मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि राजगीर, मुंडेश्वरी माता मंदिर, तुतला भवानी का मंदिर, उस क्षेत्र के जलप्रपात तथा वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व एरिया का हेलीकॉप्टर से सैर छह हजार रुपये में होगा। वहीं, 2100 रुपये में पटना की सैर करायी जाएगी।
इसमें बिहार सरकार अनुदान देगी, जिससे पर्यटक राज्य की सुंदरता देखेंगे। कार्यक्रम को केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव, सचिव, मत्स्यपालन भारत सरकार डॉ. अभिलक्ष लिखी, एनएफडीबी, हैदराबाद के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. विजय कुमार बेहरा ने भी संबोधित किया। मौके पर विधायक रत्नेश कुशवाहा, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक, फिशरीज के निदेशक तुषार सिंगला, जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एसएम आदि उपस्थित थे।
राजगीर, मुंडेश्वरी और वाल्मीकिनगर की भी होगी हवाई सैर
मुख्यमंत्री ने बताया कि राजगीर, मुंडेश्वरी माता मंदिर, तुतला भवानी मंदिर, आसपास के जलप्रपात और वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व जैसे पर्यटन स्थलों की हेलीकॉप्टर यात्रा भी शुरू की जाएगी।
इसके लिए प्रति व्यक्ति 6000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है, जबकि राज्य सरकार अतिरिक्त सब्सिडी भी देगी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में हाट की तर्ज पर दूध, सब्जी और मछली की एक साथ बिक्री होगी। साथ ही राज्य की प्रत्येक पंचायत और प्रखंड में मछली उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री सोमवार को मीठापुर में राष्ट्रीय मत्स्यिकी बोर्ड हैदराबाद के क्षेत्रीय कार्यालय के उद्घटान के मौके पर बोल रहे थे।
सीएम ने कहा, इसकी योजना पर तेजी से काम किया जाएगा, ताकि किसानों को इसका सीधा लाभ मिले। सहकारिता विभाग की भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका होगी। सहकारिता समितियों के माध्यम से मछली उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित कर काम होगा।
मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री पंचायती राज और मत्स्य पालन पशुपालन एवं डेयरी मंत्री ललन सिंह ने संयुक्त रूप से इसका उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बिहार की जनता की तरफ से विशेष बधाई और धन्यवाद देता हूं कि आज केंद्र सरकार की तीन योजनाओं का अलग-अलग जगहों पर शिलान्यास एवं उद्घाटन करने का मुझे मौका मिला है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में नीली क्रांति, सफेद क्रांति, कृषि क्रांति एवं कृषि रोडमैप द्वारा बिहार में किसानों, पशुपालकों एवं मत्स्यपालकों के हित के लिए कई कार्य किए गए हैं। पहले बिहार में मछली खाने के लिए नहीं मिलती थी। बिहार मछली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है। अब बिहार के मत्स्यपालक 95 प्रतिशत मछली उत्पादन कर यहां राज्यवासियों को उपलब्ध करा रहे हैं, लेकिन हमलोगों को दुनिया को मछली निर्यात करना है। बगल के झारखंड एवं नेपाल देश में अपने राज्य की मछली उपलब्ध कराना है। बिना कांटेवाली और उत्तम क्वालिटी की मछली का उत्पादन कर देश-विदेश में लोगों तक पहुंचाना है। बिहार के कई जिलों में तालाबों की संख्या है, उसे विकसित कर नीचे मछली और ऊपर पावर सोलर का उत्पादन किया जाएगा।
हर पंचायत और प्रखंड में बढ़ेगा मछली उत्पादन
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक पंचायत और प्रखंड में मछली उत्पादन को बढ़ावा देने की योजना पर काम कर रही है। इसके लिए मत्स्यपालकों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता समितियां भी मछली उत्पादन बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
गांवों में एक साथ बिकेगा दूध, सब्जी और मछली
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने हाट आधारित मॉडल विकसित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि गांवों में ऐसे बाजार विकसित किए जाएंगे जहां दूध, सब्जी और मछली की एक साथ बिक्री हो सके। इससे किसानों, पशुपालकों और मत्स्यपालकों को अपनी उपज बेचने के लिए बेहतर बाजार मिलेगा और बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी।
मत्स्यपालकों को सस्ता ऋण उपलब्ध कराने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने बिहार में मछली उत्पादन बढ़ाने के लिए कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। राज्य सरकार के अधिकारी इस दिशा में जल्द कार्य करेंगे ताकि अधिक से अधिक लोग मत्स्यपालन से जुड़ सकें।







