लोकसभा में शुक्रवार को राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक 2025 पेश किया जाएगा। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया इस विधेयक को पेश करेंगे। साथ ही खेल मंत्री डोपिंग रोधी विधेयक 2022 में कुछ संशोधन का प्रस्ताव भी सदन में पेश करेंगे। राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक 2025 में खेल के विकास और खेल को बढ़ावा देने के प्रावधान हैं। साथ ही खिलाड़ियों के कल्याण, खेल प्रशासन को विश्वस्तरीय बनाने आदि के प्रावधान हैं।
राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित
संसद में विपक्ष का हंगामा जारी है और एक बार फिर से सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी है। लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक और राज्यसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई है।
लोकसभा की कार्यवाही फिर शुरू
स्थगन के बाद लोकसभा की कार्यवाही फिर से शुरू हो गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूडी ने कहा, ‘मुझे समझ नहीं आता, कभी वो फर्जी वोटरों की बात करते हैं, कभी वोटरों के नाम हटाने की शिकायत करते हैं। वो क्या चाहते हैं? चुनाव आयोग ने 1 अगस्त को नोटिस जारी किया है। उन्हें जाकर चुनाव आयोग को उन वोटरों के बारे में बताना चाहिए जिनके नाम सूची से बाहर रह गए हैं।’
लोकसभा में शुक्रवार को कुछ निजी सदस्यों के विधेयकों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राजीव प्रताप रूडी मानसिक स्वास्थ्य देखभाल (संशोधन) विधेयक, 2024 में धारा 2 में बदलाव सहित संशोधनों का प्रस्ताव रखेंगे। इसके अलावा, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के कल्याण संबंधी समिति की विभिन्न रिपोर्टें भी निचले सदन में पेश की जाएंगी, जहां भाजपा के सांसद गणेश सिंह और रामवीर सिंह बिधूड़ी ‘सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय (सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग) के अंतर्गत ओबीसी के कल्याण हेतु विभिन्न उपायों/योजनाओं का कार्यान्वयन, और भारत सरकार तथा केंद्र शासित प्रदेशों के अंतर्गत पदों और सेवाओं में ओबीसी के लिए आरक्षण नीति का निर्माण और कार्यान्वयन, और कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय से संबंधित कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के अंतर्गत विभिन्न विभागों/संगठनों/संस्थानों में रोजगार में ओबीसी का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने और उनके कल्याण के लिए किए गए उपाय’ जैसे विषयों पर आठवीं और नौवीं रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल आज भारतीय बंदरगाह विधेयक 2025 भी लोकसभा में पेश करेंगे। इस विधेयक में बंदरगाह संबंधी कानून, एकीकृत बंदरगाह विकास को बढ़ावा देने, व्यापास आसान करने और भारत की तटीय रेखा का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल और विकास करने जैसे प्रावधान हैं। विधेयक में स्टेट मेरीटाइम बोर्ड के गठन, प्रबंधन, मेरीटाइम स्टेट डेवलेपमेंट काउंसिल के गठन और बंदरगाहों के विकास पर फोकस किया गया है। साथ ही प्रदूषण, आपदा, आपात स्थिति, सुरक्षा, परिवहन और डेटा आदि की समस्या से निपटने की भी व्यवस्था की गई है।