देश में एथेनॉल मिश्रित ईंधन (Ethanol Blended Fuel) को लेकर चल रही बहस के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कई बड़े दावे किए हैं. उन्होंने साफ कहा कि एथेनॉल को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों को गुमराह किया जा रहा है और उनके खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा है. साथ ही उन्होंने अपने बेटे निखिल गडकरी की कंपनी को लेकर सामने आए दावों पर भी कड़ा रुख अपनाते हुए मानहानि का मुकदमा करने की चेतावनी दी.
एथेनॉल को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने कहा कि शहरों में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का माइलेज सामान्य पेट्रोल के बराबर रहता है. हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि हाइवे पर माइलेज में कुछ कमी आ सकती है, क्योंकि एथेनॉल की कैलरिक वैल्यू पेट्रोल से कम होती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बिना तथ्यों के कोई राय न बनाएं.
गडकरी ने कहा, “मेरे बेटे निखिल गडकरी की कंपनी की आय और मुनाफे को लेकर जो आंकड़े बताए जा रहे हैं, वे पूरी तरह गलत हैं. जहां से भी आपने ये आंकड़े लिए हैं, चाहे गूगल से ही क्यों न लिए हों, अगर उन्हें दोहराया गया तो मैं मानहानि का केस करूंगा और कोर्ट तक ले जाऊंगा.”
उन्होंने कहा कि “आत्मनिर्भर भारत” महात्मा गांधी का सपना था और उसी सोच को आगे बढ़ाते हुए सरकार आयात कम करने तथा स्वदेशी विकल्पों को बढ़ावा देने पर काम कर रही है. उनका कहना था कि इस अभियान का सबसे बड़ा उद्देश्य गांवों और किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है.
गारंटी अवधि में जिम्मेदारी कंपनी की
गडकरी ने भरोसा दिलाया कि अगर एथेनॉल से किसी वाहन को गारंटी अवधि के दौरान कोई नुकसान होता है तो उसकी जिम्मेदारी डीलर और कंपनी की होगी. उन्होंने कहा, “कोई भी नुकसान होने पर कंपनी उसे ठीक करेगी. अगर उपभोक्ता संतुष्ट नहीं हैं तो वे उपभोक्ता अदालत में भी मामला ले जा सकते हैं.”
उन्होंने बताया कि अब तक उनके पास एथेनॉल से जुड़ी कोई आधिकारिक शिकायत नहीं आई है. सोशल मीडिया पर जरूर 53 वीडियो सामने आए हैं, लेकिन इनमें कई भ्रामक जानकारियां फैलाई गई हैं. उन्होंने लोगों से कहा कि अगर किसी को शिकायत है तो उसे मंत्रालय की वेबसाइट पर भेजें. “शिकायतों की जांच मैं खुद करूंगा,” उन्होंने कहा.
प्रदूषण कम करने के लिए इथेनॉल लाया गया
गडकरी ने एथेनॉल को सिर्फ ईंधन नहीं, बल्कि राष्ट्रहित से जुड़ा विषय बताया. उन्होंने कहा कि यह पहल प्रदूषण कम करने, कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटाने और देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. उनके मुताबिक, “एथेनॉल की बात राष्ट्रहित के साथ जुड़ी है। स्वदेशी, स्वावलंबन और राष्ट्रवाद ही इसका मंत्र है.”
प्रदूषण के मुद्दे पर भी गडकरी ने स्पष्ट कहा कि “देश को प्रदूषण मुक्त बनाना हमारा मकसद है. एथेनॉल से कोई प्रदूषण नहीं होता।” उन्होंने इसे स्वच्छ ऊर्जा और हरित भविष्य की दिशा में अहम कदम बताया.
इस दौरान उन्होंने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का भी जिक्र किया. गडकरी ने स्वीकार किया कि एक्सप्रेसवे पर ड्रेनेज सिस्टम का काम अभी पूरी तरह पूरा नहीं हुआ है. इसी वजह से बारिश के दौरान कुछ हिस्सों में पानी भरने और गड्ढों की समस्या सामने आई है.
अपने संबोधन के अंत में गडकरी ने दोहराया कि देशहित में की जा रही पहल को राजनीतिक या भ्रामक प्रचार का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए, क्योंकि एथेनॉल, आत्मनिर्भर भारत और किसानों की समृद्धि एक-दूसरे से जुड़े हुए मुद्दे हैं.





