दक्षिण गुजरात के एक बड़े हिस्से में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। प्रभावित इलाकों में फंसे लगभग 1,200 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है, जबकि 22,000 से अधिक निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वलसाड जिले के उमरगांव तालुका में बीते 36 घंटों के दौरान रिकॉर्ड 1,200 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि बारिश से नवसारी और वलसाड जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा सूरत, अहमदाबाद, खेड़ा, तापी और डांग में भी बुधवार से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। उन्होंने बताया कि अकेले वलसाड में करीब 1,200 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। वहीं, वलसाड और पड़ोसी जिले नवसारी से मिलाकर 22,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
सबसे ज्यादा असर दक्षिण गुजरात के कई जिलों में देखने को मिल रहा है, जहां नदियां उफान पर हैं, सड़कों पर पानी भर गया है और सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. गुजरात के नवसारी में बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है. नवसारी के बड़े इलाके बाढ़ के पानी में पूरी तरह डूब चुके हैं. प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए NDRF का बड़े पैमाने पर बचाव अभियान तेजी से चल रहा है.
NDRF ने नवसारी के सारिखुरद गांव में बाढ़ के पानी से 67 लोगों को बचाया, जिनमें 25 महिलाएं और 22 बच्चे शामिल हैं. सिविल प्रशासन से फंसे हुए ग्रामीणों के बारे में जानकारी मिलने के बाद NDRF की छठी बटालियन ने बचाव अभियान शुरू किया. बचाव कार्य अभी भी जारी है.
पीएम मोदी और गृह मंत्री ने भी लिया संज्ञान
हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली. दोनों नेताओं ने केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन भी दिया.
अहमदाबाद में डूबी कार
अहमदाबाद के वेजलपुर इलाके की नंदनगर सोसाइटी में भारी बारिश के बाद भारी जलभराव देखा गया. इसमें एक कार पूरी तरह से डूब गई. वहीं लोगों का बाहर निकलना का दुभर हो गया है.
सुरेंद्रनगर में भी हालात खराब
गुजरात के सुरेंद्रनगर में भी हालात खराब हैं. भारी बारिश के कारण लखतर तहसील के ओलाक गांव में बाढ़ जैसे हालात बन गए. जिला प्रशासन, पुलिस और फायर डिपार्टमेंट ने मिलकर बचाव अभियान चलाया और 27 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला.
घरों की छत तक आया पानी
गुजरात के वलसाड में मॉनसून की वजह से आई भयानक बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. यहां 1,100 mm से ज्यादा बारिश हुई है. अधिकारियों का कहना है कि एक व्यक्ति की मौत हो गई है, 1,200 से ज्यादा लोगों को बचाया गया है और सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं. यहां घरों की छतों तक पानी पहुंच गया है.
बह गया नेशनल हाईवे
गुजरात में बारिश ने जीना मुहाल कर दिया है. यहां तक कि संसाधनों की बुरी तरफ तबाह करना शुरू कर दिया है. छोटा उदेपुर जिले में सिहोद के पास नेशनल हाईवे 56 (NH56) पर भराज नदी के ऊपर बना डायवर्जन रोड भारी बारिश के कारण बह गया है.
एसईओसी के अनुसार, नवसारी जिले के चिखली और खेरगाम तालुका में बुधवार सुबह 6 बजे से 36 घंटों के भीतर क्रमशः 800 और 650 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
दक्षिण गुजरात के जिलों के अलावा, अहमदाबाद और खेड़ा जिलों में भी बृहस्पतिवार को मूसलाधार बारिश हुई। एसईओसी के आंकड़ों के मुताबिक, अहमदाबाद के ढोलका तालुका में सुबह 6 बजे समाप्त हुए 12 घंटों में 339 मिमी बारिश दर्ज की गई।
अहमदाबाद में भारी बारिश के कारण कई आवासीय सोसायटियों और सड़कों पर जलभराव हो गया। 225 मिमी से अधिक बारिश दर्ज किए जाने के बाद शहर में लोग लंबे ट्रैफिक जाम में फंसे रहे।
तापी और डांग दो अन्य ऐसे जिले रहे जहां भारी बारिश हुई। इन जिलों के 23 तालुकाओं में बृहस्पतिवार को महज 12 घंटों के भीतर 200 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार तक भरूच, सूरत, नवसारी, वलसाड, डांग, नर्मदा, वडोदरा, छोटा उदयपुर, पंचमहल और दाहोद जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’ (भारी से बहुत भारी बारिश) और अहमदाबाद, गांधीनगर, साबरकांठा, भरूच, आणंद तथा खेड़ा जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ (भारी से बहुत भारी बारिश) जारी किया है।
मकवाणा ने कहा, ‘नवसारी के खेरगाम, सूरत के उमरपाड़ा और वलसाड के उमरगांव में बृहस्पतिवार को भारी बारिश हुई और आगे भी और बारिश का अनुमान है। प्रभावित जिलों में एसडीआरएफ की टीमें तैनात कर दी गई हैं, जबकि एनडीआरएफ के जवानों को भी सेवा में लगाया गया है।’
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ने बताया कि वलसाड में एनडीआरएफ की तीन और एसडीआरएफ की दो टीमें तैनात की गई हैं। वहीं, नवसारी और वलसाड जिलों के लिए ओडिशा से विशेष विमान से एनडीआरएफ की चार और टीमें भेजी जा रही हैं।
मकवाणा ने कहा, ‘वलसाड और नवसारी में सेना की दो टुकड़ियां तैनात की गई हैं। बचाव अभियान देर रात तक जारी रहेगा। भारी बारिश के कारण कई इलाके जलमग्न हो गए हैं और एनडीआरएफ तथा एसडीआरएफ की टीमों को वहां तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है।’
लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए वलसाड और नवसारी में नावें तैनात की गई हैं।
वरिष्ठ नौकरशाह ने बताया कि जलभराव के कारण 1,200 से अधिक सड़कें बंद कर दी गई हैं। इनमें चार राष्ट्रीय और तीन राज्य राजमार्गों के अलावा बड़ी संख्या में पंचायत सड़कें शामिल हैं।
उन्होंने कहा, ‘कल (शुक्रवार) तक भारी से बहुत भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में स्कूल और कॉलेज बंद रखे गए हैं।’
मकवाणा ने बताया कि बारिश के कारण दक्षिण गुजरात के कई हिस्से अंधेरे में डूब गए हैं क्योंकि 35 से अधिक सब-स्टेशन काम नहीं कर रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री जीतू वाघानी ने कहा कि मुख्यमंत्री पटेल बारिश की स्थिति पर नजर रख रहे हैं और अधिकारियों के संपर्क में हैं।
वाघानी ने कहा, ‘व्यस्त होने के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री से गुजरात में भारी बारिश का जायजा लिया और केंद्र से मदद की पेशकश की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी पटेल से फोन पर बात की और कहा कि आवश्यकतानुसार एनडीआरएफ की टीमें भेजी जाएंगी।’
सूरत के नगर आयुक्त एम. नागराजन ने बताया कि भारी बारिश और रेड अलर्ट को देखते हुए निचले इलाकों से करीब 2,200 लोगों को आश्रय गृहों में स्थानांतरित किया गया है, तथा एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की पांच टीमें तैनात की गई हैं।
सूरत में स्थानीय अग्निशमन विभाग के कर्मियों ने नावों का उपयोग करके कई लोगों को सुरक्षित निकाला और अन्य स्थानों पर पहुंचाया। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पांडेसरा इलाके में जलभराव के कारण 40 निवासियों को बाहर निकाला गया।
दक्षिण गुजरात में रेल मार्गों के आसपास पानी का स्तर बढ़ने के कारण मुंबई जाने वाली कई ट्रेनों को या तो रद्द कर दिया गया या बीच में ही रोक दिया गया। पश्चिम रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए एक सहायता कक्ष शुरू किया है।
भारी बारिश के कारण नर्मदा जिले के देदियापाड़ा और सागबारा तालुका के कई गांव राज्य के अन्य हिस्सों से कट गए हैं।
एसईओसी के आंकड़ों के अनुसार, राज्य के अन्य क्षेत्रों में बारिश की कमी के बावजूद दक्षिण गुजरात में अपनी औसत मौसमी बारिश की 62 प्रतिशत से अधिक बारिश हो चुकी है। कुल मिलाकर, राज्य में अब तक मानसून सीजन की वार्षिक औसत बारिश का लगभग 36 प्रतिशत हिस्सा दर्ज किया गया है।





