संसद मानसून सत्र का आज दूसरा दिन है। पहले दिन विपक्ष ने पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की मांग उठाई थी, जिसके बाद हुए हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी थी। हालांकि राज्यसभा ने सोमवार को चर्चा के बाद ध्वनिमत से पोत परिवहन क्षेत्र से संबंधित ‘वहन-पत्र विधेयक 2025’ को मंजूरी प्रदान कर दी थी।
संसद के मानसून सत्र का मंगलवार को दूसरा दिन है। पहला दिन काफी हंगामेदार रहा और विपक्ष ने ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम आतंकी हमले पर चर्चा की मांग को लेकर नारेबाजी की। सरकार ने भी विपक्ष की मांग मान ली है और चर्चा के लिए तैयार हो गई है। वहीं उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के मानसून सत्र के पहले दिन अचानक इस्तीफा देने ने भी चौंकाया और आज ये भी मुद्दा गरम रह सकता है।
लाइव अपडेट
10:17 AM, 22-JUL-2025
‘सिर्फ वे ही बता सकते हैं इस्तीफे की वजह’
उपराष्ट्रपति के इस्तीफे को लेकर जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा कि ‘सिर्फ वे ही (उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़) ही जानते हैं कि इस्तीफे की क्या वजह है। हम इस बारे में कुछ नहीं कह सकते। या तो सरकार को इसके बारे में पता है या फिर खुद उन्हें। यह सरकार पर है कि वे उनका इस्तीफा स्वीकार करते हैं या नहीं।’
10:13 AM, 22-JUL-2025
उपराष्ट्रपति के इस्तीफे पर बोले एमडीएमके सांसद
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर एमडीएमके के सांसद दुरई वाइको ने कहा कि ‘यह बेहद चौंकाने वाला रहा। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर इस्तीफा दिया है। मैं उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए कामना करता हूं।’
10:05 AM, 22-JUL-2025
गौरव गोगोई ने दिया स्थगन प्रस्ताव
कांग्रेस के लोकसभा सांसद गौरव गोगोई ने बिहार मतदाता सूची की जांच के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव दिया है। साथ ही लोकसभा सांसद सप्तगिरि शंकर उलाका ने ओडिशा में छात्रा के आत्मदाह के मामले पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव दिया है।
09:18 AM, 22-JUL-2025
बिजनेस ऑफ सस्पेंशन नोटिस दिया गया
राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने भी बिजनेस ऑफ सस्पेंशन नोटिस दिया है और बिहार मतदाता सूची पुनरीक्षण मुद्दे पर चर्चा की मांग की है। AAP राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी नियम 267 के तहत राज्यसभा में कार्य स्थगन नोटिस दिया है और बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर चर्चा की मांग की है।
08:51 AM, 22-JUL-2025
Monsoon Session 2025 Live: बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण पर हंगामे के आसार, विपक्ष कर रहा चर्चा की मांग
ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम आतंकी हमले पर सरकार से चर्चा का आश्वासन मिलने के बाद अब विपक्ष बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहा है। इसे लेकर आज कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने स्थगन प्रस्ताव पेश किया है और बिहार मुद्दे पर तुरंत चर्चा की मांग की है। उन्होंने मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए खतरा बताया है।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 लाइव: राज्यसभा में कांग्रेस के चार सांसदों सैयद नासिर हुसैन ,नीरज डांगी , रंजीता रंजन और अखिलेश प्रसाद सिंह ने बिहार में चल रहे इलेक्शन कमीशन के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर रोल 267 के तहत स्थगन प्रस्ताव दिया गया और चर्चा की मांग की गई. बता दें कि चुनाव आयोग की इस प्रक्रिया का विपक्ष विरोध कर रहा है. विधानसभा में भी एसआईआर को लेकर आज हंगामा हो सकता है.
पहले दिन राहुल का पुराना राग, नड्डा ने खरगे से कहा- आप जो बोल रहे हैं रिकार्ड में नहीं जाएगा
संसद के मानसून सत्र का पहला दिन, हमलावर विपक्ष और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की मांग, हंगामा और स्थगन। राज्य सभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार ने कहा कि उन्हें बोलने नहीं दिया। कुछ ऐसा ही रहा पहले दिन सदन का नजारा। भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा का बयान भी खूब वायरल हुआ और अंत में सरकार दोनों सदनों में चर्चा के लिए तैयार हो गई। अभी यह सत्र 21 अगस्त तक के लिए प्रस्तावित है। 21 दिन की बैठक होनी है। बड़ा सवाल है कि क्या पहले दिन सदन में सरकार के सदन प्रबंधकों की रणनीति फ्लोर पर लड़खड़ा गई?
नेता विपक्ष बोल नहीं पाए
लोकसभा में पहले दिन विपक्ष के सासंदों ने हंगामा शुरू कर दिया। जब राहुल गांधी सदन में कुछ कहना चाहते थे, उस समय आसन पर जगदंबिका पाल थे। जगदंबिका पाल का कहना है कि वह राहुल गांधी को जरूर बोलने का समय देते, लेकिन राहुल को चाहिए था कि वह सदन में कार्यवाही को चलने में अपना सहयोग देते। अपने सांसदों को शांत कराते, वेल से बुलाते। भाजपा के सांसद संजय जायसवाल कहते हैं कि राहुल गांधी ऑपरेशन सिंदूर पर बोलना चाहते थे। उन्हें पहले इसका नोटिस देना चाहिए था। विपक्ष का नेता होने के नाते संसदीय परंपरा का पालन तो करते?
राहुल गांधी का वही पुराना राग
संसद भवन परिसर में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का जन्मदिन मनाने के बाद राहुल गांधी लोकसभा में थे। लोकसभा से बाहर आते ही उन्होंने कहा कि वह लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं और उन्हें बोलने नहीं दिया गया। वह कुछ कहना चाहते थे, लेकिन अवसर नहीं दिया गया। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी इस पर शालीनता से सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को बोलने का अवसर मिलना चाहिए था। कांग्रेस के नेताओं ने इसके बाद इसी लाइन को अपना राजनीतिक हथियार बनाया और केंद्र सरकार पर विपक्ष की आवाज को दबाकर लोकतंत्र का गला घोटने के आरोप सत्ता पक्ष पर मढ़ना शुरू कर दिया। लोकभा की कार्यवाही पहले दिन केवल 20 मिनट चली और हंगामे की भेंट चढ़ गई।
मल्लिकार्जुन खरगे और जेपी नड्डा…
मल्लिकार्जुन खरगे ने ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाया और देश के सच जानने की इच्छा जाहिर की। उन्होंने राज्यसभा में बोलते हुए कहा कि हमने सरकार को बिना शर्त समर्थन दिया है और विपक्ष को जानने का हक है। खरगे ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से 24 बार भारत-पाकिस्तान के बीच में संघर्ष विराम कराने का बयान देने का भी मुद्दा उठाया। प्रधानमंत्री पर निशाना साधा। पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की मांग। खरगे को जवाब देने के लिए भाजपा के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा खड़े हुए। जेपी नड्डा ने प्रधानमंत्री के कार्यकाल में ऑपरेशन सिंदूर को आजादी के बाद से अब तक का सबसे बेहतरीन आपरेशन बताया। सरकार की संसद में हर मुद्दे पर चर्चा कराने की मंशा जताई। लेकिन बोलते-बोलते जेपी नड्डा वह कह गए, जो वायरल हो गया। वह राज्यसभा के सभापति की भाषा बोल गए और कहा कि आपका कहा कुछ भी रिकार्ड में नहीं जाएगा।
ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार हैं। संसदीय कार्यमंत्री ने भी सदन को यही बताया। भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राज्यसभा को बताया बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में प्रस्ताव देकर आए हैं। सरकार पहलगाम हमला और ऑपरेशन सिंदूर समेत हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। अब सूचना है कि राज्यसभा में इस मुद्दे पर 9 घंटे और लोकसभा में करीब 16 घंटे चर्चा का समय रखा गया है। संसद की कार्यवाही कल तक के लिए ,स्थगित होने के बाद प्रधानमंत्री ने वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों के साथ मंत्रणा की। इसमें गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, संसदीय कार्यमंत्री किरण रिजजू समेत अन्य थे, इस मंत्रणा में सरकार ने कई अहम निर्णय लिए।







