डॉ. नवीन चंद्र राम गुलाम मॉरीशस के मौजूदा प्रधानमंत्री हैं, जो फिलहाल भारत दौरे पर हैं और 12 सितंबर 2025 को अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी के बाद रामनगरी अयोध्या मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीन चंद्र राम गुलाम के स्वागत के लिए तैयार है। डॉ. राम गुलाम शुक्रवार को अयोध्या पहुंचकर भगवान रामलला का दर्शन पूजन करेंगे। उनके साथ परिवार के सदस्य, मॉरीशस प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी और कैबिनेट के मंत्री भी मौजूद रहेंगे।
मॉरीशस के PM नवीनचंद्र रामगुलाम ने पत्नी के साथ शुक्रवार को वाराणसी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए। बाबा विश्वनाथ का षोडशोपचार विधि से अभिषेक भी किया। करीब आधे घंटे तक बाबा के दरबार में रहे। इसके बाद अयोध्या के लिए रवाना हो गए और रामलला का दर्शन करेंगे। वहां से दोपहर डेढ़ बजे वह दिल्ली के लिए रवाना होंगे। वहीं PM के स्वागत के लिए सीएम योगी अयोध्या एयरपोर्ट पहुंच गए हैं।
इससे पहले, गुरुवार शाम को मॉरीशस PM दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती में शामिल हुए। उनके साथ पत्नी और 70 डेलीगेट्स भी थे। उन्होंने गंगा को पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद लिया और पत्नी के साथ सेल्फी भी ली।
मॉरीशस PM बुधवार शाम को काशी पहुंचे थे। गुरुवार को उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता की थी। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा था- भारत और मॉरीशस पार्टनर नहीं, परिवार हैं। यह सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक मिलन है।
वहीं, मॉरीशस PM ने कहा था-वाराणसी पहुंचने पर मुझे और मेरी पत्नी को मिले स्वागत से हम आश्चर्यचकित रह गए। मेरा मानना है कि किसी भी अन्य प्रधानमंत्री को ऐसा स्वागत कभी नहीं मिला होगा। मैं समझ सकता हूं कि आप इतनी बड़ी जीत कैसे दर्ज करते हैं।
इसके बाद वह प्रयागराज-लखनऊ हाईवे से होते हुए लगभग 15 किलोमीटर दूर राम मंदिर पहुंचेंगे। राम मंदिर में प्रधानमंत्री करीब डेढ़ घंटे रुकेंगे। इस दौरान वह रामलला और राजाराम का पूजन करेंगे। साथ ही मंदिर निर्माण कार्य का अवलोकन करेंगे और राम जन्मभूमि परिसर स्थित जटायु व अंगद टीले पर पहुंचकर शिव का जलाभिषेक भी करेंगे।
भारत और मॉरीशस के रिश्ते हमेशा मधुर रहे हैं। राजनयिक, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। सुरक्षा के लिए एयरपोर्ट से लेकर मंदिर परिसर तक विशेष इंतजाम किए गए हैं और सभी सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। मॉरीशस के प्रधानमंत्री दोपहर एक बजे महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट से देहरादून के लिए रवाना हो जाएंगे।
मुख्य जानकारी
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डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम मॉरीशस के तीसरी बार प्रधानमंत्री बने हैं; 2024 से उनकी वर्तमान पारी चल रही है।
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उनके पूर्वज भारत के बिहार राज्य के भोजपुर (आरा) जिले के हरीगांव से थे, जो 19वीं सदी में गिरमिटिया मजदूर के रूप में मॉरीशस गए थे।
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उनका भारत-अयोध्या दौरा धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का है, जिसमें वह वाराणसी, काशी विश्वनाथ मंदिर व अयोध्या सहित कई धार्मिक स्थलों पर जा रहे हैं।
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शुक्रवार, 12 सितंबर 2025 को अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनके स्वागत के लिए उपस्थित हैं। वे रामलला और राम दरबार के दर्शन करेंगे और मंदिर परिसर के अन्य भागों का भ्रमण भी करेंगे।
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उनका यह दौरा भारत और मॉरीशस की गहरी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों को और मजबूत करता है।
अयोध्या दौरे की विशेषताएँ
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डॉ. राम गुलाम का स्वागत रेड कारपेट के साथ किया गया।
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उनके साथ परिवार, मंत्रीगण और प्रतिनिधिमंडल भी अयोध्या पहुँचे हैं।
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अयोध्या में उनकी अगवानी और दर्शन से पूर्व सुरक्षा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और मंदिर के कुबेर टीले पर पूजन का विशेष कार्यक्रम रखा गया है।
आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व
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रामलला के दर्शन और अयोध्या यात्रा स्थानीय संस्कृति, सनातन परंपरा और भारतीय विरासत से उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाते हैं।
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उनका यह दौरा दोनों देशों के लोगों के बीच भावनात्मक और आध्यात्मिक संबंध को और प्रगाढ़ करता है।
डॉ. नवीन चंद्र राम गुलाम का भारत—विशेष रूप से अयोध्या—दौरा भारत-मॉरीशस संबंधों, भारतीय परंपरा और प्रवासी भारतीय इतिहास का एक ऐतिहासिक अवसर है।
डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम की अयोध्या यात्रा का मुख्य उद्देश्य धार्मिक, सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंधों को और मजबूत करना है।
यात्रा के उद्देश्यों का विवरण
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धार्मिक-सांस्कृतिक जुड़ाव: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में भगवान रामलला के दर्शन, पूजा और मंदिर परिसर का भ्रमण, जिससे मॉरीशस के भारतवंशी समुदाय की सांस्कृतिक जड़ों और आस्थाओं को सम्मान मिलता है।
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मंदिर निर्माण कार्य का अवलोकन: मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्य की प्रगति जानना और इसकी भव्यता का अनुभव लेना भी यात्रा का हिस्सा है।
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भारत–मॉरीशस मित्रता का प्रतीक: यह दौरा भारत और मॉरीशस के बीच ऐतिहासिक, धार्मिक और पारिवारिक रिश्तों को और प्रगाढ़ करने के लिए है, क्योंकि मॉरीशस की बड़ी आबादी भारतीय मूल की है।
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कूटनीतिक महत्व: अयोध्या यात्रा दोनों देशों के आपसी सहयोग, मित्रता, और वैश्विक मंच पर साझेदारी को विशेष मजबूती देती है।
यह यात्रा एक मजबूत भारतीय-प्रवासी संबंध, धार्मिक-सांस्कृतिक एकता और द्विपक्षीय कूटनीति का विशेष अवसर है।







