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ईरान जंग में कूद पड़े हूती विद्रोही ,5 घंटे तक 6 शहरों में बरसा बारूद,ईरान बोला- मार गिराया US का MQ-1

UB India News by UB India News
July 14, 2026
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ईरान जंग में कूद पड़े हूती विद्रोही ,5 घंटे तक 6 शहरों में बरसा बारूद,ईरान बोला- मार गिराया US का MQ-1

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अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. ताजा घटनाक्रम में अमेरिका ने ईरान के कई इलाकों पर फिर से हमले किए हैं. ईरानी मीडिया के मुताबिक किश द्वीप, जाम द्वीप, केश्म द्वीप, बुशेहर और बंदर अब्बास में कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं. हालांकि, इन हमलों में हुए नुकसान और हताहतों की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है. दूसरी ओर ईरान ने दावा किया है कि उसने कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. इसके अलावा ईरान का कहना है कि उसने खाड़ी क्षेत्र में एक अमेरिकी दुश्मन के जहाज पर भी हमला किया है. हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है.

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध घातक स्तर पर पहुंच गया है. यूएस ने मंगलवार (14 जुलाई) को दावा किया कि उसने ईरान के छह से ज्यादा ठिकानों पर अटैक किया है. अमेरिका की स्ट्राइक करीब 5 घंटे तक चली. ईरान ने भी करारा जवाब देते हुए यूएस के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. अहम बात यह भी है कि जंग की वजह से कच्चे तेल की कीमतें फिर से बढ़ गई हैं. इसमें करीब 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि 13 जुलाई की रात ईरान के खिलाफ पांच घंटे तक ऑपरेशन चला. इस दौरान अमेरिकी सेना ने बुशेहर, चाबहार, जास्क, कोनारक, अबू मूसा और बंदर अब्बास समेत कई सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए. अमेरिका का दावा है कि ये हमले इसलिए किए गए, जिससे ईरान का डिफेंस सिस्टम, मिसाइल और ड्रोन ठिकानों को तबाह किया जा सके. उसने यह भी कहा कि इस समय मिडिल ईस्ट में 50,000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक तैनात हैं.

ईरान ने अमेरिका को दिया करारा जवाब

वहीं, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने बहरीन स्थित अल-जुफैर बेस पर हथियार भंडार, सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेंटर और अमेरिकी सैनिकों से जुड़ी एक बिल्डिंग को निशाना बनाया. IRGC ने अमेरिका के MQ-1 ड्रोन को मार गिराने का भी दावा किया.

अमेरिका फिर शुरू करेगा नाकेबंदी

इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि अमेरिका जल्द ही ईरान के बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी फिर से लागू करेगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका अब हॉर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेगा. उनके मुताबिक इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों से 20 प्रतिशत शुल्क लिया जाएगा. हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है.

यूएई का आरोप, ईरान ने दो टैंकरों को बनाया निशाना

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने आरोप लगाया है कि उसके दो तेल टैंकरों को ईरान की ओर से दागी गई क्रूज मिसाइलों ने निशाना बनाया. यूएई के मुताबिक इस हमले में एक चालक दल के सदस्य की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं. अमेरिका और ईरान के बीच लगातार हो रहे हमलों और जवाबी कार्रवाई से पूरे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात जल्द नहीं संभले, तो इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है.

अमेरिका-ईरान युद्ध की 10 बड़ी बातें 

  • अमेरिकी सेना ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर पांच घंटे तक ऑपरेशन चलाया.
  • यूएस ने बुशेहर, चाबहार, जास्क, कोनारक, अबू मूसा और बंदर अब्बास को निशाना बनाया.
  • अमेरिका ने डिफेंस सिस्टम, मिसाइल, ड्रोन और नेवी को भी टारगेट किया.
  • मिडिल ईस्ट में 50,000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक हाई अलर्ट पर तैनात हैं.
  • IRGC ने बहरीन के अल-जुफैर बेस पर जवाबी हमले का दावा किया.
  • ईरान ने दो सुपर ऑयल टैंकरों पर हमला करने का भी दावा किया.
  • यूएई ने हॉर्मुज क्षेत्र में अपने दो तेल टैंकरों पर हमले का आरोप लगाया.
  • संयुक्त राष्ट्र में ईरान ने अमेरिका पर समझौतों को कमजोर करने का आरोप लगाया.
  • युद्ध के बढ़ते खतरे से वैश्विक तेल कीमतों में तेज उछाल आया.
  • अमेरिका-ईरान युद्ध की वजह से फ्यूल सप्लाई और समुद्री व्यापार के साथ-साथ क्षेत्रीय सुरक्षा पर संकट गहरा गया.

गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर सहमति बन गई थी, लेकिन ईरान ने हॉर्मुज में दो जहाजों पर अटैक कर दिया था. इसके बाद अमेरिका ने जवाब दिया और युद्ध की आग फिर से भड़क गई.

Iran-US War Live:

हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के अबहा हवाई अड्डे पर किया हमला

यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने सऊदी अरब के अबहा हवाई अड्डे पर मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया है. हूतियों का कहना है कि यह कार्रवाई सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले के जवाब में की गई है. वहीं, यमन सरकार ने कहा है कि सना हवाई अड्डे पर हमला उसकी सेना ने किया था. दूसरी ओर हूतियों ने इस हमले के लिए सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराया और अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस को सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र से बचने की चेतावनी दी है. हालांकि, दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है.

ईरान का दावा, अमेरिकी पांचवें नौसैनिक बेड़े पर किया हमला

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने बहरीन में मौजूद अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट (पांचवें नौसैनिक बेड़े) पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है. आईआरजीसी के मुताबिक इस हमले में नौसैनिक अड्डे के ईंधन भंडार में आग लग गई. इसके अलावा पैट्रियट एयर डिफेंस रडार, बेड़े के एयर कंट्रोल रडार, सी-रैम (C-RAM) अर्ली वार्निंग रडार सिस्टम और मानवरहित सतही नौकाओं (USV) के कंट्रोल एवं मॉनिटरिंग सेंटर को भी नष्ट कर दिया गया. आईआरजीसी ने कहा कि अमेरिका के खिलाफ उसकी जवाबी सैन्य कार्रवाई अभी जारी है.

ईरान के खिलाफ ताजा सैन्य हमले अब खत्म: अमेरिका

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा है कि ईरान के खिलाफ चलाए गए ताजा सैन्य हमले अब समाप्त हो गए हैं. सेंटकॉम के मुताबिक हमलों का यह दौर 02:15 पर खत्म हुआ. हालांकि, अमेरिका ने अभी यह नहीं बताया है कि इस अभियान में किन-किन ठिकानों को निशाना बनाया गया या हमलों से कितना नुकसान हुआ.

यूएई ने ईरानी हमले को बताया अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने ईरान पर उसके दो तेल टैंकरों पर मिसाइल हमला करने का आरोप लगाया है. यूएई के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक ईरान ने दो क्रूज मिसाइलों से मोम्बासा और बहिया नाम के टैंकरों को निशाना बनाया, जिससे दोनों जहाजों में आग लग गई.  मंत्रालय के मुताबिक इस हमले में मोम्बासा पर तैनात एक भारतीय चालक दल के सदस्य की मौत हो गई, जबकि आठ लोग घायल हुए हैं. घायलों में चार भारतीय और दो यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं। छह लोगों की हालत गंभीर बताई गई है. यूएई ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और बेहद दुस्साहसिक बताया है. उसने कहा कि अपने नागरिकों और संपत्तियों की रक्षा करना उसका अधिकार है और वह उचित जवाबी कदम उठाएगा.

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ चलाया 5 घंटे सैन्य का अभियान

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा है कि उसने ईरान के खिलाफ करीब पांच घंटे तक सैन्य अभियान चलाया. सेंटकॉम के मुताबिक अमेरिकी सेना ने बुशेहर, चाबहार, जास्क, कोनारक, अबू मूसा और बंदर अब्बास समेत कई स्थानों पर सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. अमेरिका का दावा है कि इन हमलों में ईरान की तटीय रक्षा प्रणाली, मिसाइल और ड्रोन ठिकानों तथा समुद्री सैन्य क्षमताओं पर सटीक हथियारों से हमला किया गया. सेंटकॉम के मुताबिक, इसका उद्देश्य ईरान की व्यापारिक जहाजों पर हमला करने की क्षमता को और कमजोर करना है.  सेंटकॉम ने यह भी बताया कि फिलहाल मध्य पूर्व में 50,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक तैनात हैं.

IRGC का दावा, दोतेल सुपरटैंकरों पर किया हमला

ईरान की समाचार एजेंसी तस्नीम ने दावा किया है कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दो नियमों का उल्लंघन करने वाले तेल सुपरटैंकरों पर हमला किया है. एजेंसी के मुताबिक, यह जानकारी आईआरजीसी के एक बयान के हवाले से दी गई है. यह दावा ऐसे समय सामने आया है, जब कुछ घंटे पहले संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने आरोप लगाया था कि ओमान के समुद्री क्षेत्र में हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास उसके दो तेल टैंकरों को ईरान ने निशाना बनाया. यूएई के मुताबिक इस हमले में एक भारतीय चालक दल के सदस्य की मौत हो गई. हालांकि, दोनों पक्षों के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है.

होर्मुज में ईरानी हमले में भारतीय नाविक की मौत

ईरान और अमेरिका के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में खूनी  खेल चल रहा है. ताजा अपडेट यह है कि ईरान ने फिर से दो तेल टैंकरों पर हमला बोला है. इस हमले में एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई है. जबकि आठ अन्य घायल बताए जा रहे हैं. घायल क्रू मेंबर्स में छह भारतीय और दो यूक्रेनी नागरिक बताए जा रहे हैं. इनमें चार की हालत गंभीर बताई जा रही है. इस बीच अमेरिका भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपना दबाव बढ़ाने के लिए लगातार हमले कर रहा है. दो दिन पहले भी भारतीय नाविकों वाले एक जहाज पर हमला हुआ था. उसमें भी एक भारतीय नाविक तापता हो गए थे. जबकि 10 अन्य ने समंदर में छलांग लगाकर अपनी जान बचाई थी.

अमेरिका ने ईरानी अड्डे पर छोड़े सी ड्रोन

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें दावा किया गया है कि अमेरिकी सेना ने पहली बार मानवरहित समुद्री ड्रोन (सी ड्रोन) का इस्तेमाल कर ईरान के एक जहाज रखरखाव केंद्र और एक पनडुब्बी को निशाना बनाया. सेंटकॉम के मुताबिक, इस हमले में तीन कॉर्सेयर अनमैन्ड सरफेस वेसल (USV) का उपयोग किया गया. इसे अमेरिकी सेना का समुद्री ड्रोन के जरिए पहला युद्धक अभियान बताया जा रहा है. यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही दावा कर चुके हैं कि ईरान की नौसेना को लगभग पूरी तरह तबाह कर दिया गया है.

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