आज पूरी दुनिया की नजर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच अलास्का में होने वाली मीटिंग पर टिकी हुई है. छह साल बाद दोनों नेताओं की यह मुलाकात मुख्य रूप से रूस-यूक्रेन युद्ध के तीन साल से जारी संकट को हल करने के मकसद से हो रही है.
ट्रंप-पुतिन की यह अहम मीटिंग अलास्का के सबसे बड़े शहर एंकोरेज में स्थित अमेरिकी मिलिट्री बेस पर आयोजित की गई है. दोनों नेताओं के बीच बातचीत का पूरा विवरण सार्वजनिक नहीं किया जाएगा, लेकिन मुलाकात के बाद दोनों प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. आइए जानते हैं इस ऐतिहासिक मीटिंग से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें, कैसे तैयारियां हुईं, सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए और किन खास व्यवस्थाओं पर पूरा ध्यान रखा गया.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अलास्का के एलमेंडॉर्फ रिचर्डसन मिलिट्री बेस में आमने-सामने मुलाकात कर रहे हैं. पूरी दुनिया और खासकर यूक्रेन इस मीटिंग पर नजर गड़ाए हुए है, क्योंकि यहां से युद्ध खत्म होने की उम्मीद भी निकल सकती है और नया मोड़ भी.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का चेतावनी भरा बयान कि अगर उनकी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से यूक्रेन वार्ता विफल रही तो “गंभीर परिणाम” होंगे. रूस 2024 में अमेरिका के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा तेल उत्पादक था.अगर बातचीत सफल हुई और रूस पर से प्रतिबंध हटे, तो वैश्विक बाजार में रूसी तेल की सप्लाई बढ़ सकती है.लेकिन ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर युद्ध नहीं रुका तो वे रूसी तेल खरीदने वाले देशों — खासकर चीन और भारत-पर सेकेंडरी टैरिफ लगा सकते हैं.इस अनिश्चितता ने बाजार में बुलिश रिस्क प्रीमियम जोड़ दिया है.अगले महीने अमेरिकी फेडरल रिज़र्व (Fed) द्वारा ब्याज दर में कटौती की मजबूत उम्मीद.
क्या बोले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन?
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रयासों की प्रशंसा की है। पुतिन ने क्रेमलिन की ओर से जारी एक वीडियो में कहा कि ट्रंप प्रशासन शत्रुता को समाप्त करने के लिए काफी सक्रिय और ईमानदार प्रयास कर रहा है। पुतिन ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ऐसे समझौते पर पहुंचने की कोशिश में है जो सभी संबंधित पक्षों के हित में हों। पुतिन ने यह भी सुझाव दिया कि परमाणु हथियार नियंत्रण पर अमेरिका के साथ एक समझौते के तहत “हमारे देशों के बीच, यूरोप में और समग्र रूप से विश्व में शांति की दीर्घकालिक स्थिति” स्थापित की जा सकती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?
अलास्का में वार्ता से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि पुतिन उनके साथ नहीं उलझेंगे। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने स्वीकार किया कि पुतिन यूक्रेन पर पूर्ण क्षेत्रीय नियंत्रण हासिल करना चाहते हैं। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके अमेरिकी राष्ट्रपति रहते ऐसा नहीं होगा। उन्होंने कहा,’मुझे लगता है कि राष्ट्रपति पुतिन एक समझौता देखना चाहेंगे। यह एक ऐसा युद्ध है जो कभी नहीं होना चाहिए था। मेरी राय में अगर मैं राष्ट्रपति नहीं होता, तो वो उड़कर पूरे यूक्रेन पर कब्जा कर लेते। लेकिन मैं राष्ट्रपति हूं, वो मेरे साथ खिलवाड़ नहीं करेंगे।’
कब होगी वार्ता?
इस बीच यहां यह भी बता दें कि, क्रेमलिन की ओर से बताया गया है कि ट्रंप और पुतिन के बीच बैठक स्थानीय समयानुसार सुबह 11:30 बजे शुरू होगी। पुतिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने पत्रकारों को बताया कि ट्रंप और पुतिन पहले आमने-सामने की बैठक करेंगे, उसके बाद दोनों प्रतिनिधिमंडलों के बीच बैठक होगी। इसके बाद एक संयुक्त प्रेस वार्ता होगी।
1. मीटिंग की तैयारी: सिर्फ सात दिन में पूरी तैयारी
पिछले शुक्रवार ट्रंप ने ऐलान किया कि वो लोग अलास्का में मिलेंगे. ऐसी हाई प्रोफाइल मीटिंग्स आमतौर पर महीनों पहले से प्लान होती हैं, लेकिन ये बस एक हफ्ते में फाइनल हो गई. CNN के मुताबिक, जल्दी-जल्दी में ऑर्गनाइजर्स ने अलास्का के कुछ और शहर भी देखे, लेकिन आखिर में पता चला कि सिर्फ एंकोरेज ही ठीक रहेगा. वैसे, एंकोरेज क्रेमलिन से करीब 4,300 मील दूर है और व्हाइट हाउस से करीब 3,300 मील, तो कह सकते हैं कि ये दोनों के लिए लगभग बीच का पॉइंट है.
2. सुरक्षा और उपकरण: हर छोटे-बड़े इंतजाम पर ध्यान
जॉइंट बेस पर आम लोगों के आने की पूरी तरह मनाही है और एयरस्पेस को अनधिकृत विमानों के लिए बंद कर दिया गया है. मीटिंग के दौरान संचार साधनों, सीक्रेट सर्विस के हथियारों और मेडिकल उपकरणों को दूसरे अमेरिकी शहरों से यहां शिफ्ट किया गया. पुतिन की सुरक्षा के लिए रूस की एजेंसियों ने भी अपने हथियार, उपकरण और जरूरी सामान बेस पर पहुंचाए. सिटी में VVIP सुरक्षा के लिए जरूरी गाड़ियों की कमी को पूरा करने के लिए अमेरिका और रूस ने मुख्य भूभाग और स्पेशल विमानों से गाड़ियाँ भेजीं.
3. दोनों नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था बराबर
ट्रंप और पुतिन दोनों के लिए सुरक्षा और सुविधा के इंतजाम समान रूप से किए गए हैं. निजी सुरक्षा कर्मियों की संख्या, ट्रांसलेटर, डेलीगेशन में शामिल लोग, कन्वॉय में गाड़ियाँ और सुरक्षा उपकरण, सब बराबर मात्रा में जुटाए गए हैं. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि दोनों नेताओं को समान स्तर की सुरक्षा और सुविधा मिले.
मुलाकात में क्या होगी चर्चा?
हालांकि दोनों नेताओं के बीच होने वाली बातचीत का पूरा ब्योरा सार्वजनिक नहीं है, लेकिन दुनिया की निगाहें मुख्य रूप से रूस-यूक्रेन युद्ध की दिशा पर टिकी हुई हैं. ट्रंप ने पुतिन को चेतावनी भी दी है कि अगर पुतिन सीजफायर पर सहमत नहीं होते हैं तो इसके परिणाम गंभीर होंगे. मगर पुतिन को भी मनाना इतना आसान नहीं है. उनकी भी अपनी कुछ शर्ते हैं जिसे वो चाहेंगे कि पूरी हो. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मीटिंग के बाद दोनों नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, जिसमें संभावित हल और बातचीत के परिणाम सामने आएंगे.







