुगौली, रक्सौल के चारों तरफ का इलाका औद्योगिक क्रांति के रूप में दिखेगा। उन्होंने बताया कि रक्सौल शहर जो हमेशा एक डर के मुहाने पर रहता है कि डिपो में आग लग जाने से पूरा शहर नष्ट हो सकता है उससे मुक्ति मिल जाएगी।

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