कंबोडिया और थाईलैंड के बीच विवादित सीमा को लेकर तनाव चरम पर पहुंच गया है. कंबोडिया और थाईलैंड ने एक दूसरे पर हमला कर दिया है और हमलों में कम से कम 9 नागरिकों की मौत हो गई है. बात सिर्फ गोलीबारी पर नहीं रुकी है, थाईलैंड सेना ने पुष्टि की है कि थाईलैंड ने दो कंबोडियाई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले शुरू किए हैं. इससे कुछ घंटे पहले ही दोनों देशों ने एक दूसरे के साथ राजनयिक संबंधों को न्यूनतम स्तर पर ला दिया था.
दोनों पक्षों में जारी संघर्ष में अब तक 9 लोगों के मारे जानी की खबर सामने आई है। इधर कंबोडिया के रॉकेट हमले के जवाब में थाईलैंड ने नोम पेन्ह पर एफ-16 फाइटर जेट से हमला किया है। “द नोम पेन्ह पोस्ट” की खबर में दावा किया गया है कि थाईलैंड ने कंबोडिया पर बृहस्पतिवार को 6 एफ-16 फाइटर जेट से हमला किया। इस दौरान कंबोडिया ने थाईलैंड के एक फाइटर जेट को मार गिराया है।
एपी की रिपोर्ट के अनुसार हमलों के बीच कम से कम 9 आम नागरिकों की मौत की खबर सामने आई है. थाई सेना ने कहा कि सबसे ज्यादा मौतें सी सा केट प्रांत में हुईं, जहां एक गैस स्टेशन पर हमले में छह लोग मारे गए. तीन सीमावर्ती प्रांतों में कम से कम 14 लोग घायल हो गए. थाई सेना ने कहा कि उसने गुरुवार को कंबोडिया में जमीनी सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए, जबकि कंबोडियाई रक्षा मंत्रालय ने कहा कि थाई जेट विमानों ने प्राचीन प्रीह विहार मंदिर के पास एक सड़क पर बम गिराए. थाई रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सुरसंत कोंगसिरी ने कहा कि सीमा पर कम से कम छह क्षेत्रों में झड़पें जारी हैं. पहली झड़प गुरुवार सुबह थाईलैंड के सुरीन प्रांत और कंबोडिया के ओद्दार मीनची प्रांत की सीमा पर प्राचीन ता मुएन थॉम मंदिर के पास एक इलाके में हुई.
कंबोडियाई पीएम ने कहा-थाई सेना ने शुरू की जंग
द नोम पेन्ह पोस्ट के अनुसार कंबोडिया के ता मुएन थॉम मंदिर, ता क्राबेई मंदिर, मोम बेई इलाका और प्रेह विहेयर मंदिर के आसपास हमले किए गए हैं। सुबह से दोनों देशों में जंग जारी है।। इन स्थानों को संघर्ष के मुख्य बिंदुओं के रूप में चिन्हित किया गया है। कंबोडियाई नेतृत्व का कहना है कि थाई सेना ने हमला शुरू किया, जो कि उनके द्वारा घोषित “चकपोंग फुवनात सैन्य रणनीति” के तहत किया गया पहला बड़ा आक्रमण है। प्रधानमंत्री हुन मानेट ने बताया कि थाई बलों ने ओदार मीन्चे प्रांत में स्थित कंबोडियाई सेना की चौकियों पर हमला किया और फिर मोम बेई क्षेत्र तक हमले का दायरा बढ़ा दिया। “कंबोडिया हमेशा शांति से मसलों को सुलझाने का पक्षधर रहा है, लेकिन इस बार हमारे पास बलपूर्वक जवाब देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।
देश की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा कर रही सरकार
पीएम ने आगे बताया कि कंबोडियाई सरकार सेना और प्रशासन पूरी मजबूती के साथ राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा में जुटे हुए हैं। साथ ही थाई हमलों से प्रभावित नागरिकों को भी सहायता प्रदान की जा रही है। सीनेट अध्यक्ष हुन सेन ने भी हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि थाई सेना ने 23 जुलाई को ता मुएन थॉम मंदिर को बंद करने का आदेश दिया था, जिसके एक दिन बाद हमले शुरू हो गए। “कंबोडियाई सेना के पास अब प्रतिकार और जवाबी कार्रवाई के अलावा कोई रास्ता नहीं है।”
पीएम हुन सेन ने की देश से ये अपील
थाईलैंड के हमलों को देखते हुए कंबोडिया के पीएम हुन सेन ने नागरिकों से घबराने, राशन जमा करने या कीमतें बढ़ाने से बचने की अपील की है।
उन्होंने कहा, “केवल ओदार मीन्चे और प्रेह विहेयर प्रांतों की सीमा क्षेत्रों को छोड़कर बाकी सभी क्षेत्रों में जनजीवन सामान्य बनाए रखें। ”इधर थाई पीबीएस वर्ल्ड की रिपोर्ट के मुताबिक थाई सेना ने “चकपोंग फुवनात सैन्य रणनीति” फिर से लागू की है। यह वही रणनीति है जो 2008 से 2011 के बीच प्रेह विहेयर मंदिर विवाद में भी इस्तेमाल की गई थी।
कंबोडियाई पत्रकार ने किया दावा
कंबोडियाई पत्रकार सोई सोफीप के मुताबिक थाईलैंड ने लड़ाई के मैदानों में 6 F-16 लड़ाकू विमानों से बमबारी की है। कंबोडियाई सेना का दावा है कि उन्होंने एक थाई फाइटर जेट को मार गिराया है।सीमा पर हालात बेहद तनावपूर्ण हैं और दोनों पक्षों ने आम जनता से शांति बनाए रखने और सरकार पर भरोसा रखने की अपील की है।







