जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस के एवियन शहर पहुंचे चुके हैं. पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि दुनिया के नेताओं से बातचीत करने और अहम वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श करने का बेसब्री से इंतजार है. उन्होंने कहा कि भारत समृद्ध दुनिया के लिए सामूहिक प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है. पीएम यहां कनाडा, यूके और यूएई के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे. पीएम मोदी से पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फ्रांस पहुंचे जहां राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और उनकी पत्नी ब्रिगिट ने उनका स्वागत किया.
क्या उठेगा भारतीयों के हत्या का मुद्दा?
एक बड़ा सवाल ये भी है कि क्या पीएम मोदी जी-7 के मंच पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी हमले में मारे गये तीन भारतीय नाविकों को लेकर सवाल करेंगे. तीन भारतीयों की मौत के लिए माफी मांगने के बजाय उल्टा अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि इलाके में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से तैनात अमेरिकी सेना के आदेशों का सभी कमर्शियल जहाजों को तुरंत पालन करना चाहिए. इसे लेकर भारत में गुस्सा है तो वहीं अमेरिका के रवैये पर लगातार सवाल भी उठ रहे हैं.
ट्रंप-पीएम मोदी की होगी मुलाकात: व्हाइट हाउस
व्हाइट हाउस ने शनिवार (13 जून 2026) को कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले हफ्ते फ्रांस में होने वाले जी7 समिट के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दुनिया के दूसरे नेताओं से मुलाकात करेंगे. दोनों नेताओं के बीच प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर जारी बातचीत में हुए विकास की समीक्षा करने की उम्मीद है. अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप 17 जून को पीएम मोदी के साथ एक द्विपक्षीय बैठक करेंगे, जिसके बाद वे जी7 नेताओं, सहयोगी भागीदारों और तकनीकी अधिकारियों के साथ एक वर्किंग लंच में शामिल होंगे.
ट्रंप से क्यों नाराज हैं यूरोपीय देश
मिडिल ईस्ट में हाल के समय से जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने सहयोगी देशों को लेकर जिस तरह से टिप्पणी की है, उसे लेकर यूरोपीय देश के नेताओं में काफी नाराजगी है. ऐसे में जी7 में ट्रंप की मौजूदगी पर सबकी निगाहें टिकी है. इस साल इस वर्ष फरवरी से जारी भारी तनाव के बीच, आखिरकार अमेरिका और ईरान ने एक शांति समझौते पर सहमति जताई है. पिछले कुछ महीनों के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा जी-7 के कई सहयोगी देशों के प्रति अपनाए गए कड़े और तल्ख रुख के कारण पुराने मतभेद एक बार फिर उभर आए हैं.
हाल के दिनों में उनके बयानों ने उन वैश्विक नेताओं के साथ भी वैचारिक टकराव की स्थिति पैदा कर दी है, जिनके साथ उनके संबंध पहले काफी बेहतर और सम्मानजनक हुआ करते थे. दरअसल, ट्रंप की इस नाराजगी की वजह ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल संघर्ष में अमेरिका के सहयोगियों की शामिल ना होने की इच्छा है. हालांकि, असल में, जी7 के साथ राष्ट्रपति के संबंध सालों से खराब रहे हैं. इसकी शुरुआत अमेरिकी राष्ट्रपति के पहले कार्यकाल के दौरान तनाव भरे समिट से शुरू हुई थी.
ट्रंप-मैक्रों के बीच का समीकरण बदला
ट्रंप इस साल के समिट के होस्ट, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को सबसे लंबे समय से जानते हैं. हालांकि, हाल के समय में मैक्रों को लेकर ट्रंप की टिप्पणी ने दोनों नेताओं के बीच के समीकरण को बदला है. हाल के समय में ट्रंप कभी मैक्रों पर टिप्पणी करते नजर आए तो कभी व्यक्तिगत तौर पर मैक्रों की शादी को लेकर टिप्पणी की. ऐसे हालात में मैक्रों हाल के समय में अपने अमेरिकी समकक्ष के साथ ज्यादा नाराज दिखे. ऐसे में जी7 में ट्रंप के साथ भी देशों के रुख पर सबकी निगाहें टिकी हैं.
जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने एवियन पहुंचे प्रधानमंत्री, तस्वीर के जरिए दिया संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए फ्रांस के एवियन शहर पहुंच चुके हैं। वहां पहुंचते ही उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके इसकी जानकारी दी और कहा कि वे दुनिया के बड़े नेताओं के साथ वैश्विक मुद्दों पर बातचीत करने के लिए बेहद उत्सुक हैं। पीएम मोदी ने साफ किया कि भारत पूरी दुनिया को अधिक सुरक्षित, समृद्ध और टिकाऊ बनाने के लिए सभी देशों के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस दौरे पर वे कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ खास बैठकें भी करेंगे।
पीएम मोदी जिनेवा पहुंचने पर क्या बोले?
प्रधानमंत्री मोदी ने जिनेवा पहुंचने के बाद एक्स हैंडल पर तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने लिखा, ‘कुछ देर पहले जिनेवा पहुंचा, यहां से मैं G7 समिट के लिए एवियन जाऊंगा। एयरपोर्ट पर स्विस प्रेसिडेंट मिस्टर गाय पार्मेलिन से मुलाकात हुई। उनके साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई।






