संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले आज (20 जुलाई) सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में सरकार सभी राजनीतिक दलों से संसद के दोनों सदनों के सुचारु संचालन के लिए सहयोग मांगेगी। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले आज (20 जुलाई) सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है। बैठक सुबह 11:00 बजे संसद भवन एनेक्सी के मुख्य समिति कक्ष में शुरू हुई। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। इस बैठक में सरकार सभी राजनीतिक दलों से संसद के दोनों सदनों के सुचारु संचालन चलाने को लेकर बात कर रही है। इस सत्र में केंद्र सरकार 8 विधेयक पेश करने की योजना बना रही है।
इस बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता भाग ले रहे हैं, जहां सरकार का प्रतिनिधित्व संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और उनके कनिष्ठ मंत्री अर्जुन राम मेघवाल कर रहे हैं। कांग्रेस के गौरव गोगोई और जयराम रमेश, राकांपा-शरद पवार की सुप्रिया सुले, द्रमुक के टी.आर. बालू और आरपीआई (ए) नेता एवं केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले भी बैठक में शामिल हो रहे हैं। संसद का यह मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू होकर 21 अगस्त तक चलेगा, जिसमें कुल 21 बैठकें होंगी। गौरतलब है कि 12 अगस्त से 18 अगस्त के बीच कोई बैठक निर्धारित नहीं की गई है।
कांग्रेस ने पूछे तीन सवाल
सर्वदलीय बैठक में शामिल होने के बाद कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, इस बार हमें पहले से अधिक उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद के माध्यम से देश को संबोधित करेंगे। कई अहम मुद्दे हैं जिन पर सरकार को अपनी बात रखनी चाहिए। पहला मुद्दा पहलगाम का है और उस पर उपराज्यपाल द्वारा दिए गए बयान भी गंभीर हैं। काफी समय बीत चुका है और अब सरकार को इस पर स्पष्ट रूप से अपनी स्थिति संसद में रखनी चाहिए।
उन्होंने कहा, दूसरा मुद्दा अमेरिकी राष्ट्रपति के हालिया बयान से जुड़ा है, जो भारत की गरिमा और हमारी सेना की वीरता पर सवाल उठाने का है। इसका जवाब सिर्फ भारत के प्रधानमंत्री ही दे सकते हैं। तीसरा अहम मुद्दा मतदान के अधिकार और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ा है। आज जब चुनाव आयोग विभिन्न राजनीतिक दलों से संवाद से बच रहा है, स्पष्टता नहीं दे रहा है, तो आगामी राज्य चुनावों और लोकतांत्रिक ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री की यह जिम्मेदारी बनती है कि वे संसद में आकर सरकार का पक्ष रखें।
गोगोई ने कहा कि तीसरी बात ये है कि हमारे वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने एक बहुत ही संवेदनशील मुद्दा उठाया है। चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ हमारी सीमा पर जो दो-मोर्चे की धुरी बन गई है, वह बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हम रक्षा और विदेश नीति पर बात करें। प्रधानमंत्री मोदी का इस सदन में आना और इन तीनों विषयों पर अपने विचार रखना बहुत महत्वपूर्ण होगा।
उन्होंने कहा कि, सरकार मणिपुर से संबंधित कई विधेयक ला रही है, लेकिन प्रधानमंत्री ने पहले कहा था कि कुछ महीनों में मणिपुर में शांति लौटेगी। अब लगभग ढाई साल बीत चुके हैं, लेकिन वहां अभी भी अशांति का माहौल बना हुआ है। प्रधानमंत्री छोटे-छोटे देशों की यात्रा तो करते हैं, लेकिन अपने ही देश के एक छोटे राज्य में, जहां अब भी हालात गंभीर हैं, वहां जाने से परहेज कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि आगामी संसद सत्र में इन सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक और गंभीर चर्चा होगी, और प्रधानमंत्री इन पर सदन में अपना पक्ष स्पष्ट करेंगे।”
आप ने उठाया झुग्गियों का मुद्दा
सर्वदलीय बैठक में शामिल होने के बाद आप सांसद संजय सिंह कहते हैं, मैं सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे जेपी नड्डा से अनुमति लेकर किसी अन्य महत्वपूर्ण बैठक में जा रहा हूं। मैंने अपनी पार्टी की ओर से जो मुद्दा उठाया है, वह यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति बार-बार कह रहे हैं कि उन्होंने ट्रेड डील के नाम पर सीजफायर करवाया, सरकार को इस पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। दिल्ली में झुग्गियां तोड़ी गईं और मैंने यह मुद्दा उठाया है और सरकार को इसे रोकना चाहिए। बिहार में एसआईआर की यह कवायद बंद होनी चाहिए… अगर सरकार जवाब नहीं देती है, तो हम सदन के अंदर और बाहर सवाल उठाएंगे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इंडिया ब्लॉक केवल लोकसभा चुनावों के लिए है और आप अपने दम पर विधानसभा चुनाव लड़ रही है।
इससे पहले मीडिया को संबोधित करते हुए मंत्री रिजिजू ने कहा था कि सरकार महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मामलों और लंबित विधेयकों पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा, संसद शुरू होने वाली है। संसद में जो भी मुद्दा आएगा, हम उसे सुनेंगे। कल खरगे जी और राहुल जी के साथ मेरी बहुत अच्छी बैठक हुई। मैं अन्य विपक्षी दलों के नेताओं के साथ नियमित बैठकें करता रहता हूं। एक संसदीय मंत्री होने के नाते, सभी के साथ समन्वय बनाए रखना मेरी जिम्मेदारी है।
आठ नये विधेयक पेश करेगी केंद्र सरकार
केंद्र सरकार सोमवार (21 जुलाई 2025) से शुरू हो रहे मानसून सत्र में कुल आठ नये विधेयकों को पेश करने की योजना बनाई है जिनमें भू-विरासत स्थलों और भू-अवशेषों के संरक्षण और सुरक्षा से संबंधित एक विधेयक भी शामिल है। मानसून सत्र के लिए प्रस्तावित विधेयकों में राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक, भू-विरासत स्थल और भू-अवशेष (संरक्षण और रखरखाव) विधेयक, खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक और राष्ट्रीय डोपिंग रोधी (संशोधन) विधेयक शामिल है।