केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को संसद में चर्चा का आखिरी दांव चला। उन्होंने कहा, “हम रोज संसद आते हैं। अपना काम करते हैं। विपक्ष की मंशा ठीक नहीं। वह संसद को चलने नहीं देना चाहता। हम जानते हैं। इसलिए सदन में नहीं जाते।” शाह ने कहा कि आज शाम तीन बजे से कल शाम तीन बजे तक चर्चा के लिए सरकार तैयार है और चर्चा के दौरान आए हर सवाल का जवाब भी देंगे।
हालांकि, इसके बाद भी कोई सहमति नहीं बन सकी और शाम तीन बजे लोकसभा कल तक के लिए स्थगित कर दी गई। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि सरकार राम मंदिर चढ़ावा चोरी और नीट पेपर लीक की चर्चा कराए। विपक्ष तैयार है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं। जबकि किरण रिजिजू ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखे पत्र का हवाला देकर कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है।
किरेन रिजिजू ने लिखा पत्र
संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी का हवाला देते हुए कहा कि सरकार नीट पेपर लीक पर चर्चा के लिए तैयार है। संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि इस दौरान केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में चर्चा का जवाब देंगे। रिजिजू का कहना है कि विपक्ष सदन की कार्यवाही चलने नहीं देना चाहता। उसकी मंशा ठीक नहीं। इसलिए हंगामा कर रहा है।
विपक्ष ने कहा- गृहमंत्री सदन में आएं, दें जवाब
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा सरकार चर्चा चाहती है तो गृहमंत्री और प्रधानमंत्री सदन में आएं। पवन खेड़ा ने कहा सरकार राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर कोई चर्चा नहीं चाहती। वह कहां तैयार है? खेड़ा के अनुसार सरकार को तत्काल राम मंदिर चढ़ावा चोरी और नीट पेपर लीक पर चर्चा के लिए तैयार होने की सूचना लोकसभा सचिवालय को देनी चाहिए।
कहां फंसा है पेंच?
विपक्ष राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर चर्चा चाहता है। सरकार इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं चाहती। सरकार नीट पेपर लीक पर चर्चा के लिए तैयार है। सत्ता पक्ष इस दौरान झारखंड में छात्र आंदोलन पर विपक्ष को घेरने की तैयारी कर चुका है। दूसरी तरफ विपक्ष सरकार को घेरने के लिए राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे को प्राथमिकता पर ले रहा है। लिहाजा दोनों तरफ से अपने-अपने दावे की जोर अजमाइश चल रही है। सरकार कह रही है कि वह चर्चा के लिए तैयार। दूसरी तरफ विपक्ष कह रहा है कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री संसद से लापता हैं। सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा ही नहीं चाहती।
विपक्ष राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर चर्चा चाहता है। सरकार इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं चाहती। सरकार नीट पेपर लीक पर चर्चा के लिए तैयार है। सत्ता पक्ष इस दौरान झारखंड में छात्र आंदोलन पर विपक्ष को घेरने की तैयारी कर चुका है। दूसरी तरफ विपक्ष सरकार को घेरने के लिए राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे को प्राथमिकता पर ले रहा है। लिहाजा दोनों तरफ से अपने-अपने दावे की जोर अजमाइश चल रही है। सरकार कह रही है कि वह चर्चा के लिए तैयार। दूसरी तरफ विपक्ष कह रहा है कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री संसद से लापता हैं। सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा ही नहीं चाहती।
मानसून सत्र का आखिरी दिन
संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त तक प्रस्तावित है। 20 जुलाई से आहूत सत्र अब तक सदन में प्रधानमंत्री, गृहमंत्री के आने और राम मंदिर चढ़ावा चोरी तथा नीट पेपर लीक पर चर्चा की मांग, हंगामे की भेंट चढ़ गया। न विपक्ष झुका। न सरकार झुकी। इस स्थिति में बदलाव न आया तो कल 3 बजे शाम तक संसद सत्र के अनिश्चित काल के लिए स्थगित होने के पूरे आसार हैं।






