ADVERTISEMENT
Monday, August 17, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बिच क्या है क्या है डूरंड लाइन विवाद…………

UB India News by UB India News
June 29, 2026
in अन्तर्राष्ट्रीय, खास खबर
0
पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बिच क्या है क्या है डूरंड लाइन विवाद…………

RELATED POSTS

बांग्लादेश की ऑस्ट्रेलिया पर ऐतिहासिक जीत……..

कांग्रेस दफ्तर में पाप हुआ, सोनिया गांधी को कभी माफ नहीं करेगी जनता…

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
अगस्त, 2021 में जब तालिबान ने काबुल पर कब्जा किया तो दुनिया में जो देश सबसे ज्यादा खुशी से झूमा – वो उसका पड़ोसी देश पाकिस्तान था. खुशी का आलम ये था कि पाकिस्तान के तत्कालीन सरकार के आंतरिक मंत्री शेख रशीद अहमद ने अपने देश के साथ लगने वाले अफगानिस्तान की सीमा तोरखम बॉर्डर पर एक विक्ट्री प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी और तालिबान सरकार को मान्यता देने की बात करने वाले पहले देश बने. उस समय पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान थे जो अभी अपने ही देश में सलाखों के पीछे धकेल दिए गए हैं. उस वक्त लग रहा था कि पाकिस्तान और तालिबान का ये गठजोड़ लंबा चलेगा, लेकिन जल्दी ही से ये खत्म हो गया.
पाकिस्तान तब इस खुशफहमी में जी रहा था कि उसको भारत के खिलाफ एक मजबूत पड़ोसी मिल गया है, जो भारत के खिलाफ उसकी मंशा को कामयाब करने में काफी मददगार साबित होगा. हालांकि पाकिस्तान की खुशी का ये एल्यूजन ज्यादा दिन नहीं चला, ये 3-4 सालों में फूट गया और आज पाकिस्तान जब देखो तब अफगानिस्तान की सीमा में घुसकर मासूमों पर गोले बरसाता है. आखिर इसके पीछे की वजह क्या है?

डूरंड लाइन क्या है?

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जो लगातार तनाव, झड़पें और बवाल देखने को मिलता है, उसकी गहरी जड़ एक पुरानी सीमा रेखा में छिपी है. इस रेखा का नाम है – डूरंड लाइन. दोनों देशों के रिश्ते इस लाइन के कारण ही खराब रहे हैं. तालिबान के सत्ता में आने के बाद भी यह मुद्दा और उग्र हो गया है. डूरंड लाइन पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच 2,670 किलोमीटर लंबी सीमा रेखा है. यह चीन की सीमा से शुरू होकर ईरान तक फैली हुई है. साल 1893 में ब्रिटिश अधिकारी सर हेनरी मोर्टिमर डूरंड और अफगान अमीर अब्दुर रहमान खान के बीच हुए समझौते से यह बनी. उस समय ब्रिटिश भारत अफगानिस्तान को रूस के विस्तार से बचाने के लिए बफर स्टेट बनाना चाहता था. ब्रिटिशों ने अपनी साम्राज्यवादी नीति के तहत यह लाइन खींची. तब भारत और पाकिस्तान अलग नहीं हुए थे. 1947 में पाकिस्तान बनने के बाद यह लाइन पाकिस्तान-अफगानिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा बन गई, लेकिन अफगानिस्तान ने इसे कभी पूरी तरह स्वीकार नहीं किया.

पश्तून समुदाय का बंटवारा

इस लाइन की सबसे बड़ी त्रासदी पश्तून लोगों पर हुई. पश्तून अफगानिस्तान की बहुसंख्यक आबादी हैं और पाकिस्तान के कुछ इलाकों (खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान) में भी उनकी बड़ी संख्या है. डूरंड लाइन ने उनके कबीले, परिवार और घरों को दो हिस्सों में बांट दिया. पहले वे एक ही इलाके में खुले में आ-जा सकते थे, लेकिन अब सीमा उनके बीच दीवार बन गई. पश्तून इसे अपनी एकता पर हमला मानते हैं. वे कहते हैं कि ब्रिटिशों ने जानबूझकर पश्तून बहुल क्षेत्रों के बीच से यह लाइन खींची ताकि वे कमजोर हो जाएं.

तालिबान का सख्त रुख

तालिबान सरकार बनते ही इस मुद्दे ने नया रूप ले लिया. तालिबान प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने साफ कहा कि वे पाकिस्तान की ओर से सीमा पर बनाई गई बाड़ का विरोध करते हैं. तालिबान का तर्क है कि यह बाड़ परिवारों को अलग करती है और शांति की बजाय टकराव बढ़ाती है. वे डूरंड लाइन को आधिकारिक सीमा नहीं मानते. उनके मुताबिक यह लाइन पश्तूनों की जमीन को गैरकानूनी तरीके से बांटती है. पाकिस्तान इसे अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी बताता है, लेकिन तालिबान इसे कब्जे और दमन का प्रतीक मानता है.
तालिबान को पाकिस्तान के बीच धीरे-धीरे क्लैश बढ़ता गया.

दुश्मनी कैसे शुरू हुई?

दुश्मनी की शुरुआत ब्रिटिश काल से हुई, लेकिन पाकिस्तान के जन्म के बाद यह और गहरी हो गई. 1947 में जब पाकिस्तान बना, अफगानिस्तान ने इसे मान्यता देते समय डूरंड लाइन पर आपत्ति जताई. उसके बाद दोनों देशों के बीच कई बार सीमा विवाद, फायरिंग और टकराव हुए. पाकिस्तान, अफगानिस्तान पर आरोप लगाता है कि वह अपने इलाके में छिपे आतंकवादियों को समर्थन देता है. वहीं अफगिस्तान पाकिस्तान पर पश्तूनों को दबाने और सीमा पर अत्याचार का आरोप लगाता है. पश्तून तालिबान और पाकिस्तानी सेना के बीच का गहरा अविश्वास इसी विवाद से पैदा हुआ. पाकिस्तान ने तालिबान के खिलाफ कई अभियान चलाए लेकिन तालिबान इसे पश्तून विरोधी कार्रवाई मानता है. दोनों तरफ से लगातार आरोप-प्रत्यारोप चलते रहते हैं.

वर्तमान में क्या है हालात?

आज भी जब तालिबान अफगानिस्तान पर काबिज है, पाकिस्तान डूरंड लाइन की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहता है. पाकिस्तान ने सीमा पर बाड़ और चौकियां बनाई हैं, जिसे तालिबान लगातार चुनौती देता है. दोनों देशों के बीच व्यापार, यात्रा और सुरक्षा सहयोग भी इसी विवाद की वजह से प्रभावित रहता है. कभी-कभी सीमा पर गोलीबारी होती है, तो कभी राजनयिक संबंध तन जाते हैं. डूरंड लाइन सिर्फ एक भौगोलिक रेखा नहीं है. यह औपनिवेशिक काल की गलती का नतीजा है, जिसने एक समुदाय को दो टुकड़ों में बांट दिया. पश्तूनों की एकता, परिवार और संस्कृति पर इसका गहरा असर पड़ा. पाकिस्तान और अफगानिस्तान की दुश्मनी का असली कारण यही है. जब तक दोनों देश इस ऐतिहासिक गलती को स्वीकार नहीं करेंगे और पश्तूनों की भावनाओं का सम्मान नहीं करेंगे, तब तक शांति मुश्किल रहेगी. डूरंड लाइन आज भी दोनों देशों के बीच अविश्वास और टकराव की सबसे बड़ी वजह बनी हुई है. यह विवाद दिखाता है कि ये विवाद आज भी एशिया के दो पड़ोसी देशों को शांति से जीने नहीं दे रही है.
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

बांग्लादेश की ऑस्ट्रेलिया पर ऐतिहासिक जीत……..

बांग्लादेश की ऑस्ट्रेलिया पर ऐतिहासिक जीत……..

by UB India News
August 17, 2026
0

हसन महमूद और मेहदी हसन मिराज की घातक गेंदबाजी से बांग्लादेश ने पहले टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट...

कांग्रेस दफ्तर में पाप हुआ, सोनिया गांधी को कभी माफ नहीं करेगी जनता…

कांग्रेस दफ्तर में पाप हुआ, सोनिया गांधी को कभी माफ नहीं करेगी जनता…

by UB India News
August 16, 2026
0

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वंदे मातरम् पर कांग्रेस पार्टी के रवैये पर सीधा हमला...

झारखंड में JPSC-JSSC धांधली पर आर-पार के मूड में अभ्यर्थी………

झारखंड में JPSC-JSSC धांधली पर आर-पार के मूड में अभ्यर्थी………

by UB India News
August 16, 2026
0

झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित धांधली और अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का गुस्सा अब...

होर्मुज को लेकर आई अच्छी खबर, ईरान और ओमान के बीच पक्की हुई डील !

होर्मुज को लेकर आई अच्छी खबर, ईरान और ओमान के बीच पक्की हुई डील !

by UB India News
August 16, 2026
0

होर्मुज को लेकर ईरान और ओमान के बीच चल रही डील को लेकर अच्छी खबर आई है. बताया जा रहा...

पूरा क्यों नहीं गाया जाता था वंदे मातरम, किसने हटाए थे बाकी अंतरे?

पूरा क्यों नहीं गाया जाता था वंदे मातरम, किसने हटाए थे बाकी अंतरे?

by UB India News
August 16, 2026
0

बीते 15 अगस्त को देश ने अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया. इस दौरान पीएम मोदी से संबोधन से पहले राष्ट्रगीत...

Next Post
पीएम मोदी सेशेल्स की यात्रा पर हैं जहा कभी राजीव गांधी सरकार ने ‘फ्लॉवर आर ब्लूमिंग’ अभियान चला तख्तापलट रोका था…………..

पीएम मोदी सेशेल्स की यात्रा पर हैं जहा कभी राजीव गांधी सरकार ने 'फ्लॉवर आर ब्लूमिंग' अभियान चला तख्तापलट रोका था..............

8वें वेतन आयोग में केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी का गणित पूरी तरह बदल सकता है………….

8वें वेतन आयोग में केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी का गणित पूरी तरह बदल सकता है.............

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend