इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग अब अपने 13वें दिन में प्रवेश कर गई है। जंग की वजह से गंभीर होते ग्लोबल एनर्जी संकट के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान ने भारत के झंडे वाले टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत दे दी है। सूत्रों के अनुसार भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच बातचीत के बाद यह सहमति बनी है।
भारत की कूटनीति ने फिर किया कमाल
पश्चिम एशिया में ईरान-अमेरिका-इजराइल संघर्ष के बीच भारत की संतुलित कूटनीति ने फिर कमाल दिखाया है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच हुई तीसरी टेलीफोन बातचीत (मंगलवार रात) के बाद ईरान ने भारत-ध्वजांकित तेल टैंकरों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दे दी है.
मरूमध्य (Strait of Hormuz) से भारत के झंडे वाले टैंकरों को गुजरने की अनुमति देने पर सहमत हुआ है. खबरों के अनुसार भारत के दो टैंकर, ‘पुष्पक’ और ‘परिमल’, हॉर्मुज से सुरक्षित रूप से गुजर रहे हैं. यह तब हो रहा है जब अमेरिका, यूरोप और इजराइल के जहाजों को अभी भी वहां प्रतिबंधों का सामना करना पड़ रहा है.
होर्मुज स्ट्रेट से गुजरे पुष्पक और परिमल
कम से कम 2 भारतीय टैंकर, पुष्पक और परिमल के स्ट्रेटेजिक रूप से अहम स्ट्रेट से सुरक्षित गुजरने की खबर है, जबकि अमेरिका, यूरोप और इजरायल के जहाजों पर अभी भी रोक लगी हुई है। सऊदी अरब का कच्चा तेल ले जा रहा एक लाइबेरिया के झंडे वाला टैंकर, जिसका कैप्टन एक भारतीय था, भी 2 दिन पहले होर्मुज स्ट्रेट से गुजरा था और मुंबई पोर्ट पर रुका। यह भारत जाने वाला पहला जहाज बन गया जो इस वॉटरवे से सुरक्षित गुजरा। अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले के बाद से यहां समुद्री ट्रैफिक लगभग रुक गया है।
क्षेत्र में वैश्विक जहाज यातायात में भारी गिरावट आई है, लेकिन भारतीय जहाजों को विशेष छूट मिली है. हाल ही में एक थाईलैंड-ध्वजांकित जहाज पर हमला हुआ, जबकि अन्य कई जहाज ब्लॉक या हमलों का शिकार हुए हैं.
गैस और तेल दोनों की भारत को होगी पूरी आपूर्ति
यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ी राहत है, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट से वैश्विक तेल का करीब 20 फीसद हिस्सा गुजरता है. भारत ने ईरान के साथ संवाद बनाए रखते हुए खाड़ी से क्रूड ऑयल और एलएनजी की आपूर्ति सुनिश्चित की है. वहींबुधवार को जयशंकर ने रूस के विदेश मंत्री Sergey Lavrov से भी बातचीत की. रूस से भारत को तेल आपूर्ति बढ़ने के बीच दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के हालात और द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा हुई. भारत लगातार इस जंग के महौल में अपनी ऊर्जा सुरक्षित करने में लगा है.
ईरान की भू‑रणनीति, होर्मुज को हथियार की तरह इस्तेमाल
ईरान ने सीधे कहा है कि वह अमेरिका और उसके सहयोगियों के हित वाले तेल को होर्मुज से गुजरने नहीं देगा. ईरान ने कहा, ‘हम एक भी लीटर तेल को अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए गुजरने नहीं देंगे.’ यह बयान खुद साबित करता है कि ईरान इस जलडमरूमध्य को रणनीतिक हथियार की तरह उपयोग कर रहा है. दूसरे शब्दों में, होर्मुज को नियंत्रित कर ईरान दुनिया की ऊर्जा व्यवस्था को झकझोरने की क्षमता रखता है.







