संसद के मानसून सत्र के आखिरी दिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राजनीतिक दलों से अपने बर्ताव पर नियंत्रण रखने का आह्वान किया। बिरला ने कहा कि संसद के अंदर और बाहर सांसदों की भाषा गरिमामय होनी चाहिए। लोकसभा स्पीकर ने सांसदों को लताड़ लगाते हुए कहा कि सदन में विपक्ष का आचरण लोकतंत्र के मूल्यों के अनुरूप नहीं रहा। ये संसद की गरिमा के अनुसार नहीं है। देश की जनता देख रही है कि किस तरह से अहम मुद्दों पर चर्चा को बाधित किया जा रहा है।
राज्यसभा में मानसून सत्र के पहले दिन बिल ऑफ लैडिंग बिल 2025 ही बिना किसी व्यवधान के पास किया गया। दूसरे विधेयक हंगामे के बीच कुछ चर्चा के बाद या विपक्षी दलों के बायकॉट के बाद ही पास किए गए।
दरअसल, विपक्षी सांसद बिहार SIR पर चर्चा कराने की मांग करते रहे। उनके विरोध और हंगामे के कारण दोनों सदनों में कार्यवाही नहीं हो सकी।
बीते दिन लोकसभा में अमित शाह ने तीन बिल पेश किए तो विपक्ष ने उसकी कॉपी फाड़कर कागज गृह मंत्री पर उछाल दिए। वहीं, ऑनलाइन मनी गेम्स पर पूरी तरह से बैन लगाने वाले ऑनलाइन गेमिंग प्रमोशन और रेगुलेशन बिल, 2025 लोकसभा से पास हुआ।
जबकि राज्यसभा में असम के गुवाहाटी में देश का 22वां भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) बनाने के लिए भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2025 पारित हुआ। असम में अगले साल की शुरुआत में चुनाव होने हैं।
राज्यसभा में शाह तीन विधेयकों को JPC को भेजेंगे
अमित शाह राज्यसभा में तीन विधेयकों को जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (JPC) को भेजने का प्रस्ताव पेश करेंगे। गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में इससे संबंधित तीन बिल पेश किए थे। इन विधेयक में प्रस्ताव है कि प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री या किसी भी मंत्री को गिरफ्तारी या 30 दिन तक हिरासत में रहने पर पद छोड़ना होगा। शर्त यह है कि जिस अपराध के लिए हिरासत या गिरफ्तारी हुई है, उसमें 5 साल या ज्यादा की सजा का प्रावधान हो।







